12/03/2024
15 दिसंबर 2009 को राजकोट वनडे में श्रीलंका की टीम 411 रन बनाने के बावजूद भारत के हाथों 3 रन से मैच हार गई थी. इस मुकाबले में भारत ने वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) के आतिशी शतक की बदौलत 414 रनों का स्कोर बनाया था. इस मुकाबले में 100 ओवर के खेल में 825 रन बने थे. क्रिकेट इतिहास में ये अब तक सिर्फ दूसरी बार था, जब एक ही मैच में दोनों टीमों ने 400 से ज्यादा रन बनाए.भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) के लिए आज का दिन बेहद यादगार है. 12 साल पहले टीम इंडिया ने राजकोट में खेले गए एक वनडे मुकाबले में 414 रन ठोके थे. इसके जवाब में श्रीलंका ने भी 411 रन उड़ा डाले थे. 15 दिसंबर 2009 को हुए इस मैच में भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने 102 गेंदों में 146 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. उनके अलावा सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने भी श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी. श्रीलंकाई टीम तिलकरत्ने दिलशान और कुमार संगाकारा की तूफानी पारी के बावजूद तीन रन से मुकाबला हार गई.वीरेंद्र सहवाग ने 66 गेंदों में जड़ी सेंचुरी
2009 में भारत दौरे पर आई श्रींलका टीम को 5 मैचों वनडे सीरीज के पहले ही मैच में भारतीय बल्लेबाजों के कहर का सामना करना पड़ा. सहवाग-सचिन ने पहले ही ओवर से श्रीलंकाई गेंदबाजों को धुनना शुरू कर दिया.सहवाग-सचिन तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 19.3 ओवरों में 153 रनों की साझेदारी कर डाली. सचिन के आउट होने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खुद को प्रमोट करते तीसरे नंबर उतरे. दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 96 गेंदों में 156 रन की साझेदारी कर डाली.सहवाग ने 66 गेंदों में ताबड़तोड़ शतक जड़ा. यह उनके करियर का 12वां वनडे शतक था. सहवाग के पास आसानी से दोहरा शतक पूरा करने का मौका था लेकिन वह चनाका वेलगेदरा की गेंद पर आउट हो गए. वीरू ने अपनी पारी में 17 चौके और 6 छक्के जड़े. हालांकि उनके बाद धोनी ने 53 गेंदों में सात चौके और तीन छक्के की मदद से 72 रनों की पारी खेली. सहवाग-धोनी पारी की मदद से भारत ने श्रीलंका के सामने 415 रनों का विशाल लक्ष्य रखा. उस वक्त तक ये भारतीय टीम का वनडे में सबसे बड़ा स्कोर था. टीम ने दूसरी बार ही 400 का आंकड़ा पार किया था.तिलरत्ने दिलशान ने मैदान पर गाड़ दिया खूंटा
भारत ने श्रीलंका के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था हालांकि तिलरत्ने दिलशान और कुमार संगाकारा ने एक समय टीम इंडिया के पसीने छुड़ा दिए थे. उपुल थरंगा और दिलशान की सलामी जोड़ी ने तूफानी शुरुआत की. दोनों ने सिर्फ 24 ओवरों में पहले विकेट के लिए 188 रन जोड़े. थरंगा ने 67 रन बनाकर सुरेश रैना की गेंद पर स्टंप हो गए. तीसरे नंबर उतरे संगाकारा ने ज्यादा रौद्र रूप दिखाया. उन्होंने 43 गेंदों में 10 चौके और पांच छक्के की मदद से 90 रन बनाए. दोनों खिलाड़ियों ने 81 गेंद में 128 रन जोड़ डाले. संगाकारा 37वें ओवर में प्रवीण कुमार के शिकार बने. उस समय श्रीलंका ने 316 रन बना लिए थे और जीत के लिए 81 गेंद में सिर्फ 99 रनों की जरूरत थी.हालांकि अगले 16 गेंदों में हरभजन सिंह ने तिलकरत्ने दिलशान और सनथ जयसूर्या का विकेट लेकर श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया. दिलशान ने 124 गेंदों में 20 चौके और तीन छक्के की मदद से 160 रनों की पारी खेली. उनके आउट होने के बाद लगातार विकेट गिरते चले गए और भारत ने आखिर में यह मैच तीन रन से जीत लिया.
