28/02/2023
Creative yoga
labhesh yoga
28/02/2023
14/03/2020
25/12/2016
20/10/2016
Chakra balancing
29/06/2016
Yoga se hi hoga
पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन
यदि पाचनतंत्र मजबूत हो तो शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं जिन्हें प्रतिदिन करने से पाचनतंत्र दुरुस्त बनता है और शरीर भी स्वस्थ और मजबूत होता है।
पाचनतंत्र के लिए योग
इस बात में कोई शक नहीं कि पाचनतंत्र पर ही पूरे शरीर का स्वास्थ्य निर्भर होता है। इसलिए इसका ठीक रहना बेहद जरूरी होता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं जिन्हें हर दिन नियमित रूप से करने पर पाचनतंत्र दुरुस्त बन जाता है। और कमाल की बात तो ये कि इसके लिए आपको प्रत्येक आसन के लिए मुश्किल से केवल 5 मिनट का समय निकालना होता है। लेकिन इन्हें गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए।
प्लाविनी प्राणायाम
प्लाविनी प्राणायाम करने के लिए पहले पेट को गुब्बारे की तरह फुलाकर सांस को भर लें। अब कंठ को ठोढ़ी सीने से लगाकर बंद करें व मूलबंध लगाकर कुछ देर तक इसी स्थिति में रोककर रखें। फिर कुछ क्षण रोकने के बाद धीरे से सांस छोडते हुए वापस पुरानी स्थिति में आ जाएं। इसे करने से बड़ी आंत और मलद्वार की क्रियाशीलता बढ़ाती है। और पाचनचंत्र भी मजबूत होता है।
अग्निसार क्रिया
श्वास को छोड़ते हुए उसे रोक लें। अब आराम से जितनी देर सांस रोक सकें, रोके हुए पेट को नाभि पर से बार-बार झटके से अंदर खींचें और ढीला छोड़ें। ध्यान मणिपुर चक्र अर्थात नाभि के पीछे रीढ़ में होना चाहिए। थोड़ी देर इसे करें और फिर रुक जाएं। यह क्रिया करने से पाचन प्रक्रिया मजबूत बनाती है।
भुजंगासन
यह आसन पेट की मसल्स के लिए काफी फायदेमंद है। भुजंगासन को करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों हाथों से कमर से ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं, (ध्यान रहे कि आपकी कोहनी इस दोरान मुड़़ी होनी चाहिए)। हथेलियां खुलीं और जमीन पर फैली रखें। अब शरीर के बाकी हिस्से को धीरे-धीरे चेहरे के ऊपर की ओर लाएं। कुछ समय के लिए इस स्थिति में रहें और भी वापस से समान्य हो जाएं।
बलासन
बलासन को करने के लिए घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं, ऐसे कि आपके शरीर का सारा वजन एड़ियों पर हो। अब गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। हां, ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से न छुए। अह सिर से फर्श को छूने का प्रयास करें। कुछ सेकंड तक इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में लौट आएं।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन करने के लिए सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैला लें। अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं (कमर को बिल्कुल सीधा रखें)। अब झुककर दोनों हाथों से पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ने का प्रयास करें। इस दौरान आपने घुटनों को मुड़ें नहीं और न ही आपके पैर जमीन से उठाएं। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य हो जाएं।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच लगभग एक मीटर का फांसला रखें। सांस को भरें और दोनों बाजुओं को कंधे की सीध में लाते हुए कमर को आगे झुकाएं। सांस छोड़ें और दाएं हाथ से बाएं पैर को स्पर्श करें। बाईं हथेली को आसमाल की ओर रखें और बाजू सीधी ही रखें। दूसरे हाथ से भी यही करें। दो-तीन सेकंड रुकें और वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
सर्वांगासन
सर्वांगासन करने के लिए सपाट जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को शरीर के साथ सटा लें। अब दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर का और उठाएं। इसके बाद पूरे शरीर को गर्दन से समकोण बनाते हुए सीधा लगा लें और ठोड़ी को सीने से छुएं। इस स्थिति में कुछ क्षण रहें और फिर वापस सामान्य हो जाएं। इसे करने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
नौकासन
नौकासन करने से पाचन तंत्र स्वस्थ होता है और हर्निया की समस्या में राहत मिलती है। इसे करने के लिए किसी समतल स्थान पर पीठ के बल लेट जाएं। और फिर दोनों हाथों, पैरों और सिर को ऊपर की ओर उठाएं। इसी अवस्था को नौकासन कहते हैं। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के फिर धीरे-धीरे हाथ, पैर और सिर को जमीन पर ले आएं।
Yoga Nidra meditation means Yogic Sleep. It is a state of conscious Deep Sleep. In Meditation, you remain in the Waking state of consciousness, and gently focus the mind, while allowing thought patterns, emotions, sensations, and images to arise and go on.
Yoga Nidra meditation brings an incredible calmness, quietness and clarity. Yoga Nidra is one of the deepest of all meditations, leading awareness through many levels of mental process to a state of supreme stillness and insight.
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Telephone
Website
Address
Gurugram