Adarsh pandey

Adarsh pandey

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yep

27/07/2022

उलझ 🟡 के तेरी जुल्फों में यू आबाद हो जाऊ ❓
कि जैसे में लखनऊ का अमीनाबाद हो
मैं जमुना की तरह निहारु ताज को कब ❓
कोई गंगा मिले तो मैं इलाहाबाद हो जाऊ
गजल कहने लगा हूं ना जरा सा मुस्कुरा तो ❓
यही तो चाहती थी तुम कि मैं बर्बाद हो जाऊं

15/11/2019

🍵जहर के काबिल भी न थे
कुछ लोग दोस्तो 💔अफसोश हम उन्हे
💓ज़िगर का खून पिलाते रहे 👈

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