09/03/2024
क्रिकेट इतिहास में 12 मार्च की तारीख काफी बड़े अक्षरों में लिखी है. इस दिन एक ऐसी घटना हुई थी जिसने क्रिकेट की दुनिया को बदल डाला था. साथ ही इस कहावत को पुख्ता किया था कि क्रिकेट में अनिश्चितताओं का खेल है. 12 मार्च 2006 के दिन दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जोहानिसबर्ग के मैदान में एक ऐतिहासिक वनडे मैच खेला गया था. जहां पर पहली बार 400 रन का आंकड़ा पार हुआ और फिर पहले ही मैच में 400 प्लस का लक्ष्य भी हासिल हो गया था. इस मैच में कुल 872 रन बने. 89 चौके लगे और 26 छक्के लगे. एक मजेदार बात यह भी कि जो खिलाड़ी इस मैच का नायक रहा वो शराब के हैंगओवर से जूझ रहा था. क्योंकि एक रात पहले वो खिलाड़ी देर रात एक बजे तक शराब गटका रहा था. यह खिलाड़ी था हर्शल गिब्स. गिब्स की 111 गेंद में 175 रन की धुआंधार पारी ने दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाई थी.तो कैसे खेला गया यह मैच आइए जानते हैं. ऑस्ट्रेलिया की टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी. उस समय इन दोनों टीमों के बीच तगड़ी वाली प्रतिस्पर्धा थी. एकदूसरे को हराने के लिए टीमों में होड़ मची रहती थी. तो वनडे सीरीज के दौरान पहले चार मैचों में दोनों टीमें 2-2 से बराबर थी. अब मैच जोहानिसबर्ग में खेला जाना था. कंगारु टीम के कप्तान रिकी पोंटिंग ने टॉस जीता और बैटिंग चुन ली. एडम गिलक्रिस्ट (55) और साइमन कैटिच (79) ने टीम को जोरदार शुरुआत दी. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी हुई. 16वें ओवर में गिलक्रिस्ट के रूप में पहला विकेट गिरा. अब मैदान में आए ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग. वे शुरू से ही आक्रामक मूड में रहे. उन्होंने 43 गेंद में छह चौकों और दो छक्कों से पचास रन पूरे किए. साथ ही कैटिच के साथ दूसरे विकेट के लिए 91 गेंद में 119 रन की तेजतर्रार साझेदारी की. नतीजा यह हुआ कि ऑस्ट्रेलिया वे 30वे ओवर तक 200 रन से ज्यादा बना लिए थे.
पोंटिंग ने बनाया सबसे तेज 150 रन का रिकॉर्ड
कैटिच के आउट होने पर पोटिंग का साथ देने माइक हसी आए. वे भी शुरू से ही बड़े शॉट लगाते दिखे. उन्होंने सात चौकों और एक छक्के से 33 गेंद में अपने 50 रन पूरे किए. ऐसे में 40वें ओवर में कंगारू टीम ने 300 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया. पोंटिंग और हसी ने 68 गेंद में 11 चौकों और दो छक्कों से शतकीय साझेदारी कर ली. इस दौरान पोंटिंग ने भी अपना शतक पूरा कर लिया. उन्होंने 71 गेंद में 100 रन का आंकड़ा छुआ. इसके बाद आखिरी 10 ओवरों में तो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने कहर बरपा दिया. उन्होंने आखिरी 60 गेंद में 134 रन कूट दिए. पोंटिंग 105 गेंद में 13 चौकों और नौ छक्कों के सहारे 164 रन की बड़ी पारी खेलकर आउट हुए. इस दौरान उन्होंने सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने 99 गेंद में यह कारनामा किया. बाद में यह रिकॉर्ड डिविलियर्स ने अपने नाम कर लिया था.
