दिल्ली सॉकर एसोसिएशन (DSA) के चुनाव के बाद दिल्ली फुटबॉल में एक नई शुरुआत की उम्मीद जगी है। नई कार्यकारिणी में प्रो. आभा जैन, अंकिता कौर धूपिया और नीतू कक्कड़ के रूप में तीन महिला सदस्यों को भी जगह मिली है।
इस खास बातचीत में तीनों ने दिल्ली फुटबॉल के भविष्य, DSA में अपनी भूमिका, महिला भागीदारी और राजधानी में फुटबॉल को आगे बढ़ाने के अपने विजन पर खुलकर बात की।
क्या दिल्ली फुटबॉल में अब सच में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा?
देखिए यह खास इंटरव्यू और जानिए इन तीनों का Vision।
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DSA चुनाव के बाद पहली बार बोले सुसांता देब! ⚽🇮🇳
दिल्ली सॉकर एसोसिएशन (DSA) में लंबे समय से चले आ रहे अंदरूनी विवाद और उठापटक के बाद आखिरकार नई टीम का गठन हो गया है। हिंदी भवन, दिल्ली में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.पी. गर्ग की देखरेख में हुए चुनाव में जुबा संघा फुटबॉल क्लब के अध्यक्ष सुसांता देब निर्विरोध DSA के नए अध्यक्ष चुने गए।
इस खास इंटरव्यू में सुसांता देब ने दिल्ली फुटबॉल के भविष्य, नई टीम की प्राथमिकताओं, बिना राजनीति के फुटबॉल लीग शुरू करने और दिल्ली में फुटबॉल को नई दिशा देने को लेकर खुलकर बात की।
🔴 क्या बदलेगा दिल्ली फुटबॉल में?
⚽ क्या जल्द शुरू होगी दिल्ली फुटबॉल लीग?
🏆 नई DSA टीम का क्या है विजन?
🎙️ चुनाव के बाद पहली बार सुसांता देब का खास इंटरव्यू।
देखिए SPORTSNET TV INDIA की यह खास बातचीत और जानिए दिल्ली फुटबॉल से जुड़े तमाम बड़े सवालों के जवाब।
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विवादों के बावजूद दिल्ली सॉकर एसोसिएशन के चुनाव - नई कार्यकारिणी ने संभाला कामकाज
28/08/2026
24/08/2026
Big shout out to our newest top fans! 💎 Udaykumar Konar, Uma Maheshwar, Jaylendra Yaduwanshi, Sanjay Kumar, Saroj Yadav, Rekha Thakur, Pooja Gour, Imc Dinesh Sharma, Sujoy Kundu, Vijay Sharma, Bishwajit Koner, Alpine Sking Fan, Vimal Vikrol Vikrol, Sundaresh Sundaresh, Tarsem Sharma, Mohit Jangir, Chhotu Chaudhari, Maqsood Hussain, Sameer Bhate, Sukanta Sahu, Sova Rai
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TTFI FILES – PART 4 | SPORTSNET INTEL INVESTIGATION
TTFI के बाद कौन? भारतीय खेल महासंघों के लिए बड़ा संदेश
TTFI की recognition suspension, President और Secretary General के बीच विवाद और Delhi High Court की observations के बाद अब सवाल सिर्फ TTFI का नहीं है।
क्या TTFI की कहानी भारत की बाकी National Sports Federations के लिए भी एक warning है?
इस अंतिम भाग में हम समझते हैं कि बदलते sports governance framework में federations के सामने अब कौन-कौन से बड़े सवाल हैं—और सबसे महत्वपूर्ण, इसका असर आखिर खिलाड़ियों पर कैसे पड़ सकता है।
इस वीडियो में जानिए:
🔹 TTFI विवाद ने Indian sports governance की कौन-सी बड़ी कमियां सामने रखीं
🔹 क्यों केवल tournaments आयोजित करना अब federation चलाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा
🔹 Elections, constitution, selection policy और athlete representation क्यों महत्वपूर्ण हैं
🔹 Conflict of Interest और financial transparency की भूमिका
🔹 Federation के अंदर factionalism का सीधा असर खिलाड़ियों पर कैसे पड़ सकता है
🔹 High Court के फैसले से federations के लिए natural justice और due process का क्या सबक निकलता है
🔹 Government से transparency की अपेक्षा के साथ regulatory system का clear होना क्यों जरूरी है
🔹 National Sports Board के operational होने के बाद Indian sports governance में क्या structural बदलाव आ सकते हैं
🔹 Recognition, suspension, appeal और ad hoc administration को लेकर clarity क्यों जरूरी है
🔹 और सबसे बड़ा सवाल—TTFI के बाद अगला कौन?
⚠️ EDITORIAL NOTE: इस वीडियो में किसी व्यक्ति या federation को दोषी घोषित नहीं किया गया है। TTFI मामले में सामने आए allegations को सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा। हमारा उद्देश्य available documents, government actions, court proceedings और applicable legal framework के आधार पर sports governance को समझना है।
इस पूरी series का सबसे बड़ा संदेश:
कुर्सी से बड़ा खिलाड़ी।
व्यक्ति से बड़ी संस्था।
और संस्था से बड़ा नियम।
भारतीय खेलों में medals और tournaments की खबरें तो बहुत आती हैं।
लेकिन खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े फैसले जिन boardrooms, meetings और files में लिए जाते हैं—उनकी पड़ताल भी उतनी ही जरूरी है।
यही है SPORTSNET INTEL INVESTIGATION।
खबर वही नहीं जो सामने दिखाई दे।
खबर वह भी है जो उसके पीछे चल रही हो।
📌 TTFI FILES — PART 4 | SERIES CONCLUSION
sportsfederations
TTFI FILES PART 3 | SPORTSNET INTEL INVESTIGATION नया खेल कानून लागू लेकिन Sports Board नहीं — फिर फैसला कौन ले रहा है?
