10/04/2026
यह झाँसी के किले की ऐतिहासिक तोपों में से एक है और रानी लक्ष्मीबाई के समय की सैन्य व्यवस्था से जुड़ी हुई मानी जाती है।
* इसका उल्लेख 1857 के विद्रोह के संदर्भ में मिलता है, जब झाँसी किले की रक्षा के लिए तोपखाने का इस्तेमाल किया गया था।
* मोटीबाई का नाम इसके संचालन से जोड़ा जाता है। लोक-परंपरा और कई लोकप्रिय ऐतिहासिक विवरणों में उन्हें रानी लक्ष्मीबाई की तोपची बताया गया है।
* तोप पर बनी पशु आकृतियाँ और सजावटी नक्काशी इसे केवल युद्ध का हथियार नहीं, बल्कि कलात्मक धरोहर भी बनाती हैं।
* इसका नाम “भवानी शंकर” झाँसी की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ माना जाता है।
* झाँसी के किले में भवानी शंकर और कड़क बिजली जैसी तोपें आज भी 1857 के संघर्ष की याद दिलाती हैं। ゚viralシ #