HUNKS MANIA Fitness HUB

HUNKS MANIA Fitness HUB

Share

HUNKS MANIA FITNESS HUB ( FOR MEN AND WOMEN ) -

GYM
CARDIO
AEROBICS
PERSONAL TRAINER
CERTIFIED

16/08/2025

*श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं !! आइये आज श्रीकृष्ण जी का एक प्रेरक प्रसंग सुने!! मनुष्य के बार बार जन्म-मरण का क्या कारण है ?*

एक बार द्वारकानाथ श्रीकृष्ण अपने महल में दातुन कर रहे थे। रुक्मिणी जी स्वयं अपने हाथों में जल लिए उनकी सेवा में खड़ी थीं। अचानक द्वारकानाथ हंसने लगे। रुक्मिणी जी ने सोचा कि शायद मेरी सेवा में कोई गलती हो गई है; इसलिए द्वारकानाथ हंस रहे हैं।
रुक्मिणी जी ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा, ‘प्रभु! आप दातुन करते हुए अचानक इस तरह हंस क्यों पड़े, क्या मुझसे कोई गलती हो गई? कृपया, आप मुझे अपने हंसने का कारण बताएं।’ श्रीकृष्ण बोले, ‘नहीं, प्रिये! आपसे सेवा में त्रुटि होना कैसे संभव है? आप ऐसा न सोचें, बात कुछ और है।’
रुक्मिणी जी ने कहा, ‘आप अपने हंसने का रहस्य मुझे बता दें तो मेरे मन को शान्ति मिल जाएगी; अन्यथा मेरे मन में बेचैनी बनी रहेगी।’ तब श्रीकृष्ण ने मुसकराते हुए रुक्मिणी जी से कहा, ‘देखो, वह सामने एक चींटा चींटी के पीछे कितनी तेजी से दौड़ा चला जा रहा है। वह अपनी पूरी ताकत लगा कर चींटी का पींछा कर उसे पा लेना चाहता है। उसे देख कर मुझे अपनी मायाशक्ति की प्रबलता का विचार करके हंसी आ रही है।’
रुक्मिणी जी ने आश्चर्यचकित होते हुए कहा, ‘वह कैसे प्रभु? इस चींटी के पीछे चींटे के दौड़ने पर आपको अपनी मायाशक्ति की प्रबलता कैसे दीख गई?’ भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, ‘मैं इस चींटे को चौदह बार इंद्र बना चुका हूँ। चौदह बार देवराज के पद का भोग करने पर भी इसकी भोगलिप्सा समाप्त नहीं हुई है। यह देख कर मुझे हंसी आ गई।’ इंद्र की पदवी भी भोग योनि है। मनुष्य अपने उत्कृष्ट कर्मों से इंद्रत्व को प्राप्त कर सकता है। सौ अश्वमेध यज्ञ करने वाला व्यक्ति इंद्र पद प्राप्त कर लेता है। लेकिन जब उनके भोग पूरे हो जाते हैं तो उसे पुन: पृथ्वी पर आकर जन्म ग्रहण करना पड़ता है।
प्रत्येक जीव इंद्रियों का स्वामी है; परंतु जब जीव इंद्रियों का दास बन जाता है तो जीवन कलुषित हो जाता है और बार-बार जन्म मरण के बंधन में पड़ता है। वासना ही पुनर्जन्म का कारण है। जिस मनुष्य की जहां वासना होती है, उसी के अनुरूप ही अंतसमय में चिंतन होता है और उस चिंतन के अनुसार ही मनुष्य की गति, ऊंच नीच योनियों में जन्म होता है। अत: वासना को ही नष्ट करना चाहिए। वासना पर विजय पाना ही सुखी होने का उपाय है।
*बुझै न काम अगिनि तुलसी कहुँ, विषय भोग बहु घी ते ।*
अग्नि में घी डालते जाइये, वह और भी धधकेगी, यही दशा काम की है। उसे बुझाना हो तो संयम रूपी शीतल जल डालना होगा।
संसार क

23/07/2025

AMATEUR KABADDI FEDERATION OF INDIA

CORDIALLY INVITES YOU TO
72ND SENIOR NATIONAL CHAMPIONSHIP 2025

Khoon mai junoon, ground pa kabaddi!!

21/05/2025

3 months transformation reduce 16kg

06/04/2025

New opportunity
As a National vice president
Thank you flying kick sports association India

17/10/2024

🌸 वाल्मीकि जयंती हमें सत्य, दया और शौर्य से भरा जीवन जीने की याद दिलाती है। 🙌 चलो आज सकारात्मकता और ज्ञान फैलाएं!
वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏

25/09/2024

The body achieves what the mind believes.” so Success usually comes to those who are too busy to be looking for it.” शरीर वही करता है जो दिमाग में होता हे।"
इसलिए सफलता आम तौर पर उन लोगों को मिलती है जो इसकी तलाश में इतने व्यस्त होते हैं।"

23/09/2024

पूज्य सुरेश शास्त्री जी द्वारा श्रीमद् भागवत कथा में मुख्य अतिथि के रूप निमंत्रण पत्र देने पर हार्दिक धन्यवाद l ईश्वर की अपार कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे l जय हो श्री बांके बिहारी लाल की जय श्री राधे कृष्णा 🙏🏻🙏🏻🚩

22/09/2024
07/09/2024

आपको गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं।

सुख करता जय मोरया, दुख हरता जय मोरया।

कृपा सिंधु जय मोरया, बुद्धि विधाता मोरया।
#गणेशचतुर्थी

Want your business to be the top-listed Gym/sports Facility in Chandigarh?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Telephone

Website

Address


MAIN BRANCH SCF/52, 2nd-3rd Floor, PHASE/7 MOHALI (PUNJAB). SCO/9-10 SECTOR/22C
Chandigarh
160022