Akhil Bharti yog sansthan

Akhil Bharti yog sansthan

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JOIN AKHIL BHARTI YOG SANSTHAN and leaen the benifit of yoga.....!!!!!!!!!

Dr. GOPI RAM- mukhya prashikshak, AKHIL BHARTI YOG SANSTHAN(ex.- deputy chief personal officer noerthern railway) CENTRE- Nagar Palika Balika vidyalaya near Sahibabad railway station,ghaziabad,Delhi born in place-paindapur in Aligarh That to free..........:D


father-late shri nainsukh, farmer
education and qualification- graduate

Earlier assignment- worked in railway and retired as deputy chief

07/11/2018

मैं,गोपी राम अपने सभी इष्ट मित्रों,
शुभ चिंतको एवं सभी सदस्यों को दीपावली, गोवर्धन पूजा, एवं भैया दूज की बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं
मैं भगवान से निवेदन करता हूं कि सभी के दिल और दिमाग़ से सभी प्रकार के अन्धकार को दूर करके ज्ञान का प्रकाश , बुद्धि का विकास एवं ऐसी शक्ति प्रदान करे‌ जिससे ‌आप सारी बुराइयों को त्याग कर सारी शक्तियों का प्रयोग मानव कल्याण हेतु करै । भूल से भी किसी का बुर न करें न होने दें।💐💐🌹🎉🎊

Photos from Akhil Bharti yog sansthan's post 28/10/2018
Photos from Akhil Bharti yog sansthan's post 22/10/2018

दोस्तों शंख प्रक्षालन के सम्बन्ध में अनेक प्रकार की शंकाएं साधक-साधिकाओं के दिमाग में आतीं हैं जिनका समाधान निम्नलिखित प्रश्नोंतरौ के माध्यम से किया गया है!

04/03/2017

उपयोगी टिप्स... 👇👇👇

हींग से करें घरेलू उपचार

1) दांतों में कीड़ा लग जाने पर रात्रि को दांत में हींग दबाकर सोएँ। कीड़े खुद-ब-खुद निकल जाएंगे।
2) यदि शरीर के किसी हिस्से में कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। कुछ समय में कांटा स्वतः निकल आएगा।
3) हींग में रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है। दाद, खाज, खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।
4) हींग का लेप बवासीर, तिल्ली में लाभप्रद है।
5) कब्जियत की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोड़ा मिलाकर रात्रि को फांक लें, सबेरे शौच साफ होगा।
6) पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो लाभ होगा।
7) पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।
8) जख्म यदि कुछ समय तक खुला रहे तो उसमें छोटे-छोटे रोगाणु पनप जाते हैं। जख्म पर हींग का चूर्ण डालने से रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।
9) प्रतिदिन के भोजन में दाल, कढ़ी व कुछ सब्जियों में हींग का उपयोग करने से भोजन को पचाने में सहायक होती है।
10) मासिक धर्म के दौरान होने वाली परेशानियां जैसे पेट में दर्द और मरोड़ या अनियमित मासिक धर्म में हींग का सेवन करने से फायदे होते हैं। यह औषधि कैंडिडा संक्रमण और ल्यूकोरहोइया से भी छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होता है।
11) सूखी खांसी, अस्थमा, काली खांसी के लिए हींग और अदरक में शहद मिलाकर लेने से काफी आराम मिलता है।
12) हींग की मदद से शरीर में ज्यादा इन्सुलिन बनता है और ब्लड शुगर का स्तर नीचे गिरता है। ब्लड शुगर के स्तर को घटाने के लिए हींग में पका कड़वा कद्दू खाना चाहिए।
13) हींग में कोउमारिन होता है जो खून को पतला करने में मदद करता है और इसे जमने से रोकता है। हींग बढ़े हुए ट्राइग्लीसेराइड और कोलेस्ट्रोल को कम करता है और उच्च रक्तचाप को भी घटाता है।
14) यह औषधि विचार शक्ति को बढ़ाती है और इसलिए उन्माद, ऐंठन और दिमाग में खून की कमी से बेहोशी जैसे लक्षण से बचने के लिए भी हींग खाने की सलाह दी जाती है।
15) अफीम के असर को कम करने में हींग मदद करता है। इसलिए इसे विषहरण औषधि भी कहा जाता है।
16) शोध के अनुसार हींग में वह शक्ति होती है जो कर्क (कैंसर) रोग को बढ़ावा देने वाले सेल को पनपने से रोकता है।

