Abohar fitness tips

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16/09/2023

14/08/2021
04/02/2020

Komal kamboj lose 5kg in just 23 days, winner of January weight lose competition .T gym Abohar # congratulations February competition has been started stay motivated

03/11/2019

Fat lose vs weight lose

20/01/2017

👉वर्कआउट छोड़ने के बाद कब शुरू हो जाता है मसल्स का कम होना

अचानक एक्सरसाइज छोड़ देने से शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
जर्नल ऑफ़ रिहैबिलिटेशन मेडिसिन में प्रकाशित शोध बताता है यह तथ्य।
वर्कआउट छोड़ देने के बाद कब से मसल्स का कम होना शुरू हो जाता है।
कम होने के समय की तुलना में पुनर्निर्माण होने में अधिक समय लगता है।

जिंदगी की स्पीड बदलते समय के साथ कुछ ज्यादा ही तेज हो गई है। यूं तो मैनेजमेंट के सैकड़ों कोर्स आ गए हैं, लेकिन खुद का लाइफस्टाइल मैनेज करना और एक्सरसाइज के लिये समय निकालना बेहद मुश्किल हो गया है। अकसर एक्सरसाइज शुरू तो हो जाती है, लेकिन हफ्ता, दस दिन में ही छूट भी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एकदम से एक्सरसाइज छोड़ देने पर शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं, जिनमें से मसल्स का कम होना भी एक है। चलिये आज जानते हैं कि वर्कआउट छोड़ देने के बाद कब से मसल्स का कम होना शुरू हो जाता है।

कोपेनहेगेन यूनिवर्सिटी का शोध
जर्नल ऑफ़ रिहैबिलिटेशन मेडिसिन में छपा एक शोध कहता है कि अगर आप अपना नियमित वर्कआउट बीच में छोड़ देते हैं तो आप अपनी शक्ति का एक तिहाई खो देते हैं। कोपेनहेगेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 32 पुरुषों को (जिनमें से 17, 20 साल की उम्र के और बाकी 15 60 से 70 साल की उम्र के) एक 'नी ब्रेस' पहनने के लिये कहा, जोकि 2 सप्ताह के लिए एक पैर को स्थिर कर देता है। पहले 2 हफ्तों के बाद युवा पुरुषों में 'नी ब्रेस' वाले पैर ने 22 से 34 प्रतिशत मांसपेशियों की ताकत खो दी। वहीं बड़ी उम्र वाले पुरुषों में ये 20 से 26 प्रतिशत कम रहा।

स्ट्रेंथ में आई इस कमी को पूरा करने के लिये 6 हफ्तों के लिये साइकलिंग शुरू की, जिसमें से पहले 4 हफ्ते उन्होंने 3 बार साइकलिंग की और अखिर के 2 हफ्तों में 4 बार। 6 हफ्तों की साइकलिंग के बाद उन्होंने पहले जितना मसल मास पा लिया लेकिन उनके पैर की शक्ति पहले से अभी भी 5 से 10 प्रतिशत कम ही थी।

जल्दी थकान होने लगती है
इसका एक सीधा सा संकेत यह भी है कि जिम जाना छोड़ने के दो हफ्तों बाद से ही कुछ सीड़ियां चढ़ने भर से ही सांस फूलने लगती है। एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट 'स्टेसी सिम्स' के मुताबिक आपका VO2 (फिटनेस का एक ऐसा माप जिससे मांसपेशियों द्वारा उपयोग की जा रही ऑक्सीजन का आंकलन किया जाता है) 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है। ऐसा माइटोकॉन्ड्रिया में कमी आने की वजह से होता है। हालांकि इन माइटोकॉन्ड्रिया का पुनर्निर्माण किया जा सकता है, लेकिन यह कम होने में लगे समय की तुलना में पुनर्निर्माण होने में कहीं अधिक समय लगता है।

एक बार एक्सरसाइज बंद कर देने के बाद शक्ति कम होने लगती है। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप एक्सरसाइज छोड़ने के बाद कितने आलसी बने हैं। इसलिये एक एक्टिव जीवनशैली अपनाएं और रोज कम से कम थोड़ी एक्सरसाइज तो जरूर करें। एक्सरसाइज छोड़ने के थोड़े समय बाद से
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09/01/2017

NUTRITION TO IMPROVE VISION
OVERVIEW
Carrots may be the food best known for helping your eyes. But other foods and their nutrients may be more
important for keeping your eyesight keen as you age.
Vitamin C and E, zinc, lutein, zeaxanthin, and omega-3 fatty acids all play a role in eye health. They can help
prevent clouding of your eye lens. They also fight the most-likely cause of vision loss when you're older.
"It's always best to get the nutrients we know help vision from foods”.
Here are some powerhouse foods for healthy eyes to try.
Spinach and Kale
Antioxidants protect against eye damage from things like sunlight, cigarette smoke, and air pollution. These
leafy greens are loaded with two of the best for eyes, lutein and zeaxanthin.
"They get into the lens and retina of your eye, and they are believed to absorb damaging visible light,"
Most people are short on these two nutrients.
Oranges, Carrots, Strawberries, etc.
Vitamin C is a top antioxidant. These foods are among the top sources of vitamin C. Eat strawberries (one-half
cup) a day and you're good to go. Papaya, oranges, and green peppers are other good sources.
Seeds and Nuts
Vitamin C and E work together to keep healthy tissue strong. But most of us don't get as much Vitamin E as
we should from food. Have a small handful of sunflower seeds. Almonds, pecans, and vegetable oils are also
good sources.
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Timeline photos 08/01/2017
Timeline photos 21/02/2016

