11/06/2026
The Universe has a beautiful way of bringing the right people into our lives.
As a teacher, I often feel that I don't choose my students; somehow, they choose me. And for that, I remain deeply grateful.
Aastha, your dedication and commitment inspire me. Watching your growth reminds me that yoga is not about achieving a pose—it's about becoming a stronger, calmer, and more aware version of yourself.
I feel blessed to be a small part of your journey. The Universe truly knows best
03/06/2026
अर्जुन:
हे कृष्ण, प्राणायाम क्या है?
कृष्ण:
अर्जुन, प्राणायाम का अर्थ है अपनी साँसों को समझना और उन्हें सही ढंग से चलाना।
अर्जुन:
इससे क्या लाभ होता है?
कृष्ण:
जब साँसें शांत होती हैं, तब मन भी शांत होने लगता है।
अर्जुन:
जब मन बहुत परेशान हो तो क्या करूँ?
कृष्ण:
अपनी साँसों पर ध्यान दो। धीरे-धीरे मन स्थिर होने लगेगा।
अर्जुन:
तो अष्टांग योग में प्राणायाम क्यों बताया गया है?
कृष्ण:
क्योंकि अर्जुन, जो अपनी साँसों पर ध्यान देना सीख लेता है, वह अपने मन को संभालना भी सीख जाता है।
01/06/2026
अर्जुन:
तो क्या आसन का उद्देश्य सिर्फ शरीर को फिट बनाना है?
कृष्ण:
नहीं अर्जुन, शरीर को स्थिर बनाकर मन को भीतर की ओर ले जाना ही आसन का उद्देश्य है।
अर्जुन:
कैसे जानूँ कि मैं सही आसन में हूँ?
कृष्ण:
जब शरीर में अनावश्यक तनाव न हो और मन भटकने के बजाय वर्तमान में टिक जाए, तब तुम आसन में हो।
अर्जुन:
तो अष्टांग योग में आसन क्यों बताया गया है?
कृष्ण:
क्योंकि अर्जुन, जो शरीर स्थिर नहीं बैठ सकता, उसका मन भी स्थिर नहीं रह पाता। आसन हमें भीतर की यात्रा के लिए तैयार करता है।
31/05/2026
अर्जुन:
हे कृष्ण, नियम क्या है?
कृष्ण:
अर्जुन, नियम का अर्थ है अपने जीवन में ऐसी आदतें लाना जो तुम्हें बेहतर इंसान बनाएं।
अर्जुन:
लेकिन अच्छी आदतें बनाना इतना मुश्किल क्यों लगता है?
कृष्ण:
क्योंकि पुरानी आदतों का रास्ता मन को आसान लगता है। नया रास्ता बनाने में समय और धैर्य लगता है।
अर्जुन:
अगर मैं बार-बार अपनी पुरानी आदतों में लौट जाऊँ तो?
कृष्ण:
तो स्वयं को दोष मत दो। हर बार वापस सही दिशा में लौटना ही अभ्यास है।
अर्जुन:
तो परिवर्तन का पहला कदम क्या है?
कृष्ण:
अपने विचारों, शब्दों और कर्मों को देखना शुरू करो। जागरूकता ही परिवर्तन की शुरुआत है।
अर्जुन:
तो अष्टांग योग में नियम क्यों बताया गया है?
कृष्ण:
क्योंकि अर्जुन, जीवन बड़े बदलावों से नहीं, बल्कि रोज़ के छोटे-छोटे अच्छे अभ्यासों से बदलता है। यही नियम का सार है। 🌿
28/05/2026
Arjuna : यम क्या है?
Krishna : यम का मतलब है — दूसरों के साथ अच्छा और सही व्यवहार करना।
Arjuna : अगर सामने वाला हमारे साथ गलत व्यवहार करे, तब क्या करें?
Krishna : वत्स, दूसरों का व्यवहार उनके संस्कार दिखाता है, लेकिन तुम्हारा व्यवहार तुम्हारे योग और चरित्र को।