Yog pracharak Panna

Yog pracharak Panna

Share

Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Yog pracharak Panna, Yoga studio, Indore.

29/09/2021
20/08/2020

प्लेटलेट्स बढ़ाने के कुछ आसान और जबरदस्त उपाय-

- 10-20 एमएल पपीते के पत्तों का रस पीएं

- 150 ml व्हीट ग्रास का जूस पीएं

- गाजर और चुकंदर का जूस

- रोजाना 8-10 ग्लास पानी पीएं

- रोज अनार का जूस पीएं

#स्वामी_रामदेव_जी_की_योगशाला

13/08/2020

चीटियां चैन बनाकर शक्कर को बचा रही है....

13/08/2020

किडनी के रोगों से बचने के लिए इन योगासनों को दिनचर्या में करें शामिल।

मंडूकासन

शशकासन

भुजंगासन

पवनमुक्तासन

उत्तानपादासन

नौकासन

उष्ट्रासन

#स्वामी_जी_की_योगशाला

28/04/2020

Panna tiger reserve 👍👍🌹

17/04/2020

सहजन के सूप के चमत्कारिक लाभ-

१. सहजन के सूप के नियमित सेवन से सेक्सुअल हेल्थ बेहतर होती है. सहजन महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से फायदेमंद है।

२. सहजन में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो कई तरह के संक्रमण से सुरक्षित रखने में मददगार है. इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है।

३. सहजन का सूप पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने का काम करता है, इसमें मौजूद फाइबर्स कब्ज की समस्या नहीं होने देते हैं।

४. अस्थमा की शिकायत होने पर भी सहजन का सूप पीना फायदेमंद होता है. सर्दी-खांसी और बलगम से छुटकारा पाने के लिए इसका इस्तेमाल घरेलू औषधि के रूप में किया जाता है।

५. सहजन का सूप खून की सफाई करने में भी मददगार है, खून साफ होने की वजह से चेहरे पर भी निखार आता है।

६. डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए भी सहजन के सेवन की सलाह दी जाती है।

21/01/2020

🌷 यज्ञ🌷

प्रश्न :- यज्ञ क्या है? यज्ञ के क्या अर्थ है?

उत्तर :- संसार में जितने उपकार के कार्य है ये सब यज्ञ कहलाते हैं।

यज्ञ के तीन अर्थ है -
१ - देव पूजा -
२ - संगतिकरण
३ - दान

देव पूजा किसे कहते हैं?

उत्तर :- अग्नि - आदि पदार्थों का समुचित उपयोग तथा वृद्धों, देवों अर्थात विद्वानों, संन्यासियो का पारमार्थिक सुख सम्पादन के लिए आदर- सत्कार करना।

संगतिकरण किसे कहते हैं?

उत्तर :- १ - अग्नि आदि पदार्थों के साथ यथा योग्य संगति, जिससे अनेक विधि शिल्प कार्यों की सिद्धि होती है।

२ - विद्वान महात्मा पुरूषों का संग, परमात्मा से आत्मा का संयोग या प्राप्ति करना, संगतिकरण कहलाता है।

दान किसे कहते हैं?

उत्तर :- अपने सामर्थ्य के अनुसार निष्काम भाव से सुपात्र को उसकी आवश्यकतानुसार धन, वस्त्र या अन्य पदार्थ अथवा विद्या आदि प्रदान करना दान कहलाता है। संसार में जितने भी दान है उनमें वेद- विद्या का दान सबसे उत्तम है।

प्रश्न :- पंच महायज्ञ कौन- कौन से हैं?

उत्तर :- ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ , अथितियज्ञ तथा बलिवैश्वदेवयज्ञ ये ये पांचों यज्ञ पंच महायज्ञ कहलाते है।

प्रश्न :- ब्रह्मयज्ञ किसे कहते हैं?

उत्तर :- वेदादि शास्त्रों का पठन-पाठन प्राणायाम और वैदिक सन्ध्या अर्थात् परमेश्वर की स्तुति उपासना आदि को ब्रह्मयज्ञ कहते है।

प्रश्न :- देवयज्ञ किसे कहते हैं?

उत्तर :- अग्नि होत्र से लेकर अश्वमेध पर्यन्त सब यज्ञों को देव यज्ञ कहते हैं।

प्रश्न :- पितृयज्ञ किसे कहते हैं?

उत्तर :- जीवित- माता- पिता, दादा- दादी, नाना-नानी, आचार्य तथा अन्य सब वृद्धों के सत्कार और सेवा को पितृयज्ञ कहते है।

प्रश्न :- अतिथि यज्ञ किसे कहते हैं?

उत्तर :- पूर्व सूचना के बिना कोई विद्वान, धार्मिक पुरुष, सन्यासी आदि अपने स्थान पर आवे तो उनकी सेवा सत्कार आदि करना तथा उनसे ज्ञान प्राप्त करने को अतिथि यज्ञ कहते हैं।

प्रश्न :- बलिवैश्वदेवयज्ञ किसे कहते हैं?

उत्तर :- पशु-पक्षियों, जानवरों, कौवे ,कबूतर ,कुत्ते ,कृमि आदि को जो भोजन कराया जाता है उसे बलिवैश्वदेवयज्ञ कहते है।

प्रश्न :- इन यज्ञों के करने के क्या लाभ है?

उत्तर :- इनके करने से मनुष्य धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष ( जीवन के अन्तिम लक्ष्य ) तक पहुंचने के योग्य हो जाता है🙏🙏🙏🙏

12/11/2019

गिलोय - के पौधे के सत्त में विषमज्वररोधी क्रिया पायी गयी है एवं इसमें इन्सुलिन की भांति क्रिया भी होती है। खांसी, दौर्बल्य, त्वचा संबंधित रोगों में तथा कई प्रकार के ज्वर में उत्तम कार्य करता है।

• गठिया रोग
गिलोय - के 20-30 मिली क्वाथ को सुबह-शाम पीने से गठिया में लाभ होता है।

• नेत्र रोग
गिलोय रस में त्रिफला मिलाकर क्वाथ बना लें, इसमें पीपली चूर्ण व शहद मिलाकर प्रातः सायं सेवन करते रहने से नेत्रों की ज्योति बढ़ जाती है।

• पुराना बुखार
20 मिली गिलोय स्वरस में 1 ग्राम पिपली तथा 1 चम्मच मधु का प्रक्षेप देकर प्रातः सायं सेवन करने से जीर्ण ज्वर, कफ, प्लीहा रोग, खांसी, अरुचि आदि रोग नष्ट होते हैं।

07/11/2019

गिलोय-GILOY

23/10/2019

इस दिवाली स्वदेशी से स्वदेश की भाषा, संस्कृति, सभ्यता, स्वदेश का भोजन, भजन, खेती, शिक्षा, चिकित्सा और अपनी स्वदेश की संस्कृति और सभ्यता पर गौरव रखते हुए हम अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाएं, हम महान बने और अपने राष्ट्र को बनाने के संकल्प से जुड़ें।

🌹 योग प्रचारक-केशव प्रताप सिंह चंदेल।🌹
जिला पन्ना मध्य प्रदेश
💐पवई विधानसभा क्षेत्र 💐

Want your business to be the top-listed Gym/sports Facility in Indore?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Telephone

Website

Address


Indore