25/04/2023
Virbhadrasana pose
This asana is very beneficial for your shoulders, arms, legs, ankle and back.
Precautions✋
- People with knee pain should avoid doing this pose.
- Avoid if you have spinal problem
- Any knee, hip, shoulder injury should not do this.
18/03/2023
“Raise your words, not voice. It is rain that grows flowers, not thunder.”----Rumi
13/01/2023
"Yoga begin right where I am, not where I was yesterday or where I long to be."
Linda Sparrowe
04/11/2022
Spider pose (Utkata Konasana variation)
Benefits:-
1. Activates shoulder muscles
2. Strengthen and activate core muscles.
3. Improving mental health.
4. Improves focus and coordination.
5. Boosts energy and build confidence.
01/10/2022
Utkata Konasana: Goddess Pose or Fiery angle pose
Precautions:-
Utkata Konasana should be avoided by those suffering from hip, ankle and knee injuries.
30/09/2022
World heart day (29th Sept)
Heart patients avoid these yoga poses.
1. Chakrasana
2. Halasana
3. Sirsasana
4. Sarvangasana
5. Viparit karni
03/07/2022
सिंगल लैग स्क्वैट्स (Pistol Squats)
सिंगल लैग स्क्वैट्स के फायदे
- पिस्टल स्क्वैट्स से कोर मसल्स यानी एब्डोमिनल और ऑब्लिक्स मसल्स स्ट्रॉन्ग होती है।
- बॉडी का बैलेंस बनाने के लिए ग्लूट मसल्स का स्ट्रॉन्ग होना बहुत जरूरी होता है। तो इससे ग्लूट मसल्स को ताकत मिलती है।
- पैर की मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने क साथ इस एक्सरसाइज से मसल पेन भी दूर होता है।
- पिस्टल स्क्वैट्स से लोअर बॉडी एक्टिव और मजबूत बनी रहती है।
25/05/2022
विश्व थायराइड दिवस (World Thyroid Day 2022)
हमारे शरीर में कई प्रकार की ग्रंथियां होती हैं जो शरीर के अलग- अलग फंक्शन के लिए जरूरी हार्मोन्स बनाने का काम करती हैं। थायराइड गर्दन में स्थित एक तितली के आकार की ग्रंथि है, जो थायराइड हार्मोन का उत्पादन करती है जो हमारे चयापचय के लिए ही जरूरी है। इसका बहुत ज्यादा या बहुत कम मात्रा में उत्पादन, दोनों ही हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं होता। इससे बॉडी के कई सारे फंक्शन्स प्रभावित होने लगते हैं। तो इसे संतुलित करने में कुछ खास तरह के योग बहुत असरदार साबित हो सकते हैं, जान लें इनके बारे में..
थायराइड के उपचार में फायदेमंद हैं ये आसन
1. सर्वांगासन
सर्वांगासन को थायराइड के उपचार में बहुत ही असरदार आसन माना जाता है। इस आसन में पैर ऊपर और सिर नीचे की ओर होता है जिससे ऊपरी अंगों में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरीके से हो पाता है। इस आसन को अभ्यास से थायराइड ग्लैंड एक्टिव होता है और उसकी कार्यक्षमता में सुधार होता है।
2. हलासन
हलासन से थायराइड और पिट्यूटरी ग्रंथियों की कार्यक्षमता में सुधार करता है। ये आसन रीढ़ की हड्डी के लिए भी बहुत ही फायदेमंद है। इसके अलावा यह पेट की चर्बी को भी कम करने में कारगर है। इस आसन को करने से मांसपेशियों का तनाव भी कम होता है।
3. मत्स्यासन
