21/12/2022
तमाम आंखें तेरी समत देखती हैं मगर,
हमारे जैसी मुहब्बत से कौन देखता है,।
तुम्हारे होने के काबिल नहीं मगर ये बता,
ख्वाब अपनी पसंद का कौन देखता है,
कहाँ से महकेगीं मेरे होठों पर लम्स की खुशबु
तेरे जाने के बाद मैने किसी को छुआ भी नही है
21/12/2022
तमाम आंखें तेरी समत देखती हैं मगर,
हमारे जैसी मुहब्बत से कौन देखता है,।
तुम्हारे होने के काबिल नहीं मगर ये बता,
ख्वाब अपनी पसंद का कौन देखता है,