22/08/2023
जयपुर राजस्थान में वर पक्ष की मांगो से आश्चर्यचकित हुआ वधु परिवार,
विवाह पूर्व एक लड़के की अनोखी मांगों से लड़की वाले हैरान हैं
☆लड़के की मांगों की चर्चा पूरे शहर में हो रही है।
☆यह मांगें दहेज को लेकर नहीं बल्कि विवाह संपन्न कराने के तरीके और अनुचित परंपराओं को लेकर हैं !!
मांगें इस प्रकार से हैं::
01 कोई प्री वैडिंग शूट नहीं होगा.
02 दुल्हन शादी में लहंगे की बजाय साड़ी पहनेगी.
03 मैरिज लॉन में ऊलजुलूल अश्लील कानफोड़ू संगीत की बजाय, हल्का इंस्ट्रूमेंटल संगीत बजेगा.
04 वरमाला के समय केवल दूल्हा दुल्हन ही स्टेज पर रहेंगे.
05 वरमाला के समय दूल्हे या दुल्हन को.. उठाकर उचकाने वालों को विवाह से निष्कासित कर दिया जायेगा.
06 पंडितजी द्वारा विवाह प्रक्रिया शुरू कर देने के बाद कोई ,उन्हें रोके टोकेगा नहीं.
07 कैमरामैन फेरों आदि के चित्र दूर से लेगा न कि बार बार पंडितजी को टोक कर..!
ये देवताओं का आह्वान करके उनके साक्ष्य में किया जा रहा विवाह समारोह है.. ना की किसी फिल्म की शूटिंग.
08 दूल्हा दुल्हन द्वारा कैमरामैन के कहने पर उल्टे सीधे पोज नहीं बनाये जायेंगे.
09विवाह समारोह दिन में हो और शाम तक विदाई संपन्न हो। जिससे किसी भी मेहमान को रात 12 से 1 बजे खाना खाने से होने वाली समस्या जैसे अनिद्रा, एसिडिटी आदि से परेशान ना होना पड़े।
इसके अतिरिक्त मेहमानों को अपने घर पहुंचने में मध्य रात्रि तक का समय ना लगे और असुविधा ना हो।
10नवविवाहित को सबके सामने.. आलिंगन के लिए कहने वाले को तुरंत विवाह से निष्कासित कर दिया जायेगा.
ज्ञात हुआ है लड़की वालों ने लड़के की सभी मांगे सहर्ष मान ली है..!!
समाज सुधार करने के लिए सुंदर सुझाव.! सभी के लिए अनुकरणीय..!!
शादी एक पवित्र बंधन है.. मर्यादाओं मे रहे ..अपनी पुरानी परंपरा ही ठीक है दिखावे से बचे।💐
24/10/2021
स्त्री का समर्पण!
आज के दिन जब एक स्त्री दिनभर निर्जला व्रत रहती है तो भूखी सिर्फ वह नहीं रहती, बल्कि भूखी रहती है उसकी अंतरात्मा इस उद्देश्य से कि उसका सुहाग अमर हो! उसकी उम्र लम्बी हो!
आज के दिन जब स्त्री सजती है, तो नहीं सजते सिर्फ उसकी देह और उसका चेहरा, बल्कि सजती है उसकी आत्मा और उस आत्मा का हर एक अंश, हर एक क्षण में प्रार्थना करता है आपसे उनका साथ जन्म जन्म तक बना रहे!
सम्पूर्ण साजो श्रृंगार करके जब वह आईने में निहारती है स्वयं को तो इस बार वह स्वयं को नहीं आपके अक्श को देखती है! उसे स्वयं में आप नजर आते हैं!कभी पुछीयेगा उनसे! आज ही पूछ लीजियेगा, मुहूर्त शुभ है!
जब वह मुस्कुराती है तो न सिर्फ वह, बल्कि उसके आस पास की पूरी सृष्टि मुस्कुराती है! और मुस्कुराए भी क्यों न, इस सृष्टि की आधारस्वामिनी स्त्री ही तो हैं!
