01/03/2017
Have a good day
we are going to serve our people's,our nation & our earth. To open, run and assist Libraries and Book Banks.
To remove backwardness, and create awareness about the national ideals of JUSTICE, LIBERTY, EQUALITY AND FRATERNITY AND DEMOCRACY, SECULARISM and SOCIALISM. To start, establish, run, manage and maintain welfare house, with an object to provide First AID to the needy as well as old age, women, widows, children’s etc. To create awareness about the problems of the weaker sections especially for the b
01/03/2017
Have a good day
Good Morning Friends
Kaiso ho aap sabbb.....?
26/03/2015
Think About It Friends .... !!!
24/03/2015
Good Morning Friends.......!!!
23/03/2015
क्रांति का दूसरा नाम शहीद भगत सिंह
आज भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव तो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज और सोच आज भी हमारे अंदर है. उनका मानना था कि सत्ता के नशे में सोई सरकार को जगाने के लिए एक धमाके की जरुरत होती है. ऐसे ही आज भी लगता है कि भ्रष्टाचार से लिप्त इस सरकार को जगाने के लिए एक धमाके की जरुरत है ताकि सत्ता का मजाक बनाने वाली यह सरकार अपनी नींद से जाग सके.
उनकी सोच तो हमारे बीच है लेकिन आज भगतसिंह जैसे लोग की कमी है जो देश के लिए अपनी जान तक हंसते-हंसते देने को तैयार हो जाएं.
22/03/2015
जल दिवस का प्रारम्भ:-
'विश्व जल दिवस' मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1992 के अपने अधिवेशन में 22 मार्च को की थी। 'विश्व जल दिवस' की अंतरराष्ट्रीय पहल 'रियो डि जेनेरियो' में 1992 में आयोजित 'पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (यूएनसीईडी) में की गई थी, जिस पर सर्वप्रथम 1993 को पहली बार 22 मार्च के दिन पूरे विश्व में 'जल दिवस' के मौके पर जल के संरक्षण और रख-रखाव पर जागरुकता फैलाने का कार्य किया गया।
रियो डि जेनेरियो में 1992 में आयोजित पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन विश्व जल दिवस की पहल में की गई। 22 मार्च याने विश्व जल दिवस। पानी बचाने के संकल्प का दिन। पानी के महत्व को जानने का दिन और पानी के संरक्षण के विषय में समय रहते सचेत होने का दिन। आँकड़े बताते हैं कि विश्व के 1.5 अरब लोगों को पीने का शुद्ध पानी नही मिल रहा है। प्रकृति जीवनदायी संपदा जल हमें एक चक्र के रूप में प्रदान करती है, हम भी इस चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चक्र को गतिमान रखना हमारी ज़िम्मेदारी है, चक्र के थमने का अर्थ है, हमारे जीवन का थम जाना। प्रकृति के ख़ज़ाने से हम जितना पानी लेते हैं, उसे वापस भी हमें ही लौटाना है। हम स्वयं पानी का निर्माण नहीं कर सकते अतः प्राकृतिक संसाधनों को दूषित न होने दें और पानी को व्यर्थ न गँवाएँ यह प्रण लेना आज के दिन बहुत आवश्यक है।
21/03/2015
Good Afternoon Friends.....!
10/03/2015
Good Afternoon Friends....!
09/03/2015
शुभ सवेरा ..... !
08/03/2015
Happy Women’s Day
एक ही जन्म में दो घरो को
रोशन करने का हुनर
ईश्वर ने सिर्फ "बेटियो" को ही दिया है ।।
07/03/2015
जीवन बहुत सुंदर है, इसे और सुंदरमय बनाइए...!
05/03/2015
Wishing you and your family a very bright,colourful and joyful holi.
With love and best wishes....Happy Holi