24/05/2026
CWG2030
Sports Journalists Federation Haryana (SJFH)
Promoting Olympic Event
24/05/2026
CWG2030
21/05/2026
भले ही बंगाल और दिल्ली ने ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए बड़ी पुरस्कार राशि की घोषणा कर दी हो, लेकिन सिर्फ राशि बढ़ाने से ओलंपिक पदक नहीं आते।
ओलंपिक गोल्ड तक पहुंचने में 10–12 साल की तपस्या लगती है — गांव के मैदान से लेकर राष्ट्रीय कैंप, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और मजबूत खेल संस्कृति तक का लंबा सफर तय करना पड़ता है।
हरियाणा आज तीसरे नंबर पर दिखाई दे सकता है, लेकिन जमीन पर देखें तो हरियाणा वर्षों से खिलाड़ियों की फौज तैयार करने में जुटा हुआ है। देश के लिए सबसे ज्यादा ओलंपियन, सबसे ज्यादा पदक विजेता और हर गांव में खेल का माहौल कोई एक दिन में नहीं बना।
पुरस्कार राशि बढ़ाना #स्वागत योग्य कदम है, लेकिन खेलों की असली नींव तैयार करने में समय, व्यवस्था और निरंतरता लगती है। अभी मंजिल तक का सफर लंबा है।
CMO Haryana
21/05/2026
🥊 कौन हैं बॉक्सर साक्षी चौधरी ढांडा? भारतीय मुक्केबाज़ी की नई सनसनी जिसने दो विश्व चैंपियनों को हराकर मचा दी हलचल
भारतीय महिला मुक्केबाज़ी में अक्सर बड़े नामों की चर्चा होती रही है — कभी Mary Kom, कभी Lovlina Borgohain और पिछले कुछ वर्षों में निकहत ज़रीन। लेकिन खेलों की दुनिया का नियम साफ है — हर दौर के बाद एक नई चुनौती आती है, और कभी-कभी वह चुनौती सीधे स्थापित नामों को ललकार देती है। इस बार वह नाम है — साक्षी चौधरी ढांडा।
हाल ही में राष्ट्रीय चयन ट्रायल्स में भारतीय बॉक्सिंग जगत की सबसे बड़ी खबर सामने आई, जब साक्षी ने दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन को 4-1 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत ने पूरे देश का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
निकहत को हराने के बाद साक्षी के सामने अगली चुनौती थीं विश्व चैंपियन मीनाक्षी। खेल प्रेमियों को लगा कि एक बड़ा उलटफेर हो चुका है, लेकिन दूसरे मुकाबले में भी साक्षी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मीनाक्षी को मात दे दी। यानी एक ही चयन अभियान में उन्होंने लगातार दो विश्व चैंपियनों को हराकर भारतीय महिला मुक्केबाज़ी में भूचाल ला दिया।
अब यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सिर्फ जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय बॉक्सिंग में एक नए दौर की घोषणा थी।
जो लोग केवल बड़े टूर्नामेंट देखते हैं, उनके लिए साक्षी चौधरी ढांडा का नाम अचानक सामने आया होगा। लेकिन भारतीय बॉक्सिंग सर्किट में वह लंबे समय से उभरती हुई प्रतिभा मानी जाती रही हैं। उन्होंने जूनियर और यूथ स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और कम उम्र में ही खुद को भविष्य की बड़ी मुक्केबाज़ के रूप में स्थापित कर लिया।
लेकिन साक्षी की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है, बल्कि उस मिट्टी की कहानी भी है जिसने वर्षों से खेल प्रतिभाएँ पैदा की हैं। साक्षी चौधरी ढांडा हरियाणा के भिवानी जिले के धनाना गाँव से आती हैं, और धनाना का नाम हरियाणा के खेल इतिहास में पहले से ही विशेष स्थान रखता है।
इसी गाँव धनाना, जिला भिवानी से हरियाणा के पहले ओलंपियन चौधरी भीम सिंह घणघस हुए, जिनके नाम से भिवानी का प्रसिद्ध भीम स्टेडियम जाना जाता है। खेलों की परंपरा और संघर्ष की विरासत उस मिट्टी में पहले से मौजूद रही है।
दिलचस्प बात यह भी है कि ट्रायल्स से पहले साक्षी ने अपना वज़न वर्ग बदला। सामान्यतः किसी खिलाड़ी के लिए वज़न बदलना जोखिम माना जाता है। शरीर की लय, गति और तैयारी — सब कुछ प्रभावित होता है। लेकिन साक्षी ने जोखिम उठाया और सीधे देश की सबसे मजबूत महिला मुक्केबाज़ों को चुनौती दे दी।
रिंग में उनका आत्मविश्वास देखने लायक था। पंचों में आक्रामकता, मूवमेंट में नियंत्रण और दबाव के क्षणों में संयम — इन गुणों ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाया। बड़े खिलाड़ियों को हराने के लिए केवल ताकत नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और बड़े मंच पर विश्वास चाहिए होता है।
