*मधुमेह दवाओं से क्यों ठीक नहीं होता?*
प्रायः यह देखने में आता है कि मधुमेह (डायबिटीज) के रोगी, चाहे वे प्रथम बार पीड़ित हुए हों या पैतृक रोग हो, लगातार दवायें खाते रहते हैं और जिन्दगीभर दवायें खाने के बाद भी उनका मधुमेह ठीक नहीं होता, बल्कि अधिकांश मामलों में दवाओं की मात्रा बढ़ती ही जाती है। वे इसे स्वाभाविक समझते हैं और यह मानकर सन्तोष कर लेते हैं कि इसका कोई उपचार नहीं है और वे जीवित हैं इतना ही पर्याप्त है।
लेकिन वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं क्योंकि प्रत्येक रोग की तरह इसका भी उपचार है। यदि मधुमेह के कारणों को ठीक से समझ लिया जाये और उसके अनुसार उपचार दिया जाये, तो उनका ठीक होना पूरी तरह सम्भव है। मधुमेह का कारण यह है कि हम जो भोजन करते हैं उसका एक बड़ा भाग शर्करा यानी ग्लूकोस में बदल जाता है और हमारा शरीर उसको आत्मसात कर लेता है, क्योंकि हमारे शरीर को शक्ति उसी ग्लूकोस से मिलती है।
यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, परन्तु कई बार शरीर की पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण वह समस्त ग्लूकोस को आत्मसात नहीं कर पाता। यह अतिरिक्त ग्लूकोस कई रूपों में शरीर से बाहर निकलता रहता है, मुख्य रूप से मूत्र के रास्ते। इसी को हम मधुमेह या शुगर कहते हैं। कई बार यह अतिरिक्त ग्लूकोस हमारे रक्त में भी मिल जाता है, जिसे ब्लड शुगर कहा जाता है। अधिक थकान होना, पसीना आना, अधिक प्यास लगना, शरीर पर हल्की चीटियाँ रेंगना, दृष्टि धुँधली होना भी मधुमेह के लक्षण माने जाते हैं, हालांकि ये लक्षण अन्य कारणों से भी हो सकते हैं।
स्पष्ट है कि मधुमेह वास्तव में पाचन शक्ति का रोग है। यदि हम अपने शरीर की पाचन शक्ति को बढ़ा लें तो वह अतिरिक्त ग्लूकोस बनना बन्द हो जाएगा और मधुमेह की कोई समस्या ही नहीं रहेगी। परन्तु ऐलोपैथिक डाॅक्टरों के पास पाचनशक्ति सुधारने की कोई दवा नहीं होती। इसके बजाय वे मधुमेह के रोगियों को ऐसी दवा देते हैं जैसे इंसूलिन जो अतिरिक्त ग्लूकोस के साथ रासायनिक क्रिया करके उसे लगभग उदासीन (न्यूट्रल) कर देती है। अब क्योंकि हमारे शरीर में ग्लूकोस नियमित बनता रहता है, अतः मधुमेह के रोगियों को भी उसकी दवा नियमित लेनी पड़ती है। इस प्रकार वह जिन्दगीभर के लिए दवाओं के लती बन जाते हैं और अपनी आय का एक बड़ा भाग इन दवाओं पर खर्च करते रहते हैं।
अब या तो ऐलोपैथी में पाचन शक्ति सुधारने का कोई उपाय ज्ञात नहीं है, या शायद दवा कम्पनियाँ ऐसी दवा बनाना ही नहीं चाहते, जिनसे पाचन शक्ति सुधर जाये, ताकि मधुमेह की दवाओं की बिक्री होती रहे। दवा कम्पनियों के इसी स्वार्थ और धूर्तता के कारण मधुमेह रोगी जीवनभर दवायें खाने को अभिशिप्त हो जाते हैं और उनके पाश्र्व प्रभावों के कारण अन्य रोगों से भी पीड़ित हो जाते हैं। इतना ही नहीं, ऐलोपैथी के डाॅक्टरों ने कुछ वर्ष पूर्व सामान्य शुगर स्तर को 140 से घटाकर 126 कर दिया, जिसके कारण बहुत से लोग जिनका शुगर स्तर वास्तव में सामान्य है, स्वयं को मधुमेह रोगी मानने लग जाते हैं और दवायें खाने लगते हैं। ऐलोपैथी पर अंधविश्वास और डाॅक्टरों द्वारा फैलाया गया भ्रम ही इसका कारण है।
इसके विपरीत प्राकृतिक चिकित्सा में मधुमेह का पक्का इलाज है पाचन शक्ति को सुधारना। इसके उपाय हैं- पेड़ू पर मिट्टी की पट्टी, एनिमा, और ठंडा कटिस्नान या ठंडा- गर्म सेंक लेकर टहलना, थोड़ा व्यायाम, योगासन और प्राणायाम। इन उपायों के पाचन शक्ति बहुत सुधर जाती है और शीघ्र ही मधुमेह रोगी की सारी दवायें बन्द हो जाती हैं। मैंने ये ही उपाय अपनाकर अनेक जीर्ण मधुमेह रोगियों को पूरी तरह स्वस्थ किया है।
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फिट रहो, खुश रहो ....
