Himadri yog aashram

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A wonderful way to live life is to live yogic, through yoga we heal our body and match the soul with

06/01/2026

नान्या स्पृहा रघुपते हृदयेऽस्मदीये
सत्यं वदामि च भवानखिलान्तरात्मा।
भक्तिं प्रयच्छ रघुपुङ्गव निर्भरां मे
कामादिदोषरहितं कुरु मानसं च।।

हे रघुनाथजी! मेरे हृदय में आपके अतिरिक्त किसी भी वस्तु की इच्छा नहीं है। मैं सत्य कहता हूँ और आप तो सबके अंतर्यामी हैं। हे रघुकुलश्रेष्ठ! मुझे अपनी पूर्ण (निर्भर) भक्ति प्रदान करें। मेरे मन को काम आदि दोषों से रहित करें।

🙏🏻⛳‼️जय सियाराम ‼️⛳🙏🏻

03/01/2026

उमा जोग जप दान तप, नाना व्रत मख नेम।
राम कृपा नहिं करहिं तस, जस निस्केवल प्रेम।।

भगवान शिव पार्वती के प्रति कहते हैं, हे उमा! योग, जप, दान, तपस्या और भाँति भाँति के व्रत यज्ञ नियम आदि मिलकर भी साधक को प्रभु कृपा का वैसा अधिकारी नहीं बना सकते, जैसा कि अनन्य प्रेम बना सकता है अर्थात प्रभु सिर्फ प्रेम से ही पाये जा सकते हैं..
जय सियाराम 🙏

03/01/2026

तुलसी उद्यम करम जुग, जब जेहि राम सुडीठि।
होइ सुफल सोइ ताहि सब, सनमुख प्रभु तन पीठि॥

तुलसी कहते हैं कि जब जिस पर श्री राम की सुदृष्टि होती है, तब उसके सब उद्यम और कर्म दोनों सफल हो जाते हैं और वह शरीर की ममता छोड़कर प्रभु के सम्मुख हो जाता है।
जय सियाराम 🙏

03/01/2026

‘तुलसी’ विलंब न कीजै, भजि लीजै रघुबीर।
तन तरकस तें जात है, स्वांस सार सो तीर॥

तुलसीदासजी कहते हैं कि अब देर मत करो, अब भगवान् राम का भजन कर लो, क्योंकि शरीर रूपी तरकस से प्राण रूपी तीर निकलते ही जा रहे हैं और जो श्वास एक बार निकल जाता है वह फिर नहीं आता।
जय सियाराम 🙏

03/01/2026

नमामि भक्त वत्सलं। कृपालु शील कोमलं॥
भजामि ते पदांबुजं। अकामिनां स्वधामदं॥

हे भक्त वत्सल! हे कृपालु! हे कोमल स्वभाव वाले! मैं आपको नमस्कार करता हूँ। निष्काम पुरुषों को अपना परमधाम देने वाले आपके चरण कमलों को मैं भजता हूँ॥
जय सियाराम 🙏

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