23/09/2017
कहो न क्यों मेरे हमदम मेरे खाबों में आते हो
मुझे बेचैन करते हो मेरी नींदें चुराते हो
किसी दिन रात मैं भी तेरे खाबों में आऊंगी
किसे तकलीफ कहते हैं तुझे उस दिन बताऊंगी
कोई जब सो रहा हो तो उसे बेदार मत करना
खुद अपने आप का जीना क़भी दुशवार मत करना