05/07/2020
Guru is the Creator (Brahma), Guru is the Preserver(Vishnu), GuruDeva is Destroyer(Maheshwara)
Guru is the absolute (singular) Lord himself, Salutations to that Sri Guru...
इन 8 चीज़ों को भिगोकर ही खाएं, आस-पास भी नहीं फटकेंगीं बीमारियां
अगर किसी चीज को रातभर भिगोकर रखा जाए और अगले दिन उसका सेवन किया जाए तो ज्यादा फायदेमंद होता है। जी हां, अंकुरित होने के बाद कुछ चीजों के पोषक तत्वों की अधिकता हो जाती है साथ ही इन्हें आसानी से पचाया भी जा सकता है। ताउम्र दवाइयों के सेवन से बचे रहना चाहते हैं तो आज हम आपको कुछ चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें भिगोकर ही खाना चाहिए।
1. अलसी के बीज: यह ओमेगा- 3 फैटी के अलावा प्रोटीन, आयरन का भी अच्छा स्त्रोत हैं। इसको भिगोकर खाने से शरीर का बैड कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है और दिल स्वस्थ रहता है। साथ ही इससे मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्या भी कम होती हैं।
2. खसखस: थियामिन और पैंटोथेनिक एसिड से भरपूर खसखस का पूरा फायदा भी तभी मिलेगा जब आप इसे भिगोकर खाएंगे। इससे वजन कंट्रोल में रहता है और कई समस्याओं से भी बचे रहते हैं।
3. मुनक्का: यह मैग्नीशियम, पोटेशियम और आयरन का पॉवर हाउस कहा जाता है। इसे भीगा हुआ खाने से शरीर में कैंसर कोशिकाएं नहीं बढ़ती हैं, जिससे आप इस बीमारी से बचे रहते हैं। साथ ही इसका सेवन एनीमिया, किडनी स्टोन, स्किन प्रॉब्लम्स और पेट की दिक्कतों से भी छुटकारा दिलाता है।
4. मेथी दाना: फाइबर और फॉस्फोरस से भरपूर मेथी दाना डायबिटीज मरीजों के लिए एक अच्छी औषधी है। साथ ही इससे दांत व हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा नियमित रूप से इसका पानी पीने से किडनी स्टोन भी निकल जाता है। इतनी ही नहीं, इन्हें भिगोकर खाने से महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द भी कम होता है।
5. अंकुरित मूंग दाल: यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी से भरपूर होती है। इसे खाने से पेट में बनी कब्ज और गैस की समस्या दूर होती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। साथ ही यह कोलेस्ट्राल लेवल को भी नियंत्रित करता है।
6. सौंफ: इसको भिगोकर खाने या इसका पानी पीने से यूरिन प्रॉब्लम से बचाव होता है क्योंकि इसमें डाइयूरेटिक प्रॉपर्टीज होती हैं। जिससे पेसाव से जुड़ी समस्याएं दूर रहती हैं। इतना ही नहीं इससे पाचन भी दुरुस्त रहता है और आंखों की रोशनी तेज होती है।
7. अंजीर: रोजाना 3 से 5 भिगी हुई अंजीर खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है। साथ ही दिल की बीमारियों की रोकथाम करते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।
8. बादाम: इन्हें भिगोकर खाने से आईज की रोशनी और दिमाग तेज होता है।
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हड्डियों को मजबूत बनाती हैं कैल्शियम
1- दूध- जब हम कैल्शियम के बारे में सोचते हैं तो हमारे दिमाग में सबसे पहले जो चीज आती है वो है -दूध. आसानी से पाच्य दूध सबसे बढ़िया कैल्शियम का स्त्रोत है. बचपन से लेकर बड़े तक हड्डियों को मजबूत बनाने में दूध बहुत जरूरी है. एक कप दूध में 280 मिलीग्राम कैल्शियम होता है.