अप्राकृतिक एवं अनियमित खान-पान करना, रहन सहन में भी गलत तरीके प्रयोग करना आदि ऐसे कारण हैं जिनसे शरीर का वजन बढ़ कर चर्बी के रूप में पेट, कमर आदि अंगों की चरबी के रूप में शरीर में परिलक्षित होने लगता है। धीरे-धीरे मोटापा गर्दन, हाथ और पैरों तक फैल जाता है। धीरे-धीरे शरीर पूरी तरह से चरबी युक्त हो जाता है। और इंसान को चलने फिरने में भी दिक्कतों के साथ-साथ कई गंभीर बीमारीयों के होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। आइये आपको बताते है कमर एवं पेट की चरबी को कम कैसे करें।
प्रातः उठते ही एक गिलास गरम पानी मे आधा नींबू निचोड़कर एवं एक चम्मच शहद मिलाकर पियें । इससे मेटाबोलिज़म तेज होता है और चर्बी जलती है।
हमेशा भूख से कम भोजन का सेवन करें। जितनी भूख है उससे कम ही खाना खायें। इससे पेट का आकार नहीं बढ़ता और पाचन भी ठीक रहता है। कम भोजन करने से पेट में गैस नहीं बनती है। कोशिश करें कि दिन में 2 बार शौच जाएं।
अदरक को टुकड़ों मे काट लें फिर एक कप पानी मे उबालें। 10 मिनट तक उबालने के बाद अदरक बाहर निकाल दें और इसे चाय की तरह पीएं।
लहसुन मे मोटापा कम करने के तत्व होते हैं। प्रतिदिन खाली पेट एक कप गुनगुने पानी मे एक नींबू निचोड़ें। लहसुन की तीन जवे इस पानी के साथ लें। यह चर्बी कम करने का अच्छा उपाय है।
बादाम मे मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड पेट की अनावश्यक चर्बी हटाने मे सहायक है। प्रतिदिन रात को 4-5 बादाम पानी मे भिगोयें और सुबह इनको छीलकर खाएं।
भोजन से आधे घंटे पूर्व एक चम्मच सेब के सिरका को एक गिलास पानी मे मिलाकर पियें ।इससे ज्यादा केलोरी जलती है और चर्बी कम होती है।
पुदीना के पत्ते एवं हरा धनिया के पत्ते पीस लें, इसमे नमक और नींबू का रस मिलाकर चटनी तैयार करे। भोजन के साथ प्रयोग करें। इससे मेटाबोलिज़म तेज होता है और अतिरिक्त चर्बी खत्म होती है।
प्रतिदिन खाली पेट आधा गिलास गरम पानी मे 2 चम्मच एलोवेरा जूस और एक चम्मच जीरा मिलाकर पियें।इसे पीने के बाद एक घंटे तक कुछ न खाएं।
अपनी दिनचर्या मे योग-व्यायाम एवं मॉर्निंग वाक को आवश्यक रूप से शामिल करें।
मोटापे से मुक्ति के लिए भोजन के तुरंत बाद पानी का सेवन न करें। भोजन करने के लगभग 1 घंटे के बाद ही पानी पीयें। इससे कमर का मोटापा नहीं बढ़ता है। और यह उपाय पेट की चर्बी कम करने में भी सहायक होता है।
भोजन में अधिक से अधिक जौ के आटे की रोटियों का इस्तेमाल करें। गेहूं के आटे की रोटी का सेवन बिलकुल कम कर दें। जौ शरीर में मौजूद अतरिक्त चरबी को कम कर देता है।
वजन कम करने और अतरिक्त चरबी को कम करने के लिए चावल, आलू और चपाती का सेवन कम से कम मात्रा में करना चाहिए साथ ही खाने में कच्चा सलाद, सब्जी और मिक्स वेज का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए।
हमेशा खाना भूख लगने पर ही खाएं। खाना खाते वक्त यह बात जरूर ध्यान रखें कि खाने को मुंह में अच्छी तरह से बारीकी से चबाकर खाएं।
अंकुरित अनाज में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व होते हैं जो मोटापा को बढ़ने नहीं देते। प्रातः नाश्ते में चना, मूंग और सोयाबीन को अधिक से अधिक खाने में उपयोग करें। दलिया को भी आप अपने नाश्ते में जरूर शामिल करें।
कमर की अधिक चरबी को कम करने के लिए भोजन में हरी सब्जियों का अत्याधिक सेवन करना चाहिए। इसके लिए मेथी, पालक, चैलाई की सब्जी को खाने में शमिल करें।
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Timeline photos 30/01/2016

👉सुबह नाश्ते में केला खाने से एनर्जी बढती है।
यह सही आकार देने में भी बेहद मददगार होता है।
केले के साथ गर्म पानी लेने से पाचन दुरुस्‍त होता है।
शुगर के बिना भरपूर एनर्जी और सेहत पा सकते हैं।

👉अविश्‍वसनीय लाभ पाने के लिए लोग नाश्‍ते में केला खाना पसंद करते हैं। सुबह नाश्ते में केला खाने से एनर्जी बढती है और सूकरोज, फ्रक्टोज और ग्लूकोज जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं। इस पीले फल में हल्‍का सा हरे रंग का स्‍पर्श - स्‍टार्च और स्‍वस्‍थ कार्बोहाइड्रेट के सबसे अच्‍छे स्रोतों में से एक माना जाता है और सुबह नाश्‍ते में केला खाने से आपको दोपहर तक भूख महसूस नहीं होती है। इससे आप भरा-भरा महसूस करते है।

👉केले के साथ गर्म पानी लेना है फायदेमंद
विश्‍वभर में लोग आ‍हार में केले का बहुत अधिक मात्रा में इस्‍तेमाल करते हैं- इस हद तक कि रिपोर्ट बताती है कि जापान में केले की कमी होने लगी हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि सुबह के समय केले खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीना वजन घटाने में बहुत मददगार होता है।

