Jal Singh Power Yoga Group

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General Yoga, Asthanga Yoga, Power Yoga Relaxation
Weight Loss, Strength & Stamina, Flexibility, Back Pain, Thyroid, Cervical Spondilysis, Sciatica Pain, Paralysis, Arthritis, Hypertension

31/03/2026

जोड़ों के दर्द के मुख्य कारण
उम्र बढ़ना व घिसना: बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों के बीच का कार्टिलेज प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है।
अत्यधिक वजन: शरीर का ज्यादा भार घुटनों और कूल्हों के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
गलत मुद्रा (Posture): बैठने या खड़े होने का गलत तरीका जोड़ों के संरेखण (alignment) को बिगाड़ सकता है।
पोषक तत्वों की कमी: विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
सुझाए गए आयुर्वेदिक उपाय
हर्बल तेल मालिश: जोड़ों पर औषधीय तेलों से मालिश करने से रक्त संचार बढ़ता है और जकड़न कम होती है।
गर्म पानी की सिकाई: यह सूजन को कम करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती है।
अश्वगंधा व गुग्गुल: ये जड़ी-बूटियाँ अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जानी जाती हैं जो दर्द कम करने में सहायक हो सकती हैं।
हल्दी, अदरक और गुड़: ये प्राकृतिक पदार्थ सूजन रोधी गुणों से भरपूर होते हैं और जोड़ों के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण बातें:
किसी भी आयुर्वेदिक उपचार या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले एक योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
यदि जोड़ों में बहुत अधिक लालिमा, तेज बुखार या चलने-फिरने में असमर्थता महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें🙏🏼 जलसिंह सीर्रा मीना

31/03/2026

तनाव दूर करने के सरल उपाय:
ध्यान और योग करें: प्रतिदिन कुछ समय शांत बैठकर गहरी सांस लें।
प्रकृति के करीब रहें: खुली हवा, पेड़-पौधे और सूरज की रोशनी मन को सुकून देती है।
सकारात्मक सोच अपनाएं: हर परिस्थिति में अच्छाई तलाशने की कोशिश करें।
मनपसंद काम करें: संगीत सुनना, पढ़ना या घूमना आपको खुशी देता है।
अपनों से बात करें: अपने विचार और भावनाएं साझा करें।
याद रखें:
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।
खुश रहना एक आदत है, इसे रोज़ अपनाएं।
छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करें, यही जीवन का असली आनंद है।
जब मन शांत होता है, तो जीवन अपने आप सुंदर और सरल बन जाता ।🙏🏼 जलसिंह सीर्रा मीना

31/03/2026

'सरल धनुरासन' आपकी रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और शरीर को ऊर्जावान रखने का एक बेहतरीन तरीका है। पेट के बल लेटकर, सांसों के तालमेल के साथ अपने शरीर को धनुष की आकृति में ढालें और मानसिक व शारीरिक शांति का अनुभव करें।🙏🏼 जलसिंह सीर्रा मीना

31/03/2026

अनुलोम-विलोम और नाड़ी शोधन प्राणायाम दिखने में एक जैसे हैं, लेकिन अभ्यास और उद्देश्य में अंतर है। सही ज्ञान के साथ किया गया प्राणायाम ही शरीर और मन को संतुलित करता है।
अनुलोम–विलोम प्राणायाम और नाड़ी शोधन प्राणायाम अक्सर एक जैसे समझ लिए जाते हैं, लेकिन योग ग्रंथों के अनुसार इनमें स्पष्ट अंतर है।

1. अनुलोम–विलोम प्राणायाम।
इसमें बारी-बारी से नासिकाओं से श्वास लेना और छोड़ना किया जाता है।
सामान्य अभ्यास में कुंभक (श्वास रोकना) नहीं होता।
यह सरल और प्रारम्भिक अभ्यास माना जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य श्वास को संतुलित करना और मन को शांत करना है।
इसे कोई भी साधक आसानी से कर सकता है।

2. नाड़ी शोधन प्राणायाम।
यह अधिक शास्त्रीय और उन्नत अभ्यास माना जाता है।
इसमें तीन क्रियाएँ होती हैं —
पूरक (श्वास लेना) → कुंभक (रोकना) → रेचक (छोड़ना)।
इसमें अक्सर निश्चित अनुपात रखा जाता है, जैसे 1 : 4 : 2
उदाहरण:-
4 सेकंड श्वास लें।
16 सेकंड रोकें।
8 सेकंड छोड़ें।

इसका उद्देश्य शरीर की प्रमुख नाड़ियों — इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ी को शुद्ध और संतुलित करना है।
यह अभ्यास प्राणायाम की उच्च अवस्था के लिए किया जाता है ।
✅ दोनों अभ्यासों में यही अंतर है परन्तु दोनों एक जैसे नहीं है ।
अनुलोम-विलोम → बिना कुंभक, सरल अभ्यास।
नाड़ी शोधन → कुंभक और निश्चित अनुपात के साथ शास्त्रीय प्राणायाम।

✓नाड़ी शोधन प्राणायाम कैसे किया जाता है।

• दाहिने हाथ से नासिका मुद्रा (विष्णु मुद्रा) बनाएं।
• अंगूठे से दाहिनी नासिका और अनामिका से बाईं नासिका नियंत्रित करें।
• दाहिनी नासिका बंद करके बाईं नासिका से श्वास लें (पूरक)।
• दोनों नासिकाएँ बंद करके श्वास रोकें (कुंभक)।
• दाहिनी नासिका खोलकर श्वास छोड़ें (रेचक)।
• फिर दाहिनी नासिका से श्वास लें।
• दोनों नासिकाएँ बंद करके कुंभक करें।
• बाईं नासिका से श्वास छोड़ें।

