07/07/2025
शुभमन गिल को इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 'मैन ऑफ द मैच' (प्लेयर ऑफ द मैच) चुना गया है।
उनकी यह पारी ऐतिहासिक थी और उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड तोड़े, जिसकी वजह से उन्हें यह सम्मान मिला।
उनके प्रदर्शन की मुख्य बातें:
पहली पारी में: उन्होंने 269 रनों की शानदार दोहरी शतकीय पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक था।
दूसरी पारी में: उन्होंने 161 रनों की महत्वपूर्ण शतकीय पारी खेली।
इस मैच में कुल मिलाकर उन्होंने 430 रन बनाए, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक मैच में बनाए गए दूसरे सबसे ज़्यादा रन हैं। उन्होंने एक ही टेस्ट में दोहरा शतक और शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।
मोहम्मद सिराज और आकाश दीप ने भी गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन शुभमन गिल की रिकॉर्ड-तोड़ बल्लेबाजी ने उन्हें मैन ऑफ द मैच का हकदार बनाया।
06/07/2025
टेस्ट क्रिकेट में 400, 300 और 200 रन बनाने वाले खिलाड़ियों की संख्या 🏏
06/07/2025
#मेडिकल_किडनैपिंग ये होती है......अभिनव वर्मा की माँ ,जो सिर्फ 50 बरस की थीं, पेट में दर्द उठा ,नज़दीक ही फोर्टिस अस्पताल बनेरघट्टा, बंगलौर है ! डा कनिराज ने माँ को देखा और अल्ट्रा साउंड कराने को कहा ! फोर्टिस में ही अल्ट्रा साउंड हुआ और डा कनिराज ने बताया कि गाल ब्लैडर में पथरी है ! एक छोटा सा ऑपरेशन होगा,माँ स्वस्थ हो जाएंगी !
अभिनव माँ को घर लेकर आ गए और पेन-किलर के उपयोग से दर्द खत्म भी हो गया !!
कुछ दिन बाद अभिनव वर्मा को फोर्टिस से फोन कर डा कनिराज ने हिदायत दी कि यूँ पथरी का गाल ब्लैडर में रहना खतरनाक होगा, अतः अभिनव को अपनी माँ का ऑपरेशन तुरंत करा लेना ज़रूरी है !
अभिनव जब अपनी माँ को फोर्टिस बंगलौर लेकर पहुचे तो एक दूसरे डॉक्टर मोहम्मद शब्बीर अहमद ने अटेंड किया, जो एंडोस्कोपी के एक्सपर्ट थे, उन्होंने बताया कि एहतियात के लिए ERCP करा ली जाय
डा० अहमद को पैंक्रियास कैंसर का .05 % शक था ! अभिनव मजबूर थे, डॉक्टर भगवान होता है, झूठ तो नहीं बोलेगा, सो पैंक्रियास और गाल ब्लैडर की बायोप्सी की गई !!
रिपोर्ट नेगेटिव आई मगर बॉयोप्सी और एंडोस्कोपी की प्रक्रिया के बाद माँ को भयंकर दर्द शुरू हो गया। गाल ब्लैडर के ऑपरेशन को छोड़, माँ को पेट दर्द और इंटर्नल ब्लीडिंग के शक में ICU में पंहुचा दिया गया ! आगे पढ़ने के लिए धैर्य और मज़बूत दिल चाहिए........!!
जब अभिनव की माँ अस्पताल में भर्ती हुई थीं तो लिवर,हार्ट,किडनी और सारे ब्लड रिपोर्ट पूरी तरह नार्मल थे ! डॉक्टरों ने बताना शुरू किया कि अब लिवर अफेक्टेड हो गया है, फिर किडनी के लिए कह दिया गया कि डायलिसिस होगा !
एक दिन कहा अब बीपी बहुत 'लो' जा रहा है तो पेस मेकर लगाना पड़ेगा, पेस मेकर लग गया मगर हालात बद से बदतर हो गए ! पेट का दर्द भी बढ़ता जा रहा था और शरीर के अंग एक-एक कर साथ छोड़ रहे थे ! अब तक अभिनव की माँ को फोर्टिस ICU में एक माह से ऊपर हो चुका था !