माइक हसी भी बढ़िया रंग में थे लेकिन वे शतक से चूक गए. उन्होंने 51 गेंद में नौ चौकों और तीन छक्कों के सहारे 81 रन की पारी खेली. आखिरी में एंड्रयू साइमंड्स ने 13 गेंद में तीन चौके और एक छक्का लगाकर नाबाद 27 रन बनाए और टीम को 434 रन तक पहुंचा दिया. पूरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के महज चार विकेट गिरे. मेजबान टीम के सब गेंदबाजों की धुनाई हुई. हालांकि किसी ने भी 87 रन से ज्यादा नहीं दिए. इतिहास बन चुका था. ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट पर 434 रन बनाकर क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े वनडे स्कोर के साथ खड़ा था. सबको लग रहा था कि उसने मैच भी अपने नाम कर लिया है. लेकिन अभी एक पारी बची थी और बहुत सारा आश्चर्य घटने वाला था.
गिब्स ने अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया को किया पीछे
दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान ग्रीम स्मिथ और बोएटा डिपेनार ने लक्ष्य का पीछा शुरू किया. अब स्कोरबोर्ड पर तीन रन ही टंगे थे कि नाथन ब्रेकन ने डिपेनार (1) को बोल्ड कर दिया. उनकी जगह गिब्स क्रीज पर आए. अब असली खेल शुरू हुआ. स्मिथ ने 10 चौकों के सहारे 33 गेंद तो गिब्स ने छह चौकों और एक छक्के से 46 गेंद में अर्धशतक पूरे किए. 13वां ओवर आते-आते दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 100 रन के पार हो गया. यहां तक मेजबान टीम काफी आगे थी. कप्तान स्मिथ 55 गेंद में 13 चौकों और दो छक्कों के सहारे 90 रन बनाकर दूसरे विकेट के रूप में आउट हो गए. अब एबी डिविलियर्स मैदान में आए. गिब्स ने उनके साथ मिलकर तेजतर्रार 94 रन जोड़े. लेकिन इनमें डिविलियर्स का योगदान केवल 14 रन का था. बाकी सारे रन गिब्स ने बनाए थे.43 रन में तीन विकेट और दक्षिण अफ्रीका की थमी सांसें
गिब्स ने 79 गेंद में 11 चौकों और तीन छक्कों से 100 रन पूरे किए. फिर 100 गेंदों में ही उन्होंने 150 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया. ऐसे में 33वें ओवर तक आते-आते दक्षिण अफ्रीका ने 300 रन बना लिए थे. उसे अब 18 ओवर में 135 रन चाहिए थे जो मेजबान टीम के अभी तक के खेल के हिसाब से आसान लग रहे थे. लेकिन यहीं पर मैच पलटा. ब्रेकन ने पहले एबीडी को आउट किया. कुछ देर में ही साइमंड्स ने गिब्स को भी रवाना कर दिया. ज्यादा देर नहीं हुई होगी कि जैक कैलिस (20) भी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बन गए. 43 रन के अंदर तीन बड़े बल्लेबाज आउट हो गए. इससे रनगित धीमी हुई. 33वें ओवर में 300 रन तक पहुंचने मेजबान टीम के 350 रन 43वें ओवर में बने. यानी 50 रन बनने में 10 ओवर लग गए. साथ ही जस्टिन कैंप (13) का विकेट भी गिर गया.
क्रिकेट इज़ सच ए फनी गेम!
ऐसे समय में योहान वान जर वाथ ने 18 गेंद में एक चौके और तीन छक्कों से ताबड़तोड़ 35 रन कूटे और 47वें ओवर तक टीम को 400 रन तक पहुंचाया. कहां तो वनडे क्रिकेट के पहले 35 साल में एक बार भी 400 रन नहीं बने थे और कहां अब एक ही दिन में दो बार बन चुके थे. क्रिकेट इज़ सच ए फनी गेम! ख़ैर. वान डर वाथ को भी ब्रेकन ने आउट किया. लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका को 21 गेंद में 35 रन चाहिए थे जो बन सकते थे. रोजर टेलीमाकस ने 6 गेंद में 12 बनाकर इस काम को आसान कर दिया. वहीं मार्क बाउचर ने 48वें ओवर में तीन चौके लगाकर 17 रन बटोर लिए. इससे आखिरी ओवर में मेजबान को जीत के लिए सात रन की दरकार रह गई और उसके पास दो विकेट बचे थे.