यह एक पूरा चक्र माना जाता है।

✓अनुलोम विलोम करने की प्रक्रिया।

• दाहिने हाथ से नासिका मुद्रा (विष्णु मुद्रा) बनाएं।
• अंगूठे से दाहिनी नासिका और अनामिका से बाईं नासिका नियंत्रित करें।
• दाहिनी नासिका को अंगूठे से बंद करें।
• बाईं नासिका से धीरे-धीरे श्वास लें।
• अब बाईं नासिका बंद करें और दाहिनी नासिका खोलें।
• दाहिनी नासिका से धीरे-धीरे श्वास छोड़ें।
• फिर दाहिनी नासिका से श्वास लें।
• दाहिनी नासिका बंद करके बाईं नासिका से श्वास छोड़ें।
यह एक चक्र माना जाता है।

इस प्रकार से दोनों प्राणायाम किया जाता है।

जलसिंह सीर्रा मीना

31/03/2026

नमस्कार!!
आज आपको पेट कम करने के आसान उपाय की जानकारी दे रहे है:-by-प्रकाश
पेट की चर्बी की कम करने के लिए आहार का खास खयाल रखें।
नियमित रुप से योग, व्यायाम करें।
आहार में जंक फूड व फास्ट फूड को तरजीह ना दें।
एक साथ खाने की जगह थोडा-थोड़ा करके खाएं।

पेट कम करने के लिए खाना छोड़ने या कम खाना खाने की बजाय स्वस्थ व पौष्टिक आहार का सेवन करें। नियमित योग और व्यायाम संतुलित आहार पेट की चर्बी कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

पेटी की चर्बी से हर दूसरा व्यक्ति परेशान नजर आता है। यह समस्या काफी आम हो चुकी है। इसके लिए अपनी एक नियमित दिनचर्या बनाएं और गंभीरता से इसका अनुसरण करें। आइए जानें कुछ ऐसे उपाय जिन्हें अपनाकर महज कुछ महीनो में ही बढ़े हुए पेट को कम किया जा सकता है।

रोज योग और व्यायाम कुशल योग शिक्षक की देख रेख में करें।
और साथ में अपने खाने में ये सम्मिलित करें:-
जौ-चने की रोटी
भोजन में गेहूं के आटे की रोटी की जगह जौ-चने के आटे की रोटी का सेवन शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें। और इसी आटे की रोटी खाएं। इससे आप अतिरिक्त कॉर्बोहाइड्रेट लेने से बचेंगे और शरीर में अतिरिक्त कैलोरी भी जमा नहीं होंगी।

पानी में सौंफ
आधा चम्मच सौंफ लेकर एक कप खौलते पानी में डाल दी जाए और 10 मिनट तक इसे ढककर रखा जाए और बाद में ठंडा होने पर पी लिया जाए। नियमित रुप से इसे लेने पर पेट जल्द कम होगा।

नारियल पानी
नारियल पानी इसमें अन्य फलों के मुकाबले ज्यादा इलेक्ट्रोलाइट्स पाया जाता है। न तो इसमें अतिरिक्त शुगर की मात्रा होती है और न ही कोई कृत्रिम फ्लेवर पाया जाता है। इसमें बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता। इसके अलावा यह शरीर को तुरंत स्फूर्ति देता है।

बॉल एक्सरसाइज
बॉल एक्सररसाइज करें जमीन पर पीठ के बल पर सीधा लेट जाए। अब हाथों पर एक्सरसाइज वाली बडी़ बॉल को हाथों में ले कर अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। अब अपने हाथों की बॉल को अपने पैरों में पकड़ाएं और फिर पैरों को नीचे ले जा कर दुबारा बॉल ले कर ऊपर आएं। फिर पैरों से जो बॉल उठाई गई है उसे दुबारा हाथों में पकाड़ाएं। इस क्रिया को लगातार 12 बार करें।

पानी में शहद
शहद एक काम्पलेक्स शर्करा की तरह है, जो मोटापा कम करने में काफी हद तक मदद करता है। गर्म पानी में एक चम्मच शहद प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से कुछ ही समय में परिणाम दिखने लगते हैं, आप चाहें तो इसमें इस मिश्रण में एक चम्मच नींबू रस भी डाल सकते हैं।

पुदीने की चटनी
पुदीना की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाई जाए और चपाती के साथ सेवन किया जाए, असरकारक होती है।

खाने के बीच में पानी न पियें
खाना खाते समय ध्यान रखें कि बीच में कभी भी पानी न पीएं साथ ही खाना खाने के बाद भी पानी पीने से बचें। खाने के कम से कम 10-15 मिनट बाद गुनगुना पानी पियें। कुछ दिनों तक लगातार इस उपाय को अपनाएं और असर देखें।

जॉगिंग व मॉर्निंग वॉक
पेट कम करने के लिए सुबह-सुबह जॉगिंग या वॉक भी करें, अगर आपको जॉगिंग में समस्या आ रही है तो तेज चाल से वॉक कर सकते हैं। नियमित रुप से मॉर्निंग वॉक आपको बढ़ते पेट से जल्द निजात दिला सकता है।

इन उपायों को आजमाकर आप अपने पेट पर जमा अतिरिक्‍त चर्बी को कम कर सकते हैं। लेकिन, जरूरत है कि आप इन उपायों को पूरी शिद्दत से निभायें और इन्‍हें आजमाने में कोई कोताही न बरतें।
धन्यवाद 🙏🏼 जलसिंह सीर्रा मीना

05/03/2026

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