09/06/2026
वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौड़ की वीरभूमि से राष्ट्र पुनर्निर्माण का नवसंकल्प…
ज्ञान, शील और एकता के आदर्शों से प्रेरित युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास, वैचारिक परिष्कार एवं संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण हेतु आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जोधपुर प्रांत के “प्रांत अभ्यास वर्ग” में प्रांत भर से पधारने वाले समस्त कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन।
📅 14 से 17 जून 2026
📍 श्री हनुवंत आदर्श विद्या मंदिर, लालसागर (जोधपुर ग्रामीण)
ज्ञान से नेतृत्व • नेतृत्व से परिवर्तन
08/06/2026
ज्ञान, शील और एकता से संस्कारित युवा शक्ति ही सशक्त राष्ट्र का आधार है…
माँ आई माता की पावन धरा में आयोजित होने जा रहे अभाविप जोधपुर प्रांत के “प्रांत अभ्यास वर्ग” में प्रांत भर से पधारने वाले समस्त कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन।
📅 14 से 17 जुलाई 2026
📍 श्री हनुवंत आदर्श विद्या मंदिर, लालसागर (जोधपुर ग्रामीण)
राष्ट्र प्रथम • विद्यार्थी हित सर्वोपरि
07/06/2026
अभिनन्दन है, अभिनन्दन है माँ सच्चियाय माता की पावन धरा में युवा शक्ति का अभिनन्दन है!
श्रद्धा, शक्ति और संस्कृति की पुण्यभूमि ओसियां, माँ सच्चियाय माता के दिव्य आशीर्वाद से अभिसिंचित इस पावन अवसर पर आयोजित होने जा रहे अभाविप जोधपुर प्रांत के “प्रांत अभ्यास वर्ग” में प्रांत भर से पधारने वाले समस्त प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं युवा साथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन।
आइए, राष्ट्र पुनर्निर्माण के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने हेतु ज्ञान, संगठन और संस्कार के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।
📅 14 से 17 जून 2026
📍 श्री हनुवंत आदर्श विद्या मंदिर, लालसागर (जोधपुर ग्रामीण)
“संगठित युवा – सशक्त राष्ट्र”
04/06/2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जोधपुर प्रांत द्वारा आयोजित प्रांत अभ्यास वर्ग 2026 में प्रांत भर से पधारने वाले सभी कार्यकर्ताओं का सूर्यनगरी जोधपुर में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
📅 14 से 17 जून 2026
📍 श्री हनुवंत आदर्श विद्या मंदिर, लालसागर (जोधपुर ग्रामीण)
यह अभ्यास वर्ग व्यक्तित्व विकास, वैचारिक स्पष्टता, संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है। आइए, सीखने, समझने और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की इस यात्रा के सहभागी बनें। संस्कार, संगठन और समर्पण का संगम — प्रांत अभ्यास वर्ग 2026
03/06/2026
एक महिला की मृत्यु हुई है। उसके परिजनों ने दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपित का संबंध NSUI से बताया जा रहा है।
ऐसी दुखद घटनाओं पर हमारी प्रतिक्रिया संबंधित व्यक्तियों की राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं बदलनी चाहिए। जो मानदंड हम एक मामले में अपनाते हैं, वही हर मामले में समान रूप से लागू होने चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय कोई चयनात्मक मुद्दे नहीं हैं। इन्हें केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार उठाया या अनदेखा नहीं किया जा सकता।
मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़िता को न्याय मिले।
01/06/2026
अभाविप पाली द्वारा SFS गतिविधि के तहत लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
31/05/2026
महान वीरांगना, लोकमाता पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उनका आदर्श नेतृत्व, न्यायप्रियता, सेवा और धर्म के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत है।
28/05/2026
महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी एवं स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन।
देश की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष, साहस और समर्पण भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उनका संपूर्ण जी
21/05/2026
ज्ञान, शील और एकता के संकल्प के साथ
अभाविप जोधपुर प्रांत का “अभ्युदय” इकाई पुनर्गठन अभियान
18 से 25 मई तक प्रारंभ हो रहा है।
04/05/2026
प्रेस विज्ञप्ति
राजस्थान में जारी टीचिंग एसोसिएट संविदा भर्ती शिक्षा तंत्र के साथ धोखा : अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राजस्थान सरकार की उच्च शिक्षा नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में संविदा भर्ती की वर्तमान व्यवस्था शिक्षा के मूल उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है और इसमें तत्काल आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। परिषद का मत है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, स्थायी एवं सुदृढ़ शिक्षण व्यवस्था स्थापित करना है, जबकि वर्तमान में अपनाई जा रही संविदा आधारित नियुक्तियाँ इस दिशा में बाधा उत्पन्न कर रही हैं। विगत 5-6 वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का अभाव भी इसी संदर्भ में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिससे राजकीय महाविद्यालयों में इसका समुचित संचालन कठिन होता जा रहा है।
परिषद ने कहा कि संविदा शिक्षकों की भर्ती से यह आशंका प्रबल होती है कि भविष्य में स्थायी पदों को क्रमशः समाप्त करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। इससे न केवल शिक्षकों के भविष्य में अस्थिरता बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थागत स्थायित्व भी प्रभावित होगा। परिषद ने यह भी इंगित किया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी 2018 के रेगुलेशन में टीचिंग एसोसिएट जैसे पदनाम का उल्लेख नहीं है, जिसके कारण उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ग्रेडिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
परिषद के अनुसार जब शिक्षकों की नियुक्ति ठेका पद्धति पर की जाएगी, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है। यह प्रणाली शिक्षकों की गरिमा को प्रभावित करने के साथ-साथ शिक्षा के मूल उद्देश्यों के भी विपरीत है। परिषद ने कहा कि छात्र समुदाय संविदा के स्थान पर स्थायी भर्ती की मांग कर रहा है तथा सोडाणी कमेटी की अनुशंसाओं के अनुरूप राजसेस कॉलेजों को सामान्य महाविद्यालयों में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए, न कि संविदा आधारित नियुक्तियों को प्रोत्साहित किया जाए।
परिषद ने संविदा प्रणाली के अंतर्गत प्रस्तावित 5 वर्ष की अवधि, जिसमें 3 वर्ष के विस्तार का प्रावधान है, तथा ₹28,850 प्रतिमाह वेतन को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों में अस्थिरता और शोषण की आशंका बनी रहती है, जो उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए अनुकूल नहीं है।