भारतीय खेल इतिहास में कई बार कुछ मुकाबले केवल जीत-हार नहीं रहते, वे बदलाव की शुरुआत बन जाते हैं। संभव है कि आने वाले वर्षों में यह ट्रायल उसी रूप में याद किया जाए — जब एक नई पीढ़ी ने दस्तक नहीं दी, बल्कि दरवाज़ा खोल दिया।
**और अंत में एक बात याद रखिए — साक्षी चौधरी ढांडा की कहानी केवल दो विश्व चैंपियनों को हराने की कहानी नहीं है। उनके कोच चौधरी जगदीश सिंह तरार ने लंदन ओलंपिक के बाद ही उनके अंदर छिपी प्रतिभा को पहचान लिया था। शुरुआत में ही उन्हें विश्वास था कि यह खिलाड़ी आगे जाकर बड़ा नाम करेगी, लेकिन उसके बाद का सफर आसान नहीं रहा। वर्षों का संघर्ष, लगातार मेहनत, कठिन दौर और इंतज़ार — इन सबके बाद आज वही साक्षी पहले निकहत ज़रीन और फिर मीनाक्षी जैसी दो विश्व चैंपियनों को हराकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। शायद कुछ कहानियाँ एक दिन में नहीं बनतीं, उन्हें वर्षों तक तपना पड़ता है। और अब लगता है भारतीय बॉक्सिंग की नई कहानी में एक नाम बार-बार सुनाई देगा — साक्षी चौधरी ढांडा। 🥊🇮🇳
🥊🇮🇳
इन दिनों अमेरिका में मौजूद ओलंपियन पहलवान बजरंग पुनिया, ओलंपियन पहलवान
कार्यकारी अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस
(Working Chairman, All India Kisan Congress)
ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए देश के पत्रकार साथियों से अपील की है कि वे खुलकर अपना पक्ष रखें कि इस पूरे मामले में सही है या ।
खेल जगत से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र और खेल व्यवस्था — दोनों के लिए आवश्यक है।
हरियाणा के खेल पत्रकार लंबे समय से खिलाड़ियों, खेल संघों और खेल नीतियों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं।
Bajrang Punia
Sports Journalists' Federation of India
22/04/2026
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट फेडरेशन हरियाणा की ओर से हार्दिक बधाई 💐
नॉर्दर्न रेलवे स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजीव कुमार, जनरल सेक्रेटरी श्री यशवीर सिंह गुलेरिया एवं ओएसडी (स्पोर्ट्स) श्री मनोज कुमार द्वारा “गोल्डन गर्ल्स” को सम्मानित किया जाना पूरे खेल जगत के लिए गर्व का विषय है।
हाल ही में रेलवे से जुड़ी दो हरयाणवी महिला मुक्केबाज़ों ने अपनी पहली ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। विशेष रूप से ओलंपिक वजन वर्ग में प्रिया घणघस द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक और नॉन ओलिंपिक वजन मे मीनाक्षी हुड्डा द्वारा, हरियाणा और भारत के लिए गौरव का क्षण है। 🥇🇮🇳
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट फेडरेशन हरियाणा इन बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और आशा करता है कि वे आने वाले समय में भी देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
17/04/2026
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट फेडरेशन हरियाणा की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं 🇮🇳
हरियाणा की गौरवशाली बेटी, प्रीति पंवार, का नायब सूबेदार के पद पर भर्ती होकर इतिहास रचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। वे भारतीय सेना में इस पद पर भर्ती होने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनकर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्तंभ बनी हैं।
प्रीति पंवार को भारतीय सेना प्रमुख द्वारा सम्मानित किया जाना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि हरियाणा और पूरे देश के खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट फेडरेशन हरियाणा, प्रीति पंवार को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं देता है और आशा करता है कि वे आगे भी इसी तरह देश और प्रदेश का नाम रोशन करती रहेंगी।
