मांगी थी मौत तो ज़िन्दगी मिल गई, अंधेरे में भी मुझे रौशनी मिल गई, पूछा खुदा से नसीब में क्या है मेरे, तो सबसे हसीन तोहफा आपकी दोस्ती मिल गई। Ali Asgar
Aayat 117