23/05/2026
https://youtube.com/shorts/UYa289z4mPc?si=NgI_wbF9cQ2XfU1_
Divya Jyoti Sansthan 127 likes, 33 comments. "स्वयं से दिव्य प्रेम - स्वस्थ संतुलित जीवन - ईश्वरीय कृपा - श्रद्धेय गुरूदेव डॉ. मनोज कुमार विमल जी"
A Center for Healing at Physical, Mental and Emotional Level, Transformation of Inner-Self & Spiritu
“Divya Jyoti Sansthan”, founded by Dr. Manoj Kumar Bimal in 1999 is an institution integrated with science of Spirituality, creating awareness and empowering humanity with objective, healthy and natural way of healing. Divya Jyoti Sansthan is dedicated to train human being in scientific method of spiritual meditation; which helps to attain holistic health, inner wisdom and ethico-moral values in p
23/05/2026
https://youtube.com/shorts/UYa289z4mPc?si=NgI_wbF9cQ2XfU1_
Divya Jyoti Sansthan 127 likes, 33 comments. "स्वयं से दिव्य प्रेम - स्वस्थ संतुलित जीवन - ईश्वरीय कृपा - श्रद्धेय गुरूदेव डॉ. मनोज कुमार विमल जी"
23/05/2026
दिनांक 22/05/2026
परम चैतन्य जागृत परमात्मा के दिव्य स्वरूप के दिव्य दर्शन।🙏
हमारे परम श्रद्धेय गुरुदेव डॉ मनोज कुमार विमल जी द्वारा परमात्मा को अर्पित जल भी ग्रहण हुए हैं।🙏
23/05/2026
22/05/2026
22/05/2026
दिनांक 21/05/2026
परम चैतन्य जागृत परमात्मा के दिव्य स्वरूप के दिव्य दर्शन।🙏
हमारे परम श्रद्धेय गुरुदेव डॉ मनोज कुमार विमल जी द्वारा परमात्मा को अर्पित जल भी ग्रहण हुए हैं।🙏
21/05/2026
दिनांक 20/05/2026
परम चैतन्य जागृत परमात्मा के दिव्य स्वरूप के दिव्य दर्शन।🙏
हमारे परम श्रद्धेय गुरुदेव डॉ मनोज कुमार विमल जी द्वारा परमात्मा को अर्पित जल भी ग्रहण हुए हैं।🙏
19/05/2026
परम श्रद्धेय गुरुदेव जी को मेरा कोटी कोटी नमन। जैसा कि आप सभी साधक गण जानते हैं कि 2022 के के शारदीय नवरात्रि के पंचमी तिथि को परम श्रद्धेय गुरुदेव जी द्वारा मां गंगा की पावन मिट्टी से बनाए गए पार्थिव शिवलिंग में मां महाकाली , जगत पिता महाकाल , प्रभु श्री कृष्ण के बाल स्वरूप , रुद्र देव , हनुमान महाप्रभु जी, परमेश्वर ओम के साथ सभी देवी देवता प्रकट हो गए थे इसके साथ साथ हमारे परम श्रद्धेय गुरुदेव जी का पहले कभी का फोटो भी उसमें झलकता है अर्थात हमारे परम श्रद्धेय गुरुदेव जी तथा सभी देवी देवता एक ही हैं। उसी तरह 2023 के शारदीय नवरात्रि के पंचमी तिथि को भी परम श्रद्धेय गुरुदेव जी द्वारा मां गंगा की पावन मिट्टी से बनाए गए पार्थिव शिवलिंग में सबसे पहले परमेश्वर ओम तथा प्रभु महाकाल प्रकट हुए थे। उसके बाद जगत जननी मां का घी से स्वतः ही चेहरा प्रकट हो गया था । पहले मां का स्वरूप बाल स्वरूप में था फिर धीरे धीरे जैसे एक बच्चा बड़ा होता है तो उसका स्वरूप बदलता रहता है उसी तरह जगत जननी मां का भी स्वरूप बदल रहा है। मां जगदम्बा के स्वरूप के नीचे श्री हनुमान महाप्रभु जी का स्वरूप प्रकट हुआ है। जब वे प्रकट हुए तो बाल स्वरूप में थे उनकी आँखें बंद थी लेकिन 02-04-26 से 04-04-26 तक परम श्रद्धेय गुरुदेव जी द्वारा संकल्पित 108 बार हनुमान चालीसा साधना पाठ सम्पन्न कराया गया और उनका संकल्प पूरा होते ही 05-04-26 तिथि को उनकी बाईं आंख खुल गई और अगले दिन उनकी दाई आंख भी खुल गई। अब उनका