14/05/2026
Ğîřïŕâj ķûmãř
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Ğîřïŕâj ķûmãř, Sport & recreation, Ranchi.
14/05/2026
30/07/2022
सुहाना मौसम 💙 पतरातु डैम
❤💛💚💙
New post ❤❤❤
🤍 💬 🔂 ⬇️
Like comment share save
Follow👆: AS Mundaa]
Shot on 📲
#️⃣
🌷🌳🌺🌲🥀🌱🌹🍁☘🌿⚘🌾🌻🌵🌼🌴🍃
👆AS Mundaa]
Follow to see more such Nature Explore photo videos
30/07/2022
30/07/2022
झारखण्ड के ऐतिहासिक प्रसिद्ध प्राचीन मंदिरों 🛕🛕
आम्रेश्वर धाम (अंगराबारी शिव मंदिर) खूंटी
खूंटी जिले में स्थित एक शिव मंदिर प्रसिद्ध है जो अंगराबारी शिव मंदिर (आम्रेश्वर धाम) के नाम से जाना जाता है | यह शिव मंदिर राजधानी रांची से 40 - 45 किलोमीटर और खूंटी से 10 - 12 किलोमीटर दूर खूंटी - तोरपा NH 20 पर स्थित है | इस मंदिर का स्थापना लगभग 1985 ई. को हुई थी । जिले का प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र है जो शिव भक्त श्रद्धालुओ और शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है |
आम्रेश्वर धाम
इस मंदिर की विशेषता यह है की इस शिवलिंग की उत्पति एक आम पेड़ के निचे हुई है इसी लिए इसका नाम आम्रेश्वर धाम पड़ा ।
यहाँ सावन के महीने में शिव भक्त और श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ पड़ती है |
30/07/2022
झारखण्ड के ऐतिहासिक प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर 🛕🛕
टूटी झरना प्राचीन शिव मंदिर रामगढ़
झारखंड के रामगढ़ में एक मंदिर ऐसा भी है जहां भगवान शंकर के शिवलिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं. मंदिर की खासियत यह है कि यहां जलाभिषेक साल के बारह महीने और चौबीस घंटे होता है. यह पूजा सदियों से चली आ रही है. माना जाता है कि इस जगह का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है. भक्तों की आस्था है कि यहां पर मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.अंग्रेजों के जमाने से जुड़ा है इतिहास
झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर को लोग टूटी झरना के नाम से जानते है. मंदिर का इतिहास 