आयुर्वेदिक चिकित्सा पैथी अपनाइयें और स्वस्थ रहे

Photos 21/02/2017
03/08/2016

अनेक रोगों की दवा है मैथी दाना

इसके नियमित सेवन से रक्त में कॉलेस्ट्राल की मात्रा नियमित करने में सहायता मिलती है। तथा रक्त में सुगर की मात्रा उत्तरोतर कम होती जाती है।
मैथी दाना के नियमित सेवन से मूत्र के साथ निकलने वाली सुगर की मात्रा 65 प्रतिशत तक कम हो जाती है। जिसका दस दिन में ही असर दिखाई देने लगता है।

शोध के अनुसार मैथी दाना पाउडर को कांच के गिलास में शुद्ध जल को भरकर भिगो दे तथा प्रात: मंजन करने के बाद खाली पेट उस जल को पी लें। उन्होने मैथी के गुणों की उपयोगिता का बखान करते हुए कहा शाकाहार चिकित्सा में सफेद बालों की समस्या में आधा कप मैथी दाना को रात्रि में भिगोकर प्रात: उसका पेस्ट बनाकर बालो में लगायें। तथा आधा घंटा के पश्चात नीम के पानी से बालो को धो दें। एक माह तक ऐसा करने से बाल काले होने शुरू हो जाते हैं ।
दसत आने पर मैथी के 15 दाने भुने तथा 15 दाने कच्चे पीसकर दिन में तीन बार सेवन करने से दस्त बंद हो जाते हैं। तथा मैथी दाना की चाय पीने से पेट की ऐंठन ,गैस में तत्काल लाभ मिलता है। कान दर्द में मैथी दाने को पीसकर दूध में मिलाकर गर्म करके कान में कुछ बूंद टपकाने पर कान दर्द और मवाद आना बंद हो जाता है।
भोजन प्रोटीन मिनरल, कैलोरीज ,कार्बोहाइड्रेट आयरन जैसे ताकतवर एवं पौष्टिक पदार्थो का खजाना है।

30/06/2016

मात्र दो मिनट का समय दीजिये
आप सभी बंधुओं से नम्र निवेदन है की इस सन्देश को जितना फैला सकते हो कोशिश करो जिससे जरूरतमंद भाई, बहन , छोटे , बड़े बंधुवर लाभ उठावें

हार्ट अटैक: ना घबराये ......!!!
सहज सुलभ उपाय ....

99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है
पीपल का पत्ता....
पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न
हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों।
प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से
काटकर अलग कर दें।

पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें
एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने
पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार।

इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक
तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें।

* पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है।

* इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं।

* खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें।

* प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शराब, धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें। नमक,
चिकनाई का प्रयोग बंद कर दें।

* अनार, पपीता, आंवला, बथुआ, लहसुन, मैथी दाना, सेब का मुरब्बा, मौसंबी, रात में भिगोए काले चने, किशमिश,
गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें । ......

तो अब समझ आया, भगवान ने पीपल के पत्तों को हार्टशेप क्यों बनाया..

11/01/2016

MADHUMEH...
Aaj kal madhumeh ka rog jor pakdta jaa raha hai . Yadi iski rok-thaam ke baare main naa socha gaya to yeh bimari adhik jor pakadti jaegi. Iss sambandh yeh janana ati jaruri hai ke hame is bimari main kya khana chahiye aur kya nahi.
KYA KHANA CHAHIYE...
1. Chokar yukt aatte main koi bhi hara sagh wishes kar Maithi,Bathua wa Cholai mila kar roti lene se madhumeh niyantran main rehta hai .
2. Maithi,Palak,Kacche Karele ka raas ladh dayak hai.
3. Sabjiyo ka salad adik matra main lena hith kar hai.
4. Jamun,falo ke raas(Amla,Tamatar,Santara adi) labh dayak hai.
5. Nimbu ka raas sehd main mila kar lene se bhi labh milta hai.
6. Maithi ke dane sote samay khane ke sath lene se adhik labh milta hai.
7. Khane ke sath-sath shram karna bhi chahiye.
8. Sada bhaar ke tin-char safed wale fool prateh lene se bhi labh milta hai.
KYA NAHI KHANA CHIYE....
1. Carbohydrate tatva wale padarth Aloo,ShakarKand,Aam,Angoor,kele,chikoo aadi falo ko nahi lene chahiye.
2. Chini,Pedhe,Pastry,Doodh wa Khoye se bani mithaiya Kheer wa Halwanahi lena chahiye
3. Thande peh padarth ka kaam ya nahi lena chahiye.
4. Mithi Chaye wa coffee bhi kaam ya nahi lena chahiye.
5. Sharab wa tambaku aadi nashili chizoo ka tayagna bhi hitkar hai .

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DR. Gopi Ram 16, Main Road, Old Sahibabad P. O. Industrial Estate (CEL) Jhandapur Dist/ghaziabad-UP
Ghaziabad
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Tuesday 5am - 6am
Wednesday 5am - 6am
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