👉मॉर्निंग बनाना, यानी सुबह के नाश्ते में केले और गर्म पानी को शामिल कर आप इसके बेहतरीन फायदे पा सकते हैं। केले के साथ बस एक कप गर्म पानी का प्रयोग न केवल आपके वजन को कम करता है बल्कि आपको सही आकार देने में भी बेहद मददगार होता है। अब तक किए गए कई अध्ययनों में मॉर्निंग बनाना के बेहतरीन फायदों को बताया गया।

👉कैसे काम करता है यह
यकीन मानिए स्टार्च और हेल्दी कार्बोहाइड्रेट से भरपूर यह डाइट दिनभर में आपके शरीर पर चढ़ने वाले मोटापे को कम करने में आपकी मदद करती है। सुबह के नाश्ते में केले के साथ गर्म पानी का सेवन देर तक आपका पेट भरा रखने में मदद करने के साथ एनर्जी के स्तर को भी बनाए रखता है।

👉केला न केवल आपके मेटबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि आपके पाचन तंत्र को बेहतर कर पाचन क्रिया को सुधारने में भी मदद करता है। दूसरा केला एक प्रकार के स्टार्च से भरपूर होता है, जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा बेहद कम होती है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर आपको कब्ज की समस्या से निजात दिलाने में कारगर साबित होता है और आपको संतुष्टि देने के साथ ही कार्बोहाइड्रेट के अतिरिक्‍त अवशोषण (हालांकि आंशिक रूप से) को रोकने में मदद करता है।

👉तो कब करेंगे मॉर्निग बनाना डाइट की शुरूआत
केले के साथ गर्म पानी लेने से पाचन दुरुस्‍त होता है। गर्म पानी एक प्राकृतिक शक्तिवर्धक है। यह शरीर को हाइड्रेट कर ऑक्‍सीजन के स्‍तर को बढ़ाता है। इसके सेवन के बाद आपको तरोताजा और अलग सा महसूस होता है। केले के साथ गर्म पानी के सेवन से आप अतिरिक्‍त कैलोरी और अतिरिक्‍त शुगर के बिना भरपूर एनर्जी और सेहत पा सकते हैं। अब तो आप केले के साथ गर्म पानी से दिन की शुरूआत के लाभों के बारे में जानते हैं तो आप कब शुरू कर रहे हैं, मॉर्निंग बनाना डाइट?
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08/11/2015

👉(थाइराइड के सही तरीके से काम न करने के लक्षण)
👉थायराइड की समस्‍या

थायराइड को साइलेंट किलर भी माना जाता है क्‍योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। हम जो खाते हैं उसे थाइराइड ग्रंथि शरीर के लिए उपयोगी उर्जा में बदलती है, इसके लिए थाइराइड हार्मोन की भूमिका अहम होती है। थाइराइड ग्रंथि से दो प्रकार के हार्मोन निकलते हैं। थायरॉक्सिन टी-4 में चार आयोडीन और ट्राईआयोडोथाइरीन टी-3 में तीन आयोडीन होते हैं। टी-4 जरूरत के अनुसार, टी-3 में बदल जाते हैं। दिक्‍कत तब आती है जब यह ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती। इस स्थिति में थकान, कमजोरी, जल्द जुकाम होने, त्वचा के सूखने, बाल गिरने, हाथ-पैर ठंडे रहने, मोटापा, तनाव और अवसाद, कब्ज, अनिद्रा, याददाश्त कमजोर होने की समस्‍या होती है। अगर आपका थायराइड ठीक से काम नहीं कर रहा है तो इसके कुछ लक्षण भी हैं इनको समझें।

👉थायराइड की समस्‍या होने पर ऊर्जा का स्‍तर बदलता रहता है। ओवरएक्टिव थायराइड चयापचय में तेज और अनियमित बदलाव करता है, जिसके कारण किसी व्यक्ति को सोने में तकलीफ, चिड़चिड़ापन, बेचैनी तथा इस प्रकार की कुछ अन्य परेशानियां होने लगती हैं। हाइपरथायराडिज्‍़म से ग्रस्त होने पर शरीर गतिशील रहने योग्य आवश्यक ऊर्जा जुटाने में असमर्थ रहता है, जिसके कारण शरीर में लगातार थकान या थकान के लक्षण हैदा हो जाते हैं।

👉वजन में बदलाव
ओवर एक्टिव थायराइड की समस्‍या होने पर मेटाबॉलिज्‍म काफी बढ़ जाता है, जिसके कारण व्‍यक्ति की भूख भी बढ़ जाती है और वे सामान्य से अधिक भोजन करने लगते हैं। लेकिन जरूरत से अधिक आहार का सेवन करने के वजन घटता ही है। वहीं दूसरी ओर अंडर एक्टिव थायराइड के कारण चयापचय घटने पर इन भूख में कमी हो जाती है और कम भोजन करने की स्थिति में भी वजन बढ़ने लगता

👉तनाव ग्रस्‍त होना

जब थायराइड ग्रंथि ओवरएक्टिव हो जाती है तब यह ग्रंथि शरीर की जरूरत से अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन का निर्माण करती है जिसके कारण तनाव और अवसाद की समस्‍या होती है।

👉त्वचा का सूखना

ओवरएक्टिव थाइराइड से ग्रस्त व्यक्ति की त्वचा सूखने लगती है। त्वचा में रूखापन आ जाता है। त्वचा के ऊपरी हिस्से की कोशिकओं की क्षति होने लगती है जिसकी वजह से त्वचा रूखी-रूखी हो जाती है।