National Sports Governance Act, 2025 लागू हो चुका है, लेकिन National Sports Board अभी पूरी तरह constituted नहीं है। ऐसे में 12 अगस्त 2026 को TTFI की recognition suspend करने का फैसला किस legal framework के तहत लिया गया?
इस Part 3 में हम इसी महत्वपूर्ण सवाल को documents और available legal framework के आधार पर समझने की कोशिश करते हैं।
इस वीडियो में जानिए:
🔹 National Sports Governance Act, 2025 को phased manner में कैसे लागू किया गया
🔹 Section 8(5) का क्या मतलब है और पुरानी recognised federations को नए framework से कैसे जोड़ा गया
🔹 Section 6 और Section 10 National Sports Board की powers के बारे में क्या कहते हैं
🔹 TTFI की recognition suspend होने के समय National Sports Board की स्थिति क्या थी
🔹 Sports Ministry ने TTFI के खिलाफ कार्रवाई किस framework के तहत की
🔹 National Sports Development Code of India, 2011 की भूमिका क्या है
🔹 नए Act और पुराने Sports Code के बीच transition का असली legal question क्या है
🔹 TTFI के interim administration और IOA–ITTF consultation का क्या महत्व है
🔹 क्या Secretary/Joint Secretary को Sports Board की statutory powers मिल गई हैं?
🔹 और क्यों TTFI case भारत के sports governance system के लिए एक बड़ा test case बन सकता है?
⚠️ Important Disclaimer: यह वीडियो किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी या कानून का उल्लंघन करने वाला घोषित नहीं करता। इसमें उपलब्ध documents, court records, government actions और legal provisions के आधार पर सवालों और घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया गया है। किसी भी संभावित legal conclusion को संबंधित authorities/courts के अंतिम निर्णय के रूप में न समझें।
एक बड़ा सवाल:
जब नया कानून लागू हो चुका है लेकिन National Sports Board अभी पूरी तरह काम नहीं कर रहा, तो transition period में National Sports Federations की recognition और suspension के लिए precise legal mechanism क्या है?
देखिए TTFI FILES – PART 3 और जुड़े रहिए SPORTSNET INTEL INVESTIGATION के साथ।
PART 4 में: TTFI के बाद क्या? क्या यह मामला भारत की बाकी National Sports Federations के लिए warning है? और National Sports Board के पूरी तरह operational होने के बाद Indian sports governance कैसे बदल सकता है?
TTFI FILES – PART 2 | SPORTSNET INTEL INVESTIGATION
TTFI के अंदर आखिर चल क्या रहा था? क्या यह सिर्फ President और Secretary General के बीच का विवाद था, या फिर इसके पीछे power, control और influence की बड़ी लड़ाई थी?
इस Part 2 में हम January 2026 से शुरू हुए TTFI विवाद की पूरी timeline को समझते हैं और देखते हैं कि मामला Delhi High Court तक कैसे पहुँचा।
इस वीडियो में जानिए:
🔹 TTFI में President Meghna Ahlawat और Secretary General Kamlesh Mehta के बीच विवाद कैसे बढ़ा
🔹 28 जनवरी 2026 को Kamlesh Mehta को Secretary General पद से suspend करने का फैसला
🔹 High Court ने इस suspension को क्यों रद्द किया
🔹 Natural Justice के सिद्धांत ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई
🔹 Court ने TTFI में दो गुटों और power struggle को लेकर क्या observations दिए
🔹 Conflict of Interest और financial/administrative decisions से जुड़े आरोप क्या थे
🔹 Court ने independent inquiry के लिए Justice Krishna Murari को Enquiry Authority क्यों नियुक्त किया
🔹 Sports Ministry को TTFI के खिलाफ मिली complaints और emails का क्या संदर्भ था
🔹 और आखिर क्यों यह विवाद भारतीय sports governance के लिए बड़ा सवाल बन गया है
⚠️ Important: इस वीडियो में बताए गए आरोपों को किसी व्यक्ति के खिलाफ सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। हम Court records, available documents और official developments के आधार पर मामले को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या TTFI का विवाद सिर्फ एक federation की लड़ाई है, या भारतीय sports administration में बड़े बदलाव का संकेत?
देखिए TTFI FILES – PART 2 और जुड़े रहिए SPORTSNET INTEL INVESTIGATION के साथ।
18/08/2026
India Men’s, Women’s Teams at FIH Hockey World Cup 2026 | IOA
2030 CWG, 2036 ओलंपिक के बाद अब 2038 एशियन गेम्स पर भारत की नज़र, मेज़बानी की दौड़ में उतरा देश - SportsNet Intel नई दिल्ली: भारत वैश्विक खेल आयोजनों की मेज़बानी में अपनी भूमिका को लगातार विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ...
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