ADGPI - Indian Army
Boxing Federation of India
Rajnarayan Panghal
Sports Journalists' Federation of India
12/04/2026
बॉक्सिंग में भारत का बड़ा मुकाम: कर्नल बने कॉन्टिनेंटल टेक्निकल डेलिगेट
रोहतक के अंतिल परिवार के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि भारतीय सेना में कर्नल के पद पर तैनात कर्नल मनोज कुमार अंतिल को विश्व मुक्केबाज़ी में कॉन्टिनेंटल टेक्निकल डेलिगेट (TD) के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इस पद पर नियुक्त होने वाले भारत के पहले प्रतिनिधि हैं।
कर्नल अंतिल की प्रारंभिक शिक्षा रोहतक से हुई, जबकि उनकी सेकेंडरी शिक्षा भिवानी के Baptist Senior Secondary School से पूर्ण हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे गए, जहाँ से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में देश सेवा का मार्ग चुना।
स्कूल के दिनों में ही वे एक प्रतिभाशाली बॉक्सर के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। रिंग में उनकी तकनीक, फिटनेस और अनुशासन उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता था।
यह बताते हुए हरियाणा खेल प्रेरक एवं अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने कहा कि कर्नल अंतिल शुरू से ही बेहद अनुशासित, मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दिनों में वे दोनों साथ पढ़ते थे और उसी समय उनकी बॉक्सिंग के प्रति गहरी लगन व प्रतिभा स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि हमें तभी विश्वास था कि वे भविष्य में कुछ बड़ा अवश्य करेंगे, और आज उनकी यह उपलब्धि उसी मेहनत व समर्पण का परिणाम है। यह न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे रोहतक और हरियाणा के लिए गर्व का विषय है।
सेना में रहते हुए भी उन्होंने मुक्केबाज़ी से अपना जुड़ाव बनाए रखा और रेफरी व जज के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय कोर्स पूरे किए। अपनी निष्पक्षता और तकनीकी दक्षता के कारण वे कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेफरी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
अब कॉन्टिनेंटल टेक्निकल डेलिगेट (TD) के रूप में उनकी नियुक्ति उनके दीर्घ अनुभव, अनुशासन और खेलों के प्रति समर्पण का परिणाम है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाज़ी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Sports Journalist Federation Haryana की ओर से कर्नल मनोज कुमार अंतिल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम इसी तरह ऊंचाइयों तक पहुंचाते रहेंगे।
हार्दिक शुभकामनाएं 💐🇮🇳
Sports Journalists' Federation of India
Saraju Chakraborty
10/04/2026
🔥 मिनी क्यूबा भिवानी की बेटियों का एशियाई बॉक्सिंग में दमदार पंच 🔥
भिवानी की धरती एक बार फिर साबित कर रही है कि इसे यूँ ही “मिनी क्यूबा” नहीं कहा जाता। 🥊
मंगोलिया में आयोजित एशियाई एलीट बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भिवानी की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश का मान बढ़ाया है।
💥 हवलदार प्रीति पंवार और प्रिया घणघस ने स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराया
🥈 वहीं नायब सूबेदार जैस्मिन लम्बोरिया और पूजा बोहरा ने रजत व कांस्य पदक हासिल कर भारत की झोली भरी
यह जीत सिर्फ पदकों की नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और हरियाणा की मजबूत खेल संस्कृति का परिणाम है।
👉 भिवानी की यह परंपरा अब सिर्फ राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुकी है
👉 आने वाले समय में यही बेटियां ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करने का माद्दा रखती हैं
🙏 पूरे प्रदेश को इन बेटियों पर गर्व है
राम राम भिवानी… राम राम मिनी क्यूबा! 🇮🇳🥊
Rajnarayan Panghal
Saraju Chakraborty
Sports Journalists' Federation of India
Sports Authority of India
08/04/2026
Asian Boxing Championship 2026 🥊