👉इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होना

हाइपरथायराइडिज्‍म से ग्र्स्‍त व्‍यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता क्षमता कमजोर हो जाती है। इसके कारण शरीर में कई प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं और शरीर सामान्‍य और खतरनाक बीमारियों से खुद की रक्षा नहीं कर पाता है।

👉याद्दाश्‍त कमजोर होना

हाइपरएक्टिव थायराइड का असर व्‍यक्ति के दिमाग पर भी पड़ता है, इसके कारण व्‍यक्ति की याद्दाश्‍त कमजोर होने लगती है। इसके कारण व्‍यक्ति को एक जगह पर ध्‍यान लगाने में समस्‍या होने लगती है, यानी एकाग्रता भंग हो जाती

👉मांसपेशियों में दर्द होना

हाइपरथायराडिज्‍़म की समस्‍या होने पर माशपेशियों में दर्द होता है और इसके कारण वे कमजोरी भी होने लगती हैं। रोगी का शरीर थका तथा टूटा हुआ महसूस होता है। अक्सर कमर, कन्धों व जोडों में दर्द होता है तथा सूजन भी आ जाती है।

👉अनिद्रा की समस्‍या

थायराइड ग्रंथि का असर व्‍यक्ति की नींद पर भी पड़ता है, इसके कारण व्‍यक्ति अनिद्रा से भी जूझता है, रात में गरमी अधिक लगती है जिसके कारण भी नींद नहीं आती। इसमें रात में सोते वक्‍त पसीना अधिक आता है जिसके कारण भी नींद उड़ जाती है। बेचैनी के कारण भी नींद नहीं आती। यह समस्‍या होने पर पुरुष को चक्‍कर आने की भी शिकायत होती है।
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29/10/2015

👉1(इन गलतियों को करने से शहद बन सकता है जहर)
जहां एक ओर सही तरीके से शहद का इस्‍तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अमृत के समान होता है, वहीं दूसरी ओर यदि इसका गलत तरीके से सेवन आपके लिए जहर भी बन सकता है।

👉2(शहद का गलत इस्‍तेमाल)

जीवन के लिए अमृत तुल्‍य शहद प्रकृति की अनमोल देन है। शहद का नियमित सेवन करने से शरीर को स्फूर्ति, शक्ति और ऊर्जा मिलती है। शहद से शरीर स्वस्थ, सुंदर और सुडौल बनता हैं। शहद मोटापा घटाने के साथ मोटापा बढ़ाता भी है। मीठे शहद के गुणों से रोगी व्यक्ति स्वस्थ हो सकता है। जहां एक ओर सही तरीके से शहद का इस्‍तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अमृत के समान होता है, वहीं दूसरी ओर यदि इसका गलत तरीके से सेवन किया जाये तो यह आपके लिए जहर भी बन सकता है। आइए जानें शहद किन गलत तरीकों से इस्‍तेमाल करने से जहर का बन जाता है।

👉3(गर्म आहार के साथ शहद)

हालांकि शहद को वजन कम करने के लिए गुनगुने पानी में डालकर पिया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि शहद को गर्म खाद्य पदार्थों के साथ खाने से यह जहर का कम करता है। इसलिए आयुर्वेंद के अनुसार शहद को कभी भी गर्म खाद्य पदार्थों के साथ ना खाएं।

👉4(चाय या कॉफी में शहद)

चीनी से बचने के लिए अक्‍सर लोग चाय या कॉफी की जगह शहद का प्रयोग करने लगते हैं। लेकिन कभी भी चाय या कॉफी में चीनी की जगह शहद का प्रयोग ना करें। शहद का इनके साथ सेवन न तो स्वाद के लिए अच्छा होता है, और न ही सेहत के लिए। चाय, कॉफी आदि में शक्कर का ही सेवन करना चाहिए।

👉5(मीट और मछली के साथ शहद)

मांस, मछली के साथ शहद का सेवन करना भी सेहत के लिए अच्‍छा नहीं होता। क्‍योंकि इनके साथ शहद के सेवन से शहद जहर के समान काम करता है।
👉6(चीनी के साथ शहद)

चीनी में शहद मिलाना अमृत में विष मिलाने के समान होता है। जो सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह होता है। इसलिए कभी भी चीनी के साथ शहद का सेवन न करें। बल्कि चीनी की जगह शहद का ही सेवन करें। ये सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है।

👉7(शहद की अधिक मात्रा)

एक साथ अधिक मात्रा में शहद लेना भी उचित नहीं होता। ऐसा करना नुकसानदायक होता है। इससे अतिसार रोग हो सकता है। इसलिए शहद दिन में दो या तीन बार एक चम्मच ही लें।

👉8(आंच पर न पकाये)
शहद को आंच पर पकाने से भी वह जहर के समान काम करता है। इसलिए जब भी आप शहद का सही तरीके से प्रयोग करना चाहते हों तो इसे आंच पर न पकायें, नहीं तो यह फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसानदेह हो जायेगा। तो शहद को गर्म करने की भूल कभी भी न करें और इसे सीधे अपने जार से निकालकर प्रयोग करें।
👉9(दूध व घी के साथ शहद)
दूध, घी, शहद आदि का सेवन हानिकारक होता है। वहीं शहद में घी या दूध बराबर मात्रा मिलाकर लेना भी हानिकारक होता है। इसके अलावा तेल व मक्खन आदि के साथ भी शहद का सेवन नहीं करना चाहिए। इन सब चीजों में शहद मिलने से यह जहर के साथ काम करता है और हमारी सेहत के लिए नुकसानदेह बन जाता है।
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11/10/2015

(मोटापे में वजन घटाएं या चर्बी?)