आखिरी ओवर की कहानी
यह ओवर ब्रेट ली कर रहे थे. क्रीज पर मार्क बाउचर और एंड्रयू हॉल मौजूद थे.
पहली गेंद- मार्क बाउचर ने एक रन लिया.
दूसरी गेंद- हॉल ने चौका लगा दिया. अब चार गेंद में दो रन की दरकार.
तीसरी गेंद- मैच का रोमांच अभी चरम पर हो गया. हॉल ने हवाई शॉट खेला और जीत के दरवाजे पर जाकर माइकल क्लार्क को विकेट दे दिया. हॉल ने सात रन बनाए.
अब तीन गेंद में दो रन की जरूरत थी. लेकिन स्ट्राइक पर मखाया एनटिनी थे. नंबर 11 के बल्लेबाज.
चौथी गेंद- एनटिनी ने एक रन लेकर स्कोर टाई कर दिया. साथ ही बाउचर को स्ट्राइक दे दी.
पांचवी गेंद- बाउचर ने चौका लगाया और इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल हो चुका था. दक्षिण अफ्रीका ने एक गेंद रहते एक विकेट से सबसे बड़ा मैच जीत लिया. बाउचर 50 रन बनाकर नाबाद रहे.
ऑस्ट्रेलिया के लिए गेंदबाजी में दो उलट आंकड़े दिखे. एक तरफ नाथन ब्रेकन थे जिन्होंने 10 ओवर के स्पैल में केवल 67 रन दिए और पांच विकेट लिए. केवल 67 रन इसलिए कि जिस मैच में आठ से ज्यादा की रनरेट से रन बने वहां उन्होंने केवल 6.7 रन प्रति ओवर ही दिए. लेकिन उनके साथी मिक लुईस ने 10 ओवर में 113 रन लुटा दिए. यह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन लुटाने का आंकड़ा है.
गिब्स बोले- हैंगओवर से सिर फट रहा था
मैच के कई साल बाद हर्शल गिब्स ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलासा किया था जब वे बैटिंग के लिए गए थे तब वे हैंगओवर से जूझ रहे थे. उनका सिर फट रहा था. इसकी वजह यह थी कि मैच से ठीक एक दिन पहले वे एक दोस्त के साथ रात में एक बजे तक शराब पी रहे थे. मैच शुरू होने तक उनका हैंगओवर उतरा नहीं था.