2-संतरा- एक संतरे में 60 मिलीग्राम कैल्शियम
हम सब जानते हैं कि संतरा हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. इसमें विटामिन डी के साथ कैल्शियम की प्रचुर मात्रा होती है. विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में बहुत जरूरी होता है.
3-बादाम- 1 कप रोस्टेड बादाम में 457 म्ग कैल्शियम
कैल्शियम की उच्च मात्रा वाली चीजों में कैल्शियम सबसे ऊपर आता है. इसमें प्रोटीन भी भरपूर होता है. इससे हार्ट की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है. साथ ही बादाम आपकी याद्दाश्त बढ़ाने में तो मदद करता ही है.
4-अंजीर- 1 कप सूखे हुए अंजीर में 242 म्ग कैल्शियम
फाइबर और पोटैशियम से युक्त अंजीर में कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है. यह आपकी हड्डियों को भी मजबूत करने में भी मदद करता है. मैग्नीशियम के साथ अंजीर हार्ट बीट को भी सही रखता है.
5-योगर्ट
रोजाना खाने में शामिल किया जाने वाला योगर्ट कैल्शियम रिच भी होता है. अगर आपको दूध पसंद नहीं है तो प्रोटीन से भरपूर योगर्ट आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है.
6-पनीर-
कैल्शियम के मामले में अमीर होने की सूची में पनीर का भी नाम शामिल है. प्रोटीन के साथ-साथ यह कैल्शियम का भी बढ़िया स्त्रोत है.
शुगर (डाईबीटीज़) को क़ाबू में करने के उपाय
1. तीन से चार हरे प्याज जड़ समेत ले और अच्छे से धो कर 2 लीटर पानी में भिगो कर रात भर के लिए रख दे और सुबह इसका सेवन करे। ये पानी एक बार में ही सारा मत पिए, दिनभर में जब भी प्यास लगे इस पानी का सेवन करे। 1 महीना लगातार इस उपचार को करने पर शुगर को जड़ से खत्म करने में मदद मिलती है।
2. शरीर में शुगर लेवल को कम करने में कड़वी चीजें बहुत असरदार होती है। इसलिए आंवला, करेला, नीम, मेथी दाना और एलोवेरा शुगर कम करने के उपाय में अचूक होती है। करेले में विटामिन A, B1, B2, C होते है और इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर और पेशाब में शुगर की समस्या को तेजी से कम करते है। इसलिए हर रोज कम से कम 1 बार करेले का जूस जरूर पीना चाहिए।
3. आम के ताजे पत्ते सूखा कर पीस ले और इसका पाउडर बना ले, अब आपका घरेलू उपाय तैयार है। मधुमेह का जड़ से इलाज करने के लिए सुबह खाली पेट इस पाउडर का 1 चम्मच पानी के साथ ले।
4. आम की पत्तियों के पाउडर का सेवन ना किया जाये तो रात को 1 गिलास पानी में आम के ताजे पत्ते भिगो कर रख दे। सुबह इसे उबाल कर छान ले और खाली पेट पिए। इस उपाय से diabetes control होगी और कुछ समय नियमित रूप से करने पर खत्म भी हो सकती है।
5. सुबह खाली पेट मखाने के 4 दाने खाने से भी शुगर की बीमारी से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
👨🏻🦱👉🏿एरंड तेल के 12 स्वास्थ्य लाभ👈🏿👩🏻🦱
👨🏻🦱👉🏿यह सब तेलों में सबसे अधिक उपयोगी है।कब्ज को दूर करने में इसका प्रयोग किया जाता है| वायु, जोड़ों का दर्द, हृदय रोग, आमाशय के विकार, सूजन तथा रक्त विकार में भी यह प्रयुक्त होता है।