मोटापे से परेशान लोग खूब व्यायाम करेंगे, खाना छोड़ेंगे और फिर हल्का वजन कम होगा। लेकिन मोटापे में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्‍या आपके साथ भी ऐसा होता है। मोटे लोगों का वजन सामान्य लोगों से कम होता है फिर भी शरीर में इकट्ठी चर्बी की वजह से मोटे लगते हैं। अब ऐसे में वजन कम करने से तो नहीं चलेगा, जो कि पहले से कम है। ऐसे में चर्बी पर काबू पाना सार्थक है। जी हां, चर्बी घटाने और वजन घटाने में अंतर है।

वजन घटाना और चर्बी घटाना
वजन घटाना = मशल्स घटाना + चर्बी घटाना + पानी कम करना
चर्बी घटाना = शरीर में जमी एक्स्ट्रा चर्बी को कम करना
जब आप वजन घटाने की कोशिश करते हैं तो शरीर से जरूरी मशल्स और पानी भी कम होते हैं। जबिक चर्बी घटाने के दौरान शरीर में जमी एक्स्ट्रा चर्बी ही घटती है।

वेट लूज़ मतलब खानपान में गड़बड़
वेट लूज़ अधिकतर समय खान-पान में कमी करके किया जाता है। साथ ही सही तरीके से ट्रेनिंग ना करने से वजन घटता है। जबकि चर्बी घटाना इसके विपरीत है। सही व समय पर खान-पान व न्यूट्रिशंस ग्रहण कर और सही व्यायाम कर आसानी से चर्बी घटायी जा सकती है।

फिटनेस लेवल
वजन घटाना = फिटनेस लेवल गिरता है।
चर्बी घटाना = फिटनेस सही होती है।
जब हम वजन घटाने की कोशिश करते हैं तो हमारा शरीर कमजोर होता है जो कि शरीर और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। वहीं जब चर्बी घटायी जाती है तो शरीर फिट होता है।

स्ट्रेंथ यानी क्षमता
वजन घटाना = स्ट्रेंथ कम होता है।
चर्बी घटाना = स्‍ट्रेंथ बढ़ती है।
वजन घटाने के दौरान शरीर में पानी और न्यूट्रिशंस में कमी आ जाती है जिससे शरीर में काम करने की स्ट्रेंथ कम हो जाती है। जबकि चर्बी घटाने की एक्सरसाइज के दौरान शरीर का स्ट्रेंथ सही होता है और शरीर से हम दोगुना काम ले पाते हैं।
दिखने में अंतर
वजन घटाना = बूढ़े और थका दिखना
चर्बी घटाना = जवान दिखना
वजन घटाने के दौरान खाना-पीना गड़बड़ाता है जिससे शरीर और चेहरा डल हो जाता है और चेहरे चमक कम हो जाती है जो शरीर को बूढ़ा दिखाती है। जबकि चर्बी घटाने के दौरान शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है जिससे चेहरे में चमक आती है और आप अपने उम्र से अधिक जवान दिखते हैं।
S.T GYM ABOHAR 🙏

Mobile uploads 27/09/2015
23/09/2015

गेनिंग — एक गलती!
gaining ek galtiगेनिंग यानि की बॉडी बिल्डिंग का स्तर बढ़ाने के लिए अपना वजन 10 से 15 किलो बढ़ाना और बाद में वापिस अपने पुराने वजन तक कम करना।

ये क्रम बहुत प्रचलित है। और कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाले बॉडी बिल्डर ऑफ़ सीजन में खूब महँगी ज्यादा खुराक , स्टेक्स सप्लीमेंट , हॉर्मोन्स, दवाईया आदि ले कर अपनी बॉडी को फुला लेते है। इस बड़े हुए वजन में 60 % फैट्स 40 % मांसपेशिया बढ़ती है।और शरीर भठूरे की तरह फूल जाता है। मसल क्लैरिटी नज़र नहीं आती। बॉडी फैट 4 -5% बड़ जाती है। वजन बढ़ने के साथ साथ ताकत भी बढ़ जाती है और हर सेट में जयादा वजन उठाया जा सकता है।

कॉम्पिटिशन से 3 महिने पहले गैनिंग किए हुए बॉडीबिल्डर वापिस कट्टिंग्ग् के चक्कर में मजदूरो की तरह मेहनत और लाइट ट्रैनिंग शुरू कर देते है। 2 से 3 घण्टे का
व्ययाम बहुत ज्यादा सेट्स ओर ज्यादा रेप्स दिन में दो बार किया जाता है और साथ में लंबी कार्डियो ट्रेनिंग की जाती है। इस के साथ खुराक में कार्बो और फैट्स कम करके प्रोटीन बड़ा दी जाती है । इन सब के ऊपर फिर खतरनाक सिट्रोइड्स और थर्मोजनिक प्रोडक्ट्स तथा महंगे सप्लीमेंट्स खाए जाते है।

ये सब करने के बाद वजन, मजदूरो की तरह मेहनत करने से ओर अकारण खाने से , कम हो जाता है। और ताकत और साइज़ कम हो जाता है हा तक़रीबन 3 तो 4 % फैट कम हो जाती हे शारीर थोडा मुस्कुलर नज़र आता है। ऐसा करने से, अगर 10 किलो वजन कम होता है, तो ये पक्का है , उसमे 6 किलो मसलस और 4 किलो फैट कम होती है। और व्यक्ति की बॉडी वैसी हो जाती है जैसी पिछले वर्ष थी। परंतु पहले से कोई जयादा फायदा नहीं होता।

इस का तातप्रिय ये निकला की इतने पैसे की खुराक व् सप्लीमेंट खाकर बेकार कर दिया गया और अकारण ही बढ़ाया गया वजन फिर मजदूरी करके और भूखे रह कर घटाया गया और मिला क्या? कुछ भी नहीं। शारीर सालो साल वेसा ही रहता है । थोड़ी बहुत इम्प्रूवमेंट दिखती है।