पीछे की ओर झुकने वाला यह आसन गले, छाती, कंधों, पेट को फैलाता है और खोलता है। योग की यह मुद्रा पेट और शरीर के ऊपरी अंगों को एक्टिव करती है जिससे वो सही तरीके से अपना काम कर पाते हैं।
4. विपरीत करणी
इस आसन के फायदे भी सर्वांगासन जैसे ही हैं क्योंकि इसमें भी पैर ऊपर और सिर नीचे की ओर होता है। आसन को करने के दौरान कमर के साथ ही गर्दन पर भी दबाव आता है और इसी से थायराइड ग्लैंड एक्टिव होती है।
ऊपर बताए गए सभी आसनों को रोजाना करने से थायराइड की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
22/05/2022
पीरियड्स पेन से राहत दिलाने वाले 3 योगासन
पीरियड्स के दौरान और कई महिलाओं को इसके शुरू होने से एक-दो दिन पहले से ही पेट में ऐंठन और तेज दर्द की समस्या शुरू हो जाती है, इस स्थिति को डिसमैनोरिया कहते हैं। ये दर्द इतना तेज होता है कि कई बार आराम के लिए पेन किलर्स तक खाना पड़ता है जो सही नहीं लेकिन मजबूरी में यही ऑप्शन होता है। तो अगर आप इस समस्या से हमेशा के लिए राहत पाना चाहती हैं तो ज्यादा नहीं, बस इन 3 योगासनों की अपने डेली रूटीन में शामिल करें। काफी हद तक आपकी ये समस्या दूर हो सकती है।
1. उत्तानपादासन
फायदे
- पीरियड्स में होने वाले दर्द को दूर करने के अलावा ये लिवर, पैंक्रियाज और आंतों की हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
- पेट पर फैट कम होता है।
- किडनी की कार्यक्षमता को सुधार होता है।
- यूट्रस संबंधी बीमारियों को ठीक करता है।
2. सेतुबंधासन
फायदे
- अस्थमा, नींद न आने की समस्या दूर करने में कारगर है।
- पीठ के दर्द में आराम मिलता है।
- थॉयराइड में बेहद फायदेमंद है।
- मेनोपॉज की तकलीफों को दूर करने में कारगर।
3. नौकासन
फायदे
- इस आसन से पेट और कमर की चर्बी कम होती है।
- यूट्रस से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
- पाचन की गड़बड़ी दूर होती है और उसमें सुधार होता है।
28/04/2022
बक ध्यानासन (Bakadhyanasana)
बक यानी बगुला या सारस क्योंकि इस आसन की अंतिम अवस्था में शरीर एकदम ध्यान लगाए हुए बगुले की तरह नजर आता है इसलिए इसे बक ध्यानासन कहा जाता है। ये आसन इतना आसान नहीं है लेकिन लगातार प्रयास से कुछ ही हफ्तों में एक्सपर्ट हो जाएंगे। तो आइए जानते हैं इसे करने का सरल तरीका, फायदे व सबसे जरूरी चीज़ सावधानियां।
बक ध्यानासन के अद्भुत फायदे
- हाथों के साथ कलाइयों को भी मजबूत बनाने के लिए ये बहुत ही अच्छा आसन है।
- रीढ़ की हड्डी मजबूत और टोन्ड होती है।
- चेहरे की चमक को बढ़ाता है यह आसन।
- अपर बैक की अच्छी स्ट्रेचिंग हो जाती है।
- पेट की मसल्स को भी स्ट्रॉन्ग बनाता है आसन साथ ही साथ पाचन क्रिया में सुधार आता है।
- पैरों की मांसपेशियां इस आसन को करने से मजबूत होती है।
- शारीरिक संतुलन का विकास करता है यह आसन।
- यह आसन तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है।
बक ध्यानासन करते वक्त ध्यान रखें ये बातें
- हार्ट या ब्रेन से संबंधित परेशानी होने पर ये आसन न करें।
- हाई ब्लड प्रेशर वालों को भी यह आसन नहीं करना चाहिए।
- कार्पल टनल सिंड्रोम की समस्या होने पर भी इस आसन को करना अवॉयड करें।
- कलाई या शरीर की किसी मसल्स में दर्द है तो भी इस आसन को न करें।