25/04/2026
Glory of Our Chikitsa Pranali
a charitable trust for healthy life without medicine
25/04/2026
Glory of Our Chikitsa Pranali
13/04/2026
रोगमुक्त भारत ... शोकमुक्त भारत.. हमारा दृढ़ संकल्प
26/01/2026
Isshwariy chikitsa vs Adhunik chikitsa
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07/11/2025
Name is mortal but personality is immortal
Power of Naturopathy treatment
29/01/2025
Diet Plan (मोटापा/ मधुमेह/ कॉलेस्ट्रॉल/ थायरॉइड के लिए)
उठते ही जलपान: 3 गिलास गुनगुना जल कागासन में बैठकर पीना है।
विधि: सर्दी के मौसम में 1st गिलास + लहसुन--2nd गिलास + लहसुन--3rd गिलास
गर्मी के मौसम में केवल गुनगुना जल लें।
शुद्धि काढ़ा: (7-8 AM के बीच) सुबह में शौच क्रिया से निवृति के बाद शुद्धि काढ़ा पीयें।
शुद्धि काढ़ा बीमारी के आधार पर अलग अलग है। इसे आप हमारी संस्था से प्राप्त कर सकते हैं।
नाश्ता: (8-9 AM के बीच) वजन के अनुसार 4-5 तरह के मौसमी फल खाना है।
विधि: यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है, फल की मात्रा = 50x10 ग्राम = 500 ग्राम
दोपहर का खाना: (1:00 से 2:00 PM तक) 2 प्लेट लें।
1st प्लेट में 4-5 प्रकार के कच्ची खाई जाने वाली सब्जियों का सलाद।
विधि: यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है, सलाद की मात्रा= 50x5 ग्राम = 250 ग्राम
30 मिनट बाद 2nd प्लेट में घर का बना खाना पेटभर खाएं & खाने के बाद छाछ जरूर लें ।
भूख लगने पर 5:00 PM पानी में रातभर भिंगोये हुए ड्राई फ्रूट/ अंकुरित या भुने साबुत अनाज (चना, मूंग इत्यादि)
यदि चाय पीने की इच्छा करे, आयुर्प्रयोगम द्वारा निर्मित उत्तेजक चाय का इस्तेमाल करें।
रात का भोजन: (8:00 से 9:00 तक) घर का बना हल्का खाना है।
रात में निम्नलिखित भोजन पूर्णतः निषेध है:
गैस बनाने वाले आहार जैसे चावल, दाल, कढ़ी, अरवी, भिंडी, राजमा, छोले, तले-भुने भोजन इत्यादि नहीं खाए।
सलाद और फल खाने से बचें विशेष परिस्थिति में आप रात के समय सेब और पपीता खा सकते हैं।
घी का इस्तेमाल नहीं करें।
सामान्यतः दूध का सेवन नहीं करें। विशेष परिस्थिति में रात में दूध हमेंशा खाने के 2 घंटे बाद ही लें।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:
बहुत गर्म या बहुत ठंडा भोजन कदापि न खायें।
यदि भोजन करते समय डकार आ जाए तो भोजन करना तत्काल बंद कर देना चाहिए।
प्रातः फल का सेवन सोने जैसा, दिन को चाँदी जैसा और रात को तांबे जैसा होता है।
खाने में हमेशा मौसमी फल और शाक-सब्जियों का सेवन करना उत्तम माना गया है।
रस की अपेक्षा फल खाना अधिक लाभदायक है क्योंकि इसमें उपस्थित रेशे पेट को साफ रखता है।
भोजन से ठीक पहले और तुरन्त बाद जल पीना विष के सामान है। भोजन से 30 मिनट पहले और भोजन के 1 घंटे बाद गुनगुने जल पीएं ।
सुबह में कच्चा, हल्का और सुपाच्य आहार लेना श्रेष्ठ है। फल, सलाद, अंकुरित अनाज, फलों का रस इत्यादि एक आदर्श प्रातःकालीन नास्ता है । प्रातःकाल अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें, क्योंकि ये समय शरीर में जमा विष को बाहर निकालने का होता है । प्रातः काल में सप्राण आहार का प्रयोग करें क्योंकि इसमें ऑक्सीजन की मात्रा बहुतायत होता है जो तरोताजा और ऊर्जावान रखता है ।
1 सप्ताह तक आहार योजना पालन करने के बाद जाँच अवश्य करायें।
06/01/2025
अंकुरित आहार: एक सम्पूर्ण पौष्टिक और संतुलित आहार है और रक्त में क्षारीय तत्वों को बढ़ाने का सर्वोत्तम स्रोत भी है। अंकुरित आहार में अंकुरण के लिए निम्न बीजों का इस्तेमाल किया जाता है:
a. अनाज में गेहूं, जौ, जई, ज्वार, मक्का, बाजरा इत्यादि
b. दाल में मुंग, मसूर, मोथ, उरद, सोयाबीन, चना, मटर, मोठ, लोबिया इत्यादि
c. तिलहन में सरसों, सूरजमुखी, मूंगफली, अलसी इत्यादि
d. अन्य बीजों में मेथी, सूखे मेबे, तरबूज, खरबूजा, चिरौंजी इत्यादि
Sprouted food is a complete nutritious and balanced diet and also the best source of increasing alkaline elements in the blood. The following seeds are used for germination in the sprouted food:
a. Grains include Wheat, Barley, Oat, Sorghumr, Millet etc.
b. Pulses include Moong, Masoor, Moth, Urad, Soybean, Gram, Peas, Moth, Cowpea etc.
c. Oil seeds include Mustard, Sunflower, Groundnut, Linseed etc.
d. Other seeds include Fenugreek, Dry fruits, Watermelon, Melon, Chironji etc.
अंकुरित आहार की विशेषताएं:
अंकुरण से सुसुप्त बीज की जीवनी शक्ति सक्रिय हो जाती है।
अंकुरित अवस्था में बीजों में एंजाइम की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है जो शारीरिक चयापचय क्रिया को सक्रिय कर रक्त संचार और पाचन तंत्र को विशेष शक्ति प्रदान करता है।
अंकुरण से बीज में उपस्थित स्टार्च ग्लूकोस में, फ्रक्टोज माल्टोज में और प्रोटीन एमिनो एसिड में बदल जाता है जो स्वाद बढ़ाने के साथ साथ सुपाच्य भी होता है ।
अंकुरित अन्न में उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, एंजाइम, विटामिन, खनिज लवण, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीवायरल, एंटिबैक्टेरियल इत्यादि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं ।
अंकुरित आहार में प्रचुर मात्रा में उपस्थित रेशे पाचन क्षमता को बढ़ाते हैं और भूख को लंबे समय तक रोकते हैं जिससे माटोपा तेजी से कम होता है।
अंकुरित और कच्चे आहार अधिकांशतः कठोर होते हैं। इसलिए इन्हें दांत से खूब चबाये बिना निगला नहीं जा सकता है । इससे दांत का भरपूर व्यायाम होता है।
अंकुरित आहार हमें पूर्णतः निरोगी काया प्रदान करता हैं। क्योंकि इनमें सभी प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए आवश्यक तत्व पाये जाते है।
Features of sprouted food:
Germination activates the life force of dormant seeds.
The amount of enzymes in the seeds increases significantly during the germinated stage which activates physical metabolism and provides special strength to the blood circulation and digestive system.
Due to germination, the starch present in the seeds gets converted into glucose,
Fructose into Maltose and Protein into Amino acid which not only enhances the taste but is also digestible.
High quality proteins, carbohydrates, enzymes, vitamins, mineral salts, antioxidant, antiviral, antibacterial etc. are found in abundance in sprouted grains.
The fibers present in the sprouted diet helps in cleansing the stomach and prevents hunger for a long time which reduces obesity rapidly.
Sprouted and raw foods are mostly hard. Therefore, they cannot be swallowed without chewing thoroughly with teeth. This provides ample exercise to the teeth.
Sprouted food gives us a completely healthy body because they contain essential elements to fight from all types of diseases.