एक दिन डॉक्टर ने कहा कि बॉडी में शरीर के ऑक्सीजन सप्लाई में कुछ गड़बड़ हो गई अतः ऑपरेशन करना होगा ! ऑपरेशन टेबल पर लिटाने के बाद डॉक्टर, ऑपरेशन थिएटर के बाहर निकल कर तुरंत कई लाख की रकम जमा कराने को कहता है और उसके बाद ही ऑपरेशन करने की बात करता है !
अभिनव तुरंत दौड़ता है और अपने रिश्तेदारों ,मित्रों के सामने गिड़गिड़ाता है,रकम उसी दिन इकट्ठी कर फोर्टिस में जमा कराई गई,पैसे जमा होने के बाद भी डॉक्टर ऑपरेशन कैंसिल कर देते हैं !
हालात क्यों बिगड़ रहे हैं, इंफेक्शन क्यों होते जा रहे थे, डॉक्टर अभिनव को कुछ नहीं बताते ! सिर्फ दवा, ड्रिप, खून की बोतलें और माँ की बेहोशी में अभिनव स्वयं आर्थिक और मॉनसिक रूप से टूट चुका था ! डॉक्टरों को जब अभिनव से पैसा जमा कराना होता था तब ही वह अभिनव से बात करते थे !
माँ बेहोशी में कराहती थी ! अभिनव माँ को देख कर रोता था कि इस माँ को कभी-कभी हलके पेट दर्द के अलावा कोई तकलीफ न थी ! उसकी हॅसमुख और खूबसूरत माँ को फोर्टिस की नज़र लग गई थी !
50 दिन ICU में रहने के बाद दर्द में कराहते हुए मां ने दुनिया से विदा ले ली !
खर्चा-अस्पताल का बिल रु 43 लाख ,दवाइयों का बिल 12 लाख और 50 यूनिट खून ! अभिनव की माँ की देह को शवग्रह में रखवा दिया गया और अभिनव को शेष भुगतान जमा कराने के लिए कहा गया और शव के इर्द गिर्द बाउंसर्स लगा दिए गए !
अभिनव ने सिर्फ एक छोटी सी शर्त रखी कि मेरी माँ की सारी रिपोर्ट्स और माँ के शरीर की जांच एक स्वतंत्र डॉक्टरों की टीम द्वारा कराइ जाए ! फोर्टिस ने बमुश्किल अनुमति दी !!!
रिपोर्ट आई ............... अभिनव वर्मा की माँ के गाल ब्लैडर में कभी कोई पथरी नहीं थी ..............
आदरणीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी यह सिर्फ एक अस्पताल की कहानी नहीं है भारत के सभी राज्यों के सभी जिलों के प्राइवेट हॉस्पिटलों की यही कहानी है इसलिए एक सर्जिकल स्ट्राइक प्राइवेट अस्पताल पर भी होने चाहिए..... 🙏
23/02/2025
Most ODI Hundreds For India 💥💯
14/12/2024
क्रिकेटर आए हैं आते रहेंगे तुम्हारे बाद भी,
लेकिन तुम सा योद्धा न आया है न आयेगा..!❤️
#चुलबुल
24/11/2024
USA प्लेयर के तौर पर 31 वर्षीय उन्मुक्त चंद ने IPL मेगा ऑक्शन के लिए रजिस्टर करवाया है। उन्मुक्त चंद भारतीय क्रिकेट का एक जाना-पहचाना चेहरा रह चुके हैं। उन्मुक्त चंद की कप्तानी में ही भारत ने 2012 का अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। उन्मुक्त ने तब फाइनल मुकाबले में मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रनों की कप्तानी पारी खेलकर भारत को चैम्पियन बनाया था। उस खिताबी जीत के बाद फैन्स उन्मुक्त चंद की तुलना विराट कोहली से करने लगे थे। दअसल विराट ने भी 2008 के अंडर-19 विश्व कप में अपनी कप्तानी में भारत को खिताब दिलाया था। विराट ने उस जीत के कुछ महीने बाद भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू भी किया था, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ऐसे में उन्मुक्त के भी विराट कोहली के नक्शेकदम पर चलने की उम्मीद की जा रही थी, मगर ऐसा हो नहीं पाया।
