11/10/2026
कभी किसी गीत में, कभी किसी बात में,
कभी तन्हा रातों में, कभी बरसात में…
मैं लफ़्ज़ बनकर तुम्हारे ख़यालों में आऊँगी,
कभी मुस्कुराहट, कभी आँसू बनकर सताऊँगी…
तुम लाख छुपा लेना दुनिया से मोहब्बत अपनी,
मगर दिल से मेरी यादें मिटा ना पाओगे…
तुम मुझे भुला तो सकते हो शायद,
पर सच कहूँ… मुझे भुला ना पाओगे। ❤️✨