30/05/2026
एक गौरवपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि: भारत में "टील कार्बन" विषय पर प्रथम पीएच.डी. शोध का सफल प्रतिरक्षण (Viva-Voce)!
यह बताते हुए मुझे अत्यंत हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि मेरे शोधार्थी डॉ. शुभम कुमार ने मेरे मार्गदर्शन में, पर्यावरण विज्ञान विभाग, केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान में अपना पीएच.डी. शोध सफलतापूर्वक प्रतिरक्षित (Defend) किया है।
उनके शोध का शीर्षक है:
"Teal Carbon Flux Estimation and Geospatial Modelling of Ecosystem Services for Ecological Restoration of Selected Ramsar Sites of India"
यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत में "टील कार्बन (Teal Carbon)" की अवधारणा पर आधारित पहला व्यापक पीएच.डी. शोधकार्य है। यह नवोन्मेषी अवधारणा अंतर्देशीय मीठे जल (Freshwater) पारिस्थितिक तंत्रों की कार्बन अवशोषण एवं भंडारण क्षमता को जलवायु परिवर्तन शमन तथा अनुकूलन रणनीतियों से जोड़ती है।
मुझे यह बताते हुए भी प्रसन्नता है कि यह मेरे निर्देशन में पूर्ण हुआ आठवाँ सफल पीएच.डी. शोधकार्य है। डॉ. शुभम कुमार ने अपने शोध में असाधारण समर्पण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का परिचय दिया है। उनके कार्य ने टील कार्बन की अवधारणा को स्थापित एवं विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरणीय अनुसंधान और नीतिगत विकास के नए आयाम प्रस्तुत किए हैं।
पीएच.डी. मौखिक परीक्षा (Viva-Voce) का संचालन डॉ. सी. सुधाकर रेड्डी, वैज्ञानिक ‘एसजी’ एवं प्रमुख, फॉरेस्ट्री एवं इकोलॉजी समूह, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), हैदराबाद द्वारा किया गया। उनके मूल्यवान सुझावों और गहन अकादमिक मूल्यांकन ने इस शोध को और अधिक समृद्ध बनाया।
हम Dr. Amanda Nahlik (EPA, USA) तथा Prof. Siobhan Fennessy (Kenyon College, USA) के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं, जिनके निरंतर प्रोत्साहन, उपयोगी सुझावों एवं सहयोग ने इस अभिनव शोध यात्रा को सुदृढ़ वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
यह अग्रणी शोध कार्य जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, पारिस्थितिकीय प्रत्यास्थता (Resilience) और पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन (Ecosystem Restoration) के क्षेत्र में भविष्य के अनुसंधानों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। विशेष रूप से, यह शहरी एवं मीठे जल पारिस्थितिक तंत्रों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
डॉ. शुभम कुमार को इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर करे कि वे भविष्य में भी अपने वैज्ञानिक योगदानों से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई एवं सतत विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करें।