अगर आपको पहले से अच्छे होना है तो हर समय अपने आप को धीरे धीरे साइज़ में बड़े और ज्यादा मस्कुलर करते जाये न की ज्यादा भारी करे।और बिना कारण अपना समय व् पैसा गैनिंग पर बर्बाद ना करे
S.T GYM ABOHAR 🙏

बॉडीबिल्डिंग इस् नॉट टू बी बिग एंड हेवी, बट्ट इट इस् टू बी लाईटर , बिग्गर एंड मस्कुलर।

18/09/2015

ट्राइसिप एंड बिग आर्म्स

ट्राइसिप एंड बिग आर्म्सजब हम बढ़ी और ज्यादा बढ़ी बाजू की बात करते है तो सिर्फ बाइसेप की ही बात होती है। जबकि बाजू के टोटल मॉस का 60% ट्राईसिप्स के तीनो हिस्से ( हेड्स ) बनाते है। बाकि हिस्सा बाइसेप्स और ब्रेकोरएडीएलिस मसल्स बनाते है। एकला बाइसेप्स तो बाजु की बनावट बढ़िया देता है।ये एक सत्य है की हर वयक्ति के बाइसेप्स की बनावट अलग अलग होती है। चाहे कोई भी विभिन् व्ययाम करे बाइसेप्स की बनावट में अन्तर नहीं आ सकता। परंतु व्ययाम से आकर और बनावट बढ़िया हो जाते है। परंतु किसी दूसरे चैंप जैसी आकर नहीं बन सकती।

अगर आप की बड़े साइज़ में बाजु चाहिए तो ट्राइसेप्स के व्य्यामो पर ज्यादा तथा बाइसेप के वय्यामो के साथ साथ सभी पुशिंग तथा पुल्लिंग वय्यामो पर जोर लगाना अति आवश्यक है। पुल्लिंग व्ययाम जैसे चिन्निंग, ग्राउंड पुल्ली , रोइंग , डेड लिफ्ट आदि और पुशिंग व्ययाम जैसे अलग तरह के बेंच प्रेसस, फ्रंट प्रेसस , पुश अपस, डिप्स आदि ऐसे व्ययाम है जिनसे बाजु की मोटी मांसपेशिया मजबूत और ताकतवर होती है।

दूसरी तरफ ट्राइसेप्स एक ऐसा मसल है जिसे विभिन्न व्ययाम जैसे कि ट्राइसेप्स एक्सटेंशन , पुल्ली पुश डाउन , लाइंग ट्राइसेप्स, किक बैक आदि व्ययाम ट्राइसेप्स से किया जा सकता है। बाइसेप्स के साथ ट्राइसिप के व्ययाम अति आवश्यक है। बड़ी बाजु बनाने के लिए बाजु के जरुरत से जयदा व्ययाम करने से और छोटी हो जाये गी। क्यों की अप्पर बॉडी का कोई भी व्ययाम करे चाहे व् पुशिंग या पुल्लिंग हो, तो सारा काम बाजु को ही करना पड़ता है इस प्रकार उसे ओवर ट्रैनिंग हो जाती। ओवर ट्रेनिंग से बाजु बढ़ने की जगह और कमजोर और आकर में हो जाये गी।
S.T GYM ABOHAR 🙏

11/09/2015

S.t gym abohar mob 9463586756

06/09/2015

क्या आप जानते हैं?
* खड़े खड़े पानी पीने वाले का घुटना दुनिया
का कोई डॉक्टर ठीक नहीँ कर सकता।
* तेज पंखे के नीचे या A. C. में सोने से मोटापा बढ़ता
है।
* 70% दर्द में एक ग्लास गर्म पानी
किसी भी पेन किलर से भी
तेज काम करता है।
* कुकर में दाल गलती है, पकती
नहीँ। इसीलिए गैस और
एसिडिटी करती है।
* अल्युमिनम के बर्तनों के प्रयोग से अंग्रेजों नें देशभक्त
भारतीय क़ैदियों को रोगी बनाया था।
* शर्बत और नारियल पानी सुबह ग्यारह के पहले
अमृत है।
* लकवा होते ही मरीज के नाक में
देशी गाय का घी डालने से लकवा पन्द्रह
मिनट मेँ ठीक हो जाता है।
* देशी गाय के शरीर पर हाथ फेरने से 10
दिन में ब्लड प्रेसर नॉर्मल हो जाता है।
* देशी गाय का दूध रोग नाशक और विदेशी
गाय का दूध रोग कारक है।
गुड़ खाने से 18 फायदे :
1>गुड़ खाने से नहीं होती गैस
की दिक्कत
2>खाना खाने के बाद अक्सर मीठा खाने का मन करता
हैं। इसके लिए सबसे बेहतर है कि आप गुड़ खाएं। गुड़ का सेवन
करने से आप हेल्दी रह सकते हैं
3> पाचन क्रिया को सही रखना
4> गुड़ शरीर का रक्त साफ करता है और मेटाबॉल्जिम
ठीक करता है। रोज एक गिलास पानी या
दूध के साथ गुड़ का सेवन पेट को ठंडक देता है। इससे गैस
की दिक्कत नहीं होती। जिन
लोगों को गैस की परेशानी है, वो रोज़ लंच या
डिनर के बाद थोड़ा गुड़ ज़रूर खाएं
5> गुड़ आयरन का मुख्य स्रोत है। इसलिए यह
एनीमिया के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद
है। खासतौर पर महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत अधिक ज़रूर
है
6> त्वचा के लिए -- गुड़ ब्लड से खराब टॉक्सिन दूर करता है,
जिससे त्वचा दमकती है और मुहांसे की
समस्या नहीं होती है।
7> गुड़ की तासीर गर्म है, इसलिए इसका
सेवन जुकाम और कफ से आराम दिलाता है। जुकाम के दौरान अगर
आप कच्चा गुड़ नहीं खाना चाहते हैं तो चाय या लड्डू
में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
8> एनर्जी के लिए -- बुहत ज़्यादा थकान और
कमजोरी महसूस करने पर गुड़ का सेवन करने से
आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़
जल्दी पच जाता है, इससे शुगर का स्तर
भी नहीं बढ़ता। दिनभर काम करने के बाद
जब भी आपको थकान हो, तुरंत गुड़ खाएं।
9> गुड़ शरीर के टेंपरेचर को नियंत्रित रखता है। इसमें
एंटी एलर्जिक तत्व हैं, इसलिए दमा के
मरीज़ों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद
होता है।
10> जोड़ों के दर्द में आराम -- रोज़ गुड़ के एक टुकड़े के साथ
अदरक का सेवन करें, इससे जोड़ों के दर्द की दिक्कत
नहीं होगी।
11> गुड़ के साथ पके चावल खाने से बैठा हुआ गला व आवाज
खुल जाती है।
12> गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से सर्दी में
अस्थमा की परेशानी नहीं
होती है।
13> जुकाम जम गया हो, तो गुड़ पिघलाकर उसकी
पपड़ी बनाकर खिलाएं।
14> गुड़ और घी मिलाकर खाने से कान का दर्द
ठीक हो जाता है।
15> भोजन के बाद गुड़ खा लेने से पेट में गैस नहीं
बनती ।
16> पांच ग्राम सौंठ दस ग्राम गुड़ के साथ लेने से
पीलिया रोग में लाभ होता है।
17> गुड़ का हलवा खाने से स्मरण शक्ति बढती है।
18> पांच ग्राम गुड़ को इतने ही सरसों के तेल में
मिलाकर खाने से श्वास रोग से छुटकारा मिलता है।
अच्छी बातें , अच्छे लोगों, अपने मित्र , रिश्तेदार और
ग्रुप मे अवश्य शेयर करे.
S.T GYM ABOHAR 🙏

