14/12/2024
हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद काम्बली को लेकर कुछ वीडियोज बहुत नज़र आए, जिसमें काम्बली साफ तौर पर अस्वस्थ दिख रहे थे । उसी के साथ ये भी एक बात जो सबसे ज्यादा प्रचारित की जा रही है कि विनोद काम्बली के दुख के समय में...उनके घनिष्ठ मित्रों में एक सचिन तेंदुलकर ने उन्हें कोई सहयोग नहीं दिया ।
अभी कुछ दिन पूर्व ऐसा वीडियो भी देखा गया जिसमें इंटरव्यू लेने वाले के एक प्रश्न के उत्तर में काम्बली कहते देखे जा सकते हैं, जिसमें काम्बली ये स्वीकारते हैं कि तेंदुलकर ने एक नहीं बल्कि दो मौकों पर सर्जरी के लिए न सिर्फ जरूरी आर्थिक मदद की और जरूरी मानसिक संबल भी दिया ।
ऐसे में प्रश्न ये उठता है कि क्या बिना किसी निश्चित तथ्य के तेंदुलकर जैसे व्यक्तित्व के बारे में कुछ भी बोलना उचित है ? निश्चित रूप से काम्बली की उपरोक्त स्वीकारोक्ति उन लोगों के लिए सबक है जो किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचकर किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने में देरी नहीं करते ।
14/12/2024
भारत और आस्ट्रेलिया के बीच वर्तमान में खेली जा रही बार्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांच मैचों की सीरीज के दो मैच होने के बाद...दोनों टीम ब्रिस्बेन पहुंचीं तो उनका स्वागत बारिश ने किया ।
भारतीय कप्तान ने टास जीतकर बॉलिंग करने का चुनाव किया । उम्मीद थी कि तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पले दिन की समाप्ति तक 14 ओवर भी संभव नहीं हो सके ।
ऐसे में जबकि टेस्ट चैम्पियनशिप की फाइनलिस्ट टीम अभी तक निश्चित न हुई हो....और बाकी बचे तीनों ही मैच प्रभावी ढंग से जीतना जरूरी हो, भारतीय कप्तान के साथ - साथ सभी भारतीय क्रिकेट प्रेमी भी , भारत की जीत की दुआ कर रहे होंगे।
निश्चित रूप से ब्रिस्बेन में खेला जाने वाला ये टेस्ट, भारत के लिए फाइनलिस्ट के तौर पर होना या न होना निर्धारित करेगा ।
14/12/2024
डी. गुकेश ... वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक शख्सियत की सूची में सबसे नया नाम ।
आज, जब पीढ़ी क्रिकेट खेल को सबसे अधिक महत्ता दे रही हो ...ऐसे में शतरंज की बिसात का चुनाव और सबसे युवा विश्व चैम्पियन होना ....निश्चित रूप से उनकी अलग सोच और अपने चुनाव के प्रति ईमानदार होते हुए, अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर निरन्तर जागृत प्रयास करना उल्लेखनीय है।
गुकेश को उनकी इस अभूतपूर्व सफलता की हार्दिक बधाई !
04/12/2023
“रमाकांत विट्ठल आचरेकर“ …हम सभी इन्हें महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के गुरू के रूप में जानते हैं। कल दिनांक 3 दिसम्बर को आचरेकर सर का जन्मदिन था ।
आचरेकर जी का जन्म बॉम्बे प्रेसीडेंसी (ब्रिटिश इंडिया) में सन् 1932 में हुआ। उन्होंने 1943 में क्रिकेट खेलना शुरू किया और क्लब लेवल पर क्रिकेट खेली, हालांकि वह सिर्फ एक ही फर्स्ट क्लास मैच का हिस्सा बन पाए । आचरेकर सर को उनके व्यक्तिगत खेल करियर कम ….उनके कोचिंग के लिए ज्यादा पहचान मिली । सचिन तेंदुलकर, अजीत अगरकर, प्रवीन आमरे, विनोद काम्बली कुछ ऐसे ही नाम हैं जो आचरेकर सर के मार्गदर्शन से क्रिकेट जगत में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे।
खेल जगत में इस योगदान के लिए उन्हें 1990 में द्रोणाचार्य अवार्ड से…और 2010 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। वृद्धावस्था जनित रोगों से ग्रस्त होकर, वर्ष 2019 में आचरेकर सर का देहांत हुआ । आचरेकर सर के जीवन और प्रेरणादायक करियर के बारे में जर्नलिस्ट कुणाल ने एक बायोग्राफी “रमाकांत आचरेकर: मास्टर ब्लास्टर्स मास्टर“ में उल्लिखित किया है।
आचरेकर सर के जन्मदिन पर उनको शत शत नमन । 🙏
04/12/2023
“रमाकांत विट्ठल आचरेकर“ …हम सभी इन्हें महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के गुरू के रूप में जानते हैं। कल दिनांक 3 दिसम्बर को आचरेकर सर का जन्मदिन था ।
आचरेकर जी का जन्म बॉम्बे प्रेसीडेंसी (ब्रिटिश इंडिया) में सन् 1932 में हुआ। उन्होंने 1943 में क्रिकेट खेलना शुरू किया और क्लब लेवल पर क्रिकेट खेली, हालांकि वह सिर्फ एक ही फर्स्ट क्लास मैच का हिस्सा बन पाए । आचरेकर सर को उनके व्यक्तिगत खेल करियर कम ….उनके कोचिंग के लिए ज्यादा पहचान मिली । सचिन तेंदुलकर, अजीत अगरकर, प्रवीन आमरे, विनोद काम्बली कुछ ऐसे ही नाम हैं जो आचरेकर सर के मार्गदर्शन से क्रिकेट जगत में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे।
खेल जगत में इस योगदान के लिए उन्हें 1990 में द्रोणाचार्य अवार्ड से…और 2010 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। वृद्धावस्था जनित रोगों से ग्रस्त होकर, वर्ष 2019 में आचरेकर सर का देहांत हुआ । आचरेकर सर के जीवन और प्रेरणादायक करियर के बारे में जर्नलिस्ट कुणाल ने एक बायोग्राफी “रमाकांत आचरेकर: मास्टर ब्लास्टर्स मास्टर“ में उल्लिखित किया है।
आचरेकर सर के जन्मदिन पर उनको शत शत नमन ।