उन्मुक्त चंद ने भारत-ए टीम की भी कप्तानी की, लेकिन उन्हें कभी भी सीनियर टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। उन्मुक्त को 2013 की ICC चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए 30 सदस्यीय भारतीय टीम में जगह मिली थी। साथ ही वह 2014 के टी-20 विश्व कप के लिए 30 सदस्यीय टीम में भी चुने गए थे। उन्मुक्त चंद ने साल अगस्त 2021 में बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट करियर की नई शुरुआत करने के लिए अमेरिका का रुख किया। उन्मुक्त को पूरी उम्मीद थी उन्हें जरूर टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अमेरिकी टीम में जगह मिलेगी। इसके चलते वह कड़ी मेहनत कड़ रहे थे। वो अपनी विकेटकीपिंग स्किल्स को भी निखार रहे थे, लेकिन उन्हें वर्ल्ड कप टीम में नहीं चुना गया।
दाएं हाथ के बल्लेबाज उन्मुक्त चंद ने अपने घरेलू करियर की शुरुआत 2010 में दिल्ली के लिए की थी। वह 8 सीजन तक के होम टीम लिए खेले। इस दौरान वह दिल्ली की टीम के कप्तान भी रहे। फिर उन्होंने उत्तराखंड के लिए भी घरेलू क्रिकेट खेला। उन्मुक्त ने अब तक 67 फर्स्ट क्लास, 120 लिस्ट-ए और 84 टी20 मैच खेले हैं। फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 31.57 के एवरेज से 3379 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 16 अर्धशतक शामिल रहे। लिस्ट-ए मैचों में उनमुक्त के नाम पर 41.33 के एवरेज से 5505 रन दर्ज हैं। लिस्ट-ए में उनमुक्त ने 7 शतक और 32 अर्धशतक लगाए। उन्मुक्त ने टी-20 मैचों में 21.53 की औसत से 21.53 की औसत से 1637 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और पांच अर्धशतक लगाए। उन्मुक्त चंद ने IPL में भी भाग लिया, जहां वह 21 मुकाबलों में महज 15 की औसत से 300 रन बना पाए। उन्मुक्त बिग बैश लीग (BBL) में खेलने वाले पहले भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। क्या मेगा ऑक्शन में कोई टीम उन्मुक्त पर दांव खेलेगी?
24/11/2024
मुनाफ पटेल भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज हैं, जिन्होंने अपने सटीक लाइन-लेंथ और शानदार स्विंग गेंदबाजी से कई मुकाबले जिताए। 1983 में गुजरात के भरूच जिले में जन्मे मुनाफ ने 2006 में भारत के लिए डेब्यू किया और 2011 के विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे। उनके नाम 13 टेस्ट, 70 वनडे और 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 125 से अधिक विकेट हैं।
मुनाफ पटेल की पत्नी तस्लीमा पटेल निजी जीवन में उनसे हर कदम पर साथ रही हैं। तस्लीमा पटेल को एक सादगीपूर्ण और परिवार-प्रेमी महिला के रूप में जाना जाता है। मुनाफ पटेल अपने करियर की सफलता के पीछे तस्लीमा पटेल के योगदान को मानते हैं। दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा है और एक शांतिपूर्ण जीवन बिताना पसंद करते हैं। वर्तमान में मुनाफ क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं।
24/11/2024
सचिन को भगवान मानने वाला यह युवा जो 2009 में सचिन सर को एनर्जी ड्रिंक पिला रहा है इस युवा ने आने वाले समय में दुनिया भर के गेंदबाजों को पानी पिलाया बताइए कौन है आज उसका जन्मदिन भी है