भी बाल स्वरूप नित्य बदल रहा है । दिनांक 12-05-26 को उनकी बाईं आंख जो सबसे पहले खुली थी उसमें परमेश्वर ओम प्रकट हुए हैं वैसे तो पार्थिव शिवलिंग में तथा जगत जननी मां के अरघा पर अनगिनत परमेश्वर ओम प्रकट हुए हैं लेकिन प्रभु की आंख में पहली बार प्रकट हुए हैं और ये सारे स्वरूप परम श्रद्धेय गुरुदेव जी के ललाट पर प्रकट हो चुके हैं 30 मार्च 2023 को श्री हनुमान महाप्रभु परम श्रद्धेय गुरुदेव जी के ललाट पर प्रकट हो चुके हैं। यह सारी दिव्य घटनाएं परम श्रद्धेय गुरुदेव जी अनुकंपा से ही हम सब को दर्शन दे रही है ।
अनिता कुमारी
🙏
पटना
परम श्रद्धेय गुरुदेव जी को मेरा कोटी कोटी नमन। कल दिनांक 11-05-26 को जैसे ही परम श्रद्धेय गुरुदेव डॉ मनोज कुमार विमल जी पूजा कक्ष में गए हम सभी (मै , मंजू दी, राजेश भैया, राजीव भैया तथा उनके पापा) को बुलाए जैसे ही हम सब घुसे हम सभी ने दिव्य सुगंध की अनुभूति की । पूरा कमरा उस दिव्य सुगंध से भरा हुआ था । उसके बाद हम सभी परम श्रद्धेय गुरुदेव जी ने निर्देशानुसार हीलिंग करने के हॉल में आ गए । जैसे ही मैं हीलिंग करने के लिए चेयर पर बैठी मुझे वही दिव्य सुगंध फिर से आने लगा । मुझे लगा कही यह ओढ़े हुए चादर से तो नहीं आ रहा है मै उसे और वहां रखे सभी चादर को सूंघ कर देखने लगी लेकिन किसी में वह सुगंध नहीं था । फिर मैं हीलिंग करने लगी और पूरे हीलिंग तक वह दिव्य सुगंध मुझे आता रहा कभी वह सुगंध तीव्र हो जाता था तो कभी धीमा लेकिन पूरे टाइम वह सुगंध आता रहा। यह दिव्य सुगंध हर किसी को अलग अलग लगता है किसी को हवन सामग्री का , किसी को लौंग इलायची का , किसी को फूल का तो किसी को चंदन का , पर exact यह दिव्य सुगंध कैसा है कोई नहीं बता सकता है सिर्फ अनुभूति कर सकता है।परम श्रद्धेय गुरुदेव जी की कृपा से मुझे इस दिव्य सुगंध की अनुभूति करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ इसके मै उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद देती हूं।
साधिका
अनिता कुमारी
पटना
12/05/2026
🌟 Understanding the Five Debts of Human Life 🌟.
✨ A must-watch for anyone seeking clarity on life’s spiritual responsibilities and the path to inner awakening.
In this enlightening video, our Revered Gurudev DrManoj Kumar Bimal Ji explores the five debts (Panch Rin) every human is born with and our fundamental duties in life.
Principle of Five Debts:
Parent Debt: Gratitude and duty toward our parents for their care.
Ancestral Debt: Respect for our forefathers.
Guru's Debt: The guru’s debt is most special, leading to self-realization and union with the divine
Divine Debt: Our body embodies 33 divine powers; awakening them and spreading awareness fulfills this debt
True Meaning of Guru Dakshina: Not material gifts, but sharing spiritual wisdom and empowering at least 51 families with knowledge.
Guru’s Duty : Gurudev honors his own debts by spreading yoga and life energy to others.
परम श्रद्धेय गुरुदेव डॉ. मनोज कुमार विमल जी द्वारा मानव जीवन के पाँच ऋण-मूल दायित्व का अंतर्विव परम श्रद्धेय गुरुदेव डॉ. मनोज कुमार विमल जी द्वारा मानव जीवन के पाँच ऋण-मूल दायित्व का अंतर्विवेचना