09/02/2024
जब बात एकदिवसीय मैचों में दोहरा शतक जङने की आती है तो ज्यादातर लोग रोहित शर्मा सचिन तेंदुलकर सहवाग का नाम लिया करते हैं या यूं कहें कि पुरूषों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज उनको नजर ही नही आता है। महिलाएं भी क्रिकेट खेलती हैं। आज श्रीलंकाई बल्लेबाज पथुम निशांका ने वनडे में अपनी टीम की तरफ से पहला दोहरा शतक ठोंका है। इसलिए आज हम वनडे क्रिकेट में किन-किन महिला खिलाङियों ने दोहरे शतक ठोंक रखे हैं इसकी चर्चा करने जा रहे हैं।
आस्ट्रेलिया महिला टीम की पूर्व कप्तान बेलिंडा क्लार्क के साथ-साथ न्यूजीलैंड की अमेलिया केर वह महिला खिलाङी हैं जो वनडे क्रिकेट में दोहरे शतक लगा चुकी हैं। यही वह दो खिलाङी हैं जो वनडे मैचों में दोहरे शतक ठोंक चुकी हैं। बेलिंडा क्लार्क ने 1997 में डेनमार्क के खिलाफ 229 रन बनाए थे। वहीं न्यूजीलैन्ड की अमेलिया केर ने महज 17 साल की उम्र में ही आयरलैन्ड के खिलाफ एकदिवसीय मैच में वर्ष 2018 में 145 गेंदों पर तूफानी 232 रन बनाए थे। इन दोनों महिला खिलाङियों को भी वनडे में दोहरे शतक बनाने के लिए याद किया जाना चाहिए।
एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों में न्यूजीलैंड की अमेलिया केर के नाम अनोखा रिकार्ड दर्ज है। केर ने आयरलैन्ड के खिलाफ जिस मैच में दोहरा शतक जङा उसी मैच में 5 विकेट भी चटकाए थे। आज तक किसी भी अन्य खिलाङी ने चाहे वह पुरूष हो या महिला हों किसी ने भी ऐसा कारनामा नही किया है।
05/02/2024
इंग्लैंड दूसरा टेस्ट मैच हार गया है। ऐसा बहुत सालों बाद हो रहा है कि कोई टीम भारतीय सरजमीं पर टेस्ट मैच में भारतीय टीम को टक्कर देने में सफल हो रही हो। अगर इंग्लैंड के प्रदर्शन पर गौर किया जाए तो टेस्ट क्रिकेट को छोङकर इंग्लैंड ने वनडे और टी20आई में उस स्तर का प्रदर्शन नही किया है जिसके लिए वह जाने जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की टीम क्या इस वजह से सफल है क्योंकि टेस्ट टीम के कोच और कप्तान वनडे और टी20आई से अलग हैं?
अब अगर इस इंग्लैंड टीम के प्रदर्शन पर ध्यान दिया जाए तो भले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के एक भी फाइनल में इंग्लैंड की टीम नही पहुंची हो लेकिन इंग्लैंड की टीम ने स्टोक्स की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। और वह टेस्ट क्रिकेट के खेलने के अंदाज को बदलने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। भारतीय सरजमीं पर इंग्लैंड के बैजबाल पर सवाल था कि क्या वह चल पाएगा या नही? इसका जवाब इंग्लैंड ने पहले टेस्ट मैच को जीतकर दिया था।
दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम के जीत के बाद वह सवाल जो हवा में तैर रहे हैं क्या वह निरूत्तरित रह जाएंगे ? क्या भारतीय टीम की जीत के बाद दूसरे टेस्ट मैच में जिन खिलाङियों ने खराब प्रदर्शन किया है उनपर गाज गिरेगी या फिर इस जीत के साथ ही वह सब छिप जाएगा ? दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम ने एक समय भारतीय टीम को लगभग बैकफुट पर धकेल दिया था। लेकिन जसप्रीत बुमराह और रविचन्द्रन अश्विन ने अपने अनुभव का भरपूर प्रयोग किया और भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित किया। रविचन्द्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 3-3 विकेट निकाले। अंत में मुकेश कुमार ने भी बहती गंगा में हाथ धोया और 1विकेट प्राप्त किया। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव को भी 1-1 विकेट प्राप्त हुए।
399 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय इंग्लैंड 1 विकेट खोकर लगभग 100 रन बना चुका था। यहीं से इंग्लैंड के विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ और 194 रनों के कुल योग पर इंग्लैंड अपने 6 विकेट खो चुका था। यहां से बेन स्टोक्स और बेन फोक्स ने 26 रन की साझेदारी की और जब लगने लगा कि यह साझेदारी खतरनाक हो सकती है तब श्रेयस अय्यर ने सीधे थ्रो से बेन स्टोक्स को रन आउट करके इंग्लैंड के कप्तान को चलता कर दिया। टाॅम हार्टली और बेन फोक्स ने 8 वें विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी करके कुछ समय के लिए लङाई लङी लेकिन फिर बुमराह आए और बुमराह इस तरह छाए कि इंग्लैंड 292 रन पर सिमट गया और यह दूसरा टेस्ट मैच भारत 106 रन से जीत गया।