29/08/2026
प्रधान परिषद संगड़ाह के चुनाव पर फैलाये जा रहे झूठ और उठाए जा रहे सवालों का जवाब प्रधान परिषद के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत गेहल के प्रधान ओपी ठाकुर ने दिउड़ी खड़ाह पंचायत प्रधान के बयान को बताया नौटकीपूर्ण व ड्रामेबाजी करार दिया
प्रधान परिषद संगड़ाह के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर ग्राम पंचायत दियूडी खड़ांहा के प्रधान द्वारा जिस प्रकार की बयानबाज़ी की जा रही है, वह न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि प्रधान परिषद जैसे गैर-राजनीतिक और लोकतांत्रिक मंच की गरिमा को भी ठेस पहुँचाने वाली है।
सबसे पहले चुनाव की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर देना जरूरी है। संगड़ाह विकास खंड में कुल 39 ग्राम पंचायतों के प्रधान हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए 26 प्रधानों का समर्थन आवश्यक था। जबकि प्रधान परिषद की बैठक में 29 प्रधान स्वयं उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत सेर तंदुला, ग्राम पंचायत भवाई और ग्राम पंचायत रणफुआ जबड़ोग के प्रधान बैठक में अनुपस्थित होने के बावजूद लिखित सहमति पत्र भेजकर प्रधान परिषद के गठन एवं निर्णय के प्रति अपना समर्थन जता चुके हैं।
इस प्रकार 29 उपस्थित + 3 लिखित समर्थन = कुल 32 प्रधानों का समर्थन प्रधान परिषद के गठन एवं निर्णय के साथ रहा है। यानी आवश्यक दो-तिहाई संख्या 26 से भी 6 अधिक प्रधानों का समर्थन प्राप्त हुआ है।
ऐसी स्थिति में यह कहना कि प्रधान परिषद का गठन या अध्यक्ष का चुनाव गैर-लोकतांत्रिक तरीके से हुआ, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के समान और घटिया किस्म कि राजनैतिक बयानबाजी है।
और जिस प्रकार यह कहा जा रहा है कि केवल 10 से 15 प्रधान ही बैठक से अनुपस्थित थे अथवा चुनाव से सहमत नहीं थे, वह दावा भी आंकड़ों से मेल नहीं खाता तथा प्रधान द्वारा झूठ फैलाया जा रहा है । यदि प्रधान चुनाव या निर्णय पर आपत्ति है तो वह सामने आकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखे, लेकिन बिना प्रमाण के संख्या बताकर भ्रम पैदा करना उचित नहीं है।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस पूरे विषय में पीसीसी अध्यक्ष विनय कुमार जी का नाम भी अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है। प्रधान परिषद किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं है। हर प्रधान की अपनी राजनीतिक विचारधारा हो सकती है, लेकिन प्रधान परिषद में सभी प्रधानों का प्रतिनिधित्व है। इसलिए इस संगठन के निर्णय को कांग्रेस, भाजपा या किसी अन्य राजनीतिक दल से जोड़ना प्रधान परिषद की मूल भावना के विपरीत है।
ग्राम पंचायत दियूड़ी खड़ांहा के प्रधान मीडिया और सोशल मीडिया में बेवजह सुर्खियां बटोरने की राजनीति करने के बजाय अपनी पंचायत के विकास कार्यों और जनता की समस्याओं पर ध्यान दें। जनता ने उन्हें बयानबाज़ी करने के लिए नहीं, बल्कि विकास और जनसेवा के लिए चुना है। प्रधान परिषद का निर्णय किसी व्यक्ति विशेष का निर्णय नहीं है। यह बहुमत का निर्णय है और लोकतांत्रिक तरीके से लिया गया निर्णय है। प्रधान परिषद की बैठक में दो तिहाई बहुमत से ज्यादा प्रधानों ने भाग लिया और बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और सबकी सहमति से निर्णय हुआ।
ग्राम पंचायत दिउड़ी खड़ाहा के प्रधान ने प्रधानों को फ़ोन करके, सोशल मीडिया के माध्यम से मैसेज करके प्रधानों को रोकने की नाकाम कोशिश की जो कि प्रधान परिषद के खिलाफ़ है। प्रधान परिषद कि बैठक में निर्णय 2-4 प्रधानों कि निजी राय पर नहीं ंगी बल्कि बहुमत से तय होता है।
इसलिए विरोध के लिए विरोध करने के बजाय लोकतांत्रिक निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति से टकराव नहीं, बल्कि सभी प्रधानों को एक मंच पर लेकर प्रधानों के अधिकारों, सम्मान और विकास से जुड़े मुद्दों की आवाज़ को मजबूत करना है।
आंकड़े स्वयं सच बोलते हैं—
39 में 26 आवश्यक थे,
29 प्रधान बैठक में उपस्थित थे,
3 प्रधानों ने लिखित समर्थन दिया,
कुल 32 प्रधानों का समर्थन प्राप्त हुआ।
इससे बड़ा लोकतांत्रिक जनादेश क्या हो सकता है?
ओपी ठाकुर
अध्यक्ष, प्रधान परिषद संगड़ाह
प्रधान, ग्राम पंचायत गेहल