amit_yoga87
True Yog
online, offline Class
One year Yog teacher training course
500 Hour TTC
6 years teaching experience
ज़िंदगी में जब कुछ समझ ना आए,
तो कुछ पल के लिए शांत हो जाए|
"आपकी आत्मा आपकी सबसे अच्छी दोस्त है। इसका ध्यान रखें, इसे विकास दें, इसे प्यार से पोषित करें।”
"योग का सफर खुद को समझने का सफर है
ऋषिकेश योग नगरी,
Handstand
Handstands are a versatile, weight-bearing exercise that build upper body strength, improve balance, and increase core stability. They enhance circulation, improve breathing, and support bone health in the shoulders, arms, and wrists. Practicing them daily helps develop a strong core and provides a fun, challenging, and effective workout.
बकासन कैसे करें (चरण-दर-चरण विधि)
तैयारी: योग मैट पर सीधे खड़े होकर पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें और घुटनों को मोड़कर उकड़ू (Squat) बैठ जाएं।
हथेलियां टिकाएं: हथेलियों को जमीन पर कंधों की चौड़ाई के बराबर रखें और उंगलियों को थोड़ा फैला लें।
घुटने सेट करें: धीरे-धीरे एड़ियों को उठाएं और घुटनों को अपने ऊपरी बाहों (कोहनी के ठीक ऊपर) के पिछले हिस्से पर टिकाएं।
संतुलन: सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें, पूरा भार हाथों पर लाएं और एक-एक करके या दोनों पैर धीरे से जमीन से ऊपर उठाएं।
अंतिम स्थिति: अपनी दृष्टि सामने की ओर केंद्रित रखें और बाहों को सीधा करने का प्रयास करें। शरीर का पूरा वजन हाथों पर होगा।
वापस आएं: कुछ सेकंड रुकने के बाद, धीरे-धीरे पैरों को जमीन पर लाएं और आराम करें।
बकासन के लाभ
मजबूत भुजाएं और कलाई: यह कंधों, कलाइयों, अग्रबाहुओं (forearms) और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
कोर स्ट्रेंथ: पेट की मांसपेशियों को मजबूत करके पेट की चर्बी कम करने और पाचन क्रिया को तेज करने में मदद करता है।
संतुलन और एकाग्रता: यह शरीर के संतुलन में सुधार करता है और मन की एकाग्रता बढ़ाता है।
आत्मविश्वास: इस आसन को करने से डर पर काबू मिलता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
रीढ़ की हड्डी: यह रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाता है।
सावधानी: कलाई में दर्द, कार्पल टनल सिंड्रोम, गर्भावस्था, या कंधों में चोट होने पर यह आसन न करें। #
31/12/2025
Online yog classes
ताड़ासन (Tadasana) कैसे करें (सही तरीका):
1.शुरुआत: सीधे खड़े हो जाएं, पैर मिलाएं और हथेलियां शरीर के बगल में रखें, वज़न दोनों पैरों पर बराबर हो.
2.सांस लें और खींचें: सांस भरते हुए, उंगलियों को आपस में फंसाकर हथेलियों का रुख ऊपर की ओर करें और हाथों को सिर के ऊपर खींचें. साथ ही, एड़ियों को भी ऊपर उठाएं और पंजों पर संतुलन बनाएं.
3.संतुलन: शरीर को जितना हो सके ऊपर की ओर खींचें, कंधों और छाती में खिंचाव महसूस करें. इस स्थिति में कुछ देर रुकें.
4.सांस छोड़ें और वापस आएं: सांस छोड़ते हुए हाथों को वापस नीचे लाएं और एड़ियों को ज़मीन पर रखें. इस प्रक्रिया को 5-10 बार दोहराएं.
5.टिप: संतुलन बनाने के लिए दीवार का सहारा ले सकते हैं.
ताड़ासन के लाभ (Benefits):
पोस्चर और संतुलन: शरीर के पोस्चर में सुधार करता है और संतुलन बढ़ाता है.
लंबाई: रीढ़ की हड्डी को खींचकर लंबाई बढ़ाने में मदद कर सकता है (खासकर बच्चों के लिए फायदेमंद).
मांसपेशियों को मजबूती: जांघों, घुटनों, टखनों, पेट और नितंबों को टोन और मजबूत करता है.
तनाव मुक्ति: तनाव और चिंता कम करता है, मन को शांत करता है.
पाचन और श्वसन: पाचन और श्वसन तंत्र को उत्तेजित करता है, गहरी सांस लेने में मदद करता है.
पीठ दर्द और साइटिका: रीढ़ के विकारों को दूर करता है और साइटिका के दर्द से राहत दिला सकता है.
किसे नहीं करना चाहिए (Precautions/Contraindications):
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप): सावधानी से करें या बचें, क्योंकि सिर ऊपर खींचने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है.
सिरदर्द/चक्कर: यदि आपको अक्सर सिरदर्द या चक्कर आते हैं, तो इस आसन से बचें.
गंभीर घुटने या टखने की समस्या: एड़ी उठाते समय दर्द हो तो न करें.
गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए.
Online yog classes 7 January se 06:00 to 07:00AM
Registration open
मलासन (Garland Pose) करने का तरीका (विधि):
1. शुरुआत: पैरों को कंधे जितनी चौड़ाई में खोलकर खड़े हो जाएं.
2.स्क्वाट: धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को नीचे लाते हुए स्क्वाट पोजीशन में आएं, जैसे टॉयलेट में बैठते हैं (उकड़ू बैठना).
3.हाथों की स्थिति: दोनों हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा (जोड़कर) में लाएं और अपनी कोहनियों को घुटनों के अंदरूनी हिस्से पर रखें, हल्के से दबाव डालें.
4. रीढ़ और सांस: अपनी पीठ को सीधा रखें और छाती खुली रखें, गहरी सांस लेते और छोड़ते रहें (प्राणायाम).
5.रोकें: इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रुकने की कोशिश करें.
6.वापस आना: धीरे-धीरे पैरों को सीधा करते हुए वापस खड़े हो जाएं या अगर आप चाहें तो जमीन पर बैठकर दंडासन (Staff Pose) में आ सकते हैं और पैरों को हिला सकते हैं.
कुछ ज़रूरी बातें (सावधानियां):
घुटनों और पीठ का ध्यान: अगर आपको घुटनों, कूल्हों, टखनों या पीठ में चोट या दर्द है, तो इस आसन को सावधानी से करें या डॉक्टर की सलाह लें.
खाली पेट करें: सुबह खाली पेट इस आसन को करने से ज़्यादा फायदे मिलते हैं.
गहराई: शरीर जितना आराम से कर पाए, उतनी ही गहराई तक स्क्वाट करें; जबरदस्ती न करें.
फायदे:
कब्ज, गैस और पेट की समस्याओं से राहत.
कूल्हों (Hips) और जांघों (Groin) में खिंचाव और लचीलापन (Flexibility) बढ़ाता है.
पीठ और कमर दर्द में आराम.
पेट की चर्बी कम करने में मददगार.
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Website
Address
Delhi