03/09/2015

कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कर के आप मोटापे पर काफ़ी हद तक लगाम लगा सकते हैं.
1. शहद
शहद फूलों का रस निकाल कर मधुमक्खियों द्वारा प्राकृतिक रूप से तैयार किया जाता है. इसमें फ़ैट को खत्म करने वाले तत्व होते हैं. तो सुबह गर्म पानी के साथ एक चम्मच शहद लेना न भूलें.

2. इलायची
इलायची में खाने को पचाने सहित पेट की गैस को दूर करने वाले एंज़ाइम होते हैं. आयुर्वेद में इलायची के कई औषधीय गुणों के बारे में लिखा हुआ है.

3. मिर्च
भारत सहित कई देशों में मिर्च रोज़ाना खायी जाती है और इसमें मौजूद एंज़ाइम्स फैट्स को खत्म करने की क्षमता रखते हैं.

4. हल्दी
भारतीय खाने की पहचान, हल्दी में इतने सारे औषधीय गुण मौजूद हैं कि अमेरिका सहित कई देश इसका पेटेंट पाने के लिए पीछे पड़े हुए हैं. इसकी एक और खासियत ये है कि इसमें मौजूद एंज़ाइम्स कार्बोहाइड्रेट को खत्म कर के ब्लड और डाइट्री फ़ैट में बदल देते हैं.

5. दलिया
दलिया का नाम सुनते ही बीमारी जैसा एहसास होने लगा न. पर दोस्त इसमें मिलने वाला फाइबर, कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर के फ़ैट को खत्म करता है.

6. पत्ता गोभी
हरी पत्तेदार गोभी की सबसे बड़ी खासियत ये है कि आप इसे चाहे तो कच्चा खा लो या पका कर. ये दोनों तरीकों से ही फ़ैट खत्म करने में मददगार साबित होता है.
7. अंडे
अंडों के बारे में ये सोचा जाता है कि इनमें फ़ैटस की मात्रा बहुत अधिक होती है. पर ये सिर्फ़ अधूरी जानकारी है. इसमें डाइट्री फ़ैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में सहायक होता है.

8. बाजरा
बाजरा दुनिया में हर जगह मिलने वाला अनाज है. इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो फ़ैट को खत्म कर के उसे एनर्जी में बदल देता है.
S.T GYM ABOHAR 🙏

24/08/2015

🍧🍰🌹🌿 शुगर का इलाज"

१-लहसुन छिला हुआ 25 gm
२-अदरक (ताज़ा) 50 gm
३-पुदीना fresh 50 gm
४-अनारदाना खट्टा 50 gm

इन चारों चीज़ों को पीस कर चटनी बना लें।
और सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक चम्मच खा लें।
पुरानी से पुरानी शुगर, यहाँ तक कि शुगर की वजह से जिस मरीज़ के जिस्म के किसी हिस्से को काटने की सलाह भी दी गयी हो तब भी ये चटनी बहुत फायदेमंद इलाज है।
अगर हो सके तो इसे आगे भी फॉरवर्ड कर दें।
क्या पता किसी ज़रूरतमंद को वक़्त पर मिल जाये।
"शुक्रिया" S.T GYM ABOHAR🙏

23/08/2015

सेंधा नमक के फायदें
रॉक साल्ट (सेंधा नमक) सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसका उपयोग कई तरह के उपचार में भी किया जाता है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि बीमारियों में डॉक्टर नमक के इस्तेमाल पर ध्यान रखने की सलाह देते हैं। जबकि सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप नियन्त्रण में रहता है। साथ ही यह डेड स्किन को दूर करने से लेकर बॉडी को रिफ्रेश तक करने में सेंधा नमक बहुत ही उपयोगी होता है।