जब वह पूरी साज सज्जा के साथ मंगल गीत गाते हुए सखियों और घर की अन्य स्त्रियों के साथ छत पर खड़े होकर चाँद निकलने की प्रतीक्षा करती है, तो उसकी प्रतीक्षा में सिर्फ प्रतीक्षा ही नहीं होती, बल्कि उन घड़ियों में वह अपना सर्वस्व प्रेम आपपर समर्पित कर देना चाहती है!
छत पर चाँद के आगमन की प्रतीक्षा में जब चलनी लिए स्त्रियां लाइन में खड़ी रहती हैं तो ऐसा लगता है मानो चाँद के कई टुकड़े उससे मिलने की ललक में पंक्ति बनाये खड़े हैं।
स्त्री के अथाह समर्पण का त्योहार है करवाचौथ! परन्तु सीता माता जैसी नारियों के लिये!
पूतना और शूपर्णखा जैसी स्त्रियों के लिये नहीं!
ध्यान दीजियेगा देवियों! आपके अगल बगल में भी ढेर सारी पुतनाएँ और शूपर्णखाएं घूम रही हैं जो आपके हर पर्व और त्योहार पर आपको बरगलाती हैं और कहती हैं कि पुरुष की पूजा करने वाले इन ढकोसलों को बन्द करो! पुरुषों के लिये व्रत न रहो, भूखे मत रहो! छठ के दिन बड़ा सा सिंदूर न लगाओ! आदि आदि
यह मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाएं आप जैसी देवियों को अपने जैसी बना देना चाहती हैं! न सिर्फ इतना ही, बल्कि आपके हर पर्व और त्योहार पर चोट कर उसे मिटा देना चाहती हैं! आपके इतिहास को, आपकी परम्पराओं को और अंततः आपके गौरवशाली सनातन धर्म को भी!
अतः इनकी बातों पर गौर करने की आवश्यकता नहीं है!बल्कि आवश्यक है अपना हर पर्व धूम से मनाना! वरना कही ऐसा न हो कि आप देवियों के प्रेम और समर्पण का प्रतीक यह व्रत इतिहास के पाठ्यक्रमों तक सिमट कर रह जाये!
आज आपका दिन है!आप देवियों का....जो हमे जन्म देती हैं, पालती हैं, जीवन जीना सिखाती हैं और अंततः हमारी आयु लम्बी हो, इसके लिये कभी माँ के रूप में "जिउतिया" का व्रत रहती हैं, कभी गणेश चथुर्थी का व्रत रहती हैं, तो कभी पत्नी रूप में करवाचौथ और तीज का व्रत रहती हैं!
आप सब देवियों, सभी शक्तियों को मेरा प्रणाम है 🙏
❤️❤️❤️
16/04/2021
#कपूर, #लौंग और #अजवाइन का मिश्रण बनाकर इसमें कुछ बूंदे #नीलगिरी_के_तेल की मिलाकर इस तरह की पोटली बना लें और अपने दिन भर के कामकाज के दौरान बीच बीच में सूँघते रहे...यह ऑक्सिजन लेवल बनाये रखने में मदद करता है..!
इस तरह की पोटली लद्दाख में पर्यटकों को दी जाती है जब ऑक्सीजन लेवल कम हो..!
Camphor, lavang, ajwain, few drops eucalyptus oil. Make potli and keep smelling it throughout the day. This helps increase oxygen levels & congestion.
This potli is given to tourists in Ladakh when oxygen levels are low.
It's a home remedy ! 🙏🏻
निवेदन :- कृपया ज्यादा से ज्यादा शेयर करें जिससे आम जनमानस इस कोरोना की विकट परिस्थिति में लाभान्वित हो सकें।
25/09/2020
Sarv Manav Kalyan Prathna.