15/11/2021
वृश्चिक संक्रांति, यह दिन मंगलवार, 16 नवंबर को पड़ रहा है। किसी भी संक्रांति में सूर्य की पूजा होती है। जब सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश होता है तो उसे संक्रांति कहते हैं।
क्योंकि सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं इसलिए इसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है । सूर्य प्रत्येक राशि में 1 महीने तक रहते हैं और इसके बाद फिर दूसरी राशि आ जाते हैं। 12 राशियों में एक - एक महीने रहते हुए साल बीत जाता है।
संक्रांति को बहुत ही पवित्र दिनों में से एक माना जाता है इसलिए इसे हिंदू धर्म में पर्व भी कहा गया है।
मकर संक्रांति को तो भव्य रूप से मनाया ही जाता है वहीं अन्य संक्रांति पर भी सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है । इसमें स्नान दान का बहुत महत्व होता है ।
यह संक्रांति धार्मिक व्यक्तियों व कर्मचारियों, छात्रों व शिक्षकों के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। वृश्चिक संक्रांति के विशिष्ट पूजा उपाय से धन से जुड़ी समस्याओं का निदान हो जाता है और छात्रों को परीक्षाओं में सफलता मिलती है । आज के दिन खान-पान की भी चीजें गरीबों को दान करते हैं । ब्राह्मण को गाय दान करने का भी खास महत्व है इस दिन ।
सुबह उठकर के पहले सूर्योदय में सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए । पानी में लाल चंदन मिलाकर तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं इसके साथ ही लाल फूल, लाल चंदन व लाल सिंदूर इत्यादि भी चढ़ाने चाहिये।
ईश्वर आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें।
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