एक्टिव और फिट रखता है
रॉक साल्ट में लगभग 84 प्रकार के ऐसे मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। खासतौर से इसमें मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम बहुत ही लाभ पहुंचाते हैं। ये बॉडी को फिट रखने के लिए सबसे जरूरी तत्व माने जाते हैं। सेंधा नमक को खाने में शामिल करके बॉडी को एक्टिव और फिट रखा जा सकता है।बहुत ही कम लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि सेंधा नमक सांसों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं को दूर करता है। अस्थमा से जूझ रहे मरीजों को सेंधा नमक का सेवन जरूर करना चाहिए।

मेटाबॉलिज्म सही रखता है
सेंधा नमक के सेवन से मेटाबॉलिज्म का लेवल सही बना रहता है, जो पूरी बॉडी के फंक्शन के लिए जिम्मेदार होता है। सेंधा नमक शरीर में पानी की उचित मात्रा को भी बनाए रखता है। इससे बॉडी को हाइड्रेट रहती है, साथ ही डाइजेशन भी सही रहता है। खाने में इसे शामिल करके ब्लड सर्कुलेशन को भी सही रखा जा सकता है। सही ब्लड सर्कुलेशन कई सारी बीमारियों को दूर रखने में मददगार होता है।

मूड को सही रखता है
सेंधा नमक बॉडी में ऑक्सीजन की उचित मात्रा को भी बनाए रखता है। बॉडी में ऑक्सीजन के सही फ्लो से कई बीमारियां दूर रहती हैं। इससे सीजनल बुखार में भी राहत मिलती है।रॉक साल्ट लैम्पस में मौजूद अरोमा बॉडी और दिमाग को रिलैक्स करता है। इससे तनाव, चिंता जैसी समस्याएं कोसों दूर रहती हैं।

भूख को बढ़ाता है
भूख न लगने की समस्या को भी सेंधा नमक खाकर दूर किया जा सकता है। इसकी चुटकी भर मात्रा खाने से डाइजेशन सही रहता है।खाने-पीने में लापरवाही और गड़बड़ी से अपच, कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या आम बात है। यह कई बीमारियों का कारण बनती है। ऐसी किसी भी समस्या को दूर करने के लिए खाने के बाद सेंधा नमक का सेवन करना फायदेमंद रहेगा।
S.T GYM ABOHAR 🙏

21/08/2015

♨ गर्म पानी के फायदे ♨
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1⃣ अगर आप स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं या ग्लोइंग स्किन के लिए
तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स यूज करके थक चूके हैं तो रोजाना एक
गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो
जाएगी व ग्लो करने लगेगी।
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2⃣ लड़कियों को पीरियड्स के दौरान अगर पेट दर्द हो तो ऐसे में एक
गिलास गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दरअसल इस दौरान
होने वाले पैन में मसल्स में जो खिंचाव होता है उसे गर्म पानी
रिलैक्स कर देता है।
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3⃣ गर्म पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर हो जाते हैं। सुबह
खाली पेट व रात्रि को खाने के बाद पानी पीने से पाचन संबंधी
दिक्कते खत्म हो जाती है व कब्ज और गैस जैसी समस्याएं
परेशान नहीं करती हैं।
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4⃣ भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गर्म पानी बहुत उपयोगी है।
एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च
के साथ नमक डालकर पीएं। इससे पेट का भारीपन कुछ ही
समय में दूर हो जाएगा।
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5⃣ खाली पेट गर्म पानी पीने से मूत्र से संबंधित रोग दूर हो जाते हैं।
दिल की जलन कम हो जाती है। वात से उत्पन्न रोगों में गर्म पानी
अमृत समान फायदेमंद हैं।
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6⃣ गर्म पानी के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन भी तेज होता है।
दरअसल गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है। पसीने
के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं।
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7⃣ बुखार में प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए।
गर्म पानी ही पीना चाहिए बुखार में गर्म पानी अधिक लाभदायक
होता है।
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8⃣ यदि शरीर के किसी हिस्से में गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो एक
गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर हो जाती है।
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9⃣ अधिकांश पेट की बीमारियां दूषित जल से होती हैं यदि पानी को
गर्म कर फिर ठंडा कर पीया जाए तो जो पेट की कई अधिकांश
बीमारियां पनपने ही नहीं पाएंगी।
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🔟 गर्म पानी पीना बहुत उपयोगी रहता है इससे शक्ति का संचार
होता है। इससे कफ और सर्दी संबंधी रोग बहुत जल्दी दूर हो
जाते हैं।
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1⃣1⃣ दमा ,हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के
सेवन के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।
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1⃣2⃣ सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू मिलाकर
पीने से शरीर को विटामिन सी मिलता है। गर्म पानी व नींबू का
कॉम्बिनेशन शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है।साथ ही
पी.एच. का स्तर भी सही बना रहता है।
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1⃣3⃣ रोजाना एक गिलास गर्म पानी सिर के सेल्स के लिए एक गजब
के टॉनिक का काम करता है। सिर के स्केल्प को हाइड्रेट करता
है जिससे स्केल्प ड्राय होने की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है।
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1⃣4⃣ वजन घटाने में भी गर्म पानी बहुत मददगार होता है। खाने के
एक घंटे बाद गर्म पानी पीने से मेटॉबालिम्म बढ़ता है। यदि गर्म
पानी में थोड़ा नींबू व कुछ बूंदे शहद की मिला ली जाएं तो
इससे बॉडी स्लिम हो जाती है।
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1⃣5⃣ हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के
लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता
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