🌺👉🏿एरंड तेल के 12 औषधीय गुण इस प्रकार हैं➖👇🏾👇🏾👇🏾
🌹👉🏿वायुगोला👈🏿 (वायु गोला, वायु गोला या गुल्म) पेट में गांठ की तरह उभार को गयुगोला कहते हैं। यह घटता बढ़ता है। एरण्ड का तेल दो चम्मच, गर्म दूध में मिलाकर पीने से लाभ होता है।
🌹👉🏿दर्द👈🏿 गृधसी और कमर दर्द होने पर एरण्ड के बीच की 5 मींगी दूध में पीस कर पिलाने में लाभ होता है।
🌹👉🏿गठिया👈🏿 पेट में आंव दब जाने से गठिया हो जाती है।गठिया में एरण्ड का तेल कब्ज दूर करने हेतु सेवन करें। इससे आंव बाहर निकलेगी और गठिया में आराम होगा।
🌹👉🏿कब्ज👈🏿 सोते समय दो चम्मच एरण्ड का तेल पीने से कब्ज दूर होता है, दस्त साफ आता है।इसे गर्म दूध या गर्म पानी में मिला कर पी सकते हैं।
🌹👉🏿बिवाइयां👈🏿 पैरों को गर्म पानी से धोकर एरण्ड का तेल लगाएं| बिवाई फटना बंद हो जाएगी।
🌹👉🏿नेत्र रोग👈🏿 आंख में मिट्टी, कंकरी गिर जाए, धुआं, तीव्र गंध से दर्द हो तो एरण्ड के तेल की बूंद आंख में डालने से लाभ होता है। तेल डालने के बाद हर 25 मिनट में सेंक करें।
🌷👉🏿अर्श बाहर निकले हुए होने पर नित्य एरण्ड का तेल लगाने से सूख जाते हैं, दर्द दूर होता है। पिचकारी या अन्य किसी तरह गुदा पर भी लगाएं।
🌹👉🏿दांतों के रोग👈🏿 पायोरिया (Pyorrhoea) एरण्ड का तेल और कपूर मिलाकर नित्य दो बार, सुबह, शाम मसूड़ों पर मलने से पायोरिया में लाभ होता है।
🌹👉🏿चेहरे का सौन्दर्य👈🏿 एरण्ड के तेल में चने का आटा मिलाकर चेहरे पर रगड़ने से झाईं आदि मिटकर चेहरा सुन्दर हो जाता है।
🌹👉🏿नाखून👈🏿 एरण्ड के गुनगुने (हल्के गर्म) तेल में नित्य नाखूनों को कुछ मिनट डुबोए रखें, फिर उसी तेल की मालिश करें। यदि डुबोना संभव नहीं हो तो गर्म तेल में रुई डुबो कर नाखूनों पर रखें। इससे नाखून चमकने लगेंगे।
🌹👉🏿स्तन रोग👈🏿 स्तन की बीटनी का अगला भाग, चूचुक (Ni**le) में उभार न हो, कटी हुई अवस्थय हो तो एरण्ड के तेल की मालिश करने से लाभ होता है।
🌹👉🏿सर्प दंश👈🏿 एरण्ड की कोपलें दस ग्राम, 5 काली मिर्च, दोनों को पीसकर पानी में मिलाकर पिला दें। इससे उलटी होगी, कफ निकलेगा। थोड़ी देर बाद पुन: इसी तरह पिलाएं। इससे विष बाहर निकल जाएगा।
🌹👉🏿चोट, घाव👈🏿 कहीं चोट लग कर रक्त आने लगे, घाव हो, एरण्ड का तेल लगा कर पट्टी बांधने से लाभ होता है।
समझदार बनिए, ओवरस्मार्ट नहीं ....
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मास्क पहनना वेन्टिलेटर मास्क पहनने से,
घर मे रहना ICU में रहने से और
हाथ धोना जिंदगी से हाथ धो लेने से बेहतर है।
इसीलिए हालातों की गंभीरता को समझिए उसका मजाक मत बनाइए। भारतीय रेल इतने सालों में कभी बंद नहीं हुई, आज बंद है सिर्फ आपकी सुरक्षा के लिए। सरकार की खामियों की गिनना बंद कीजिए। अगर खुद कुछ कर सकते हैं तो सबसे पहले अपने घर मे रहिए और अफवाहों को तूल मत दीजिए।🙏
Our Yoga Class...
17/03/2020
17/03/2020
Morning class...
10/03/2020
Wishing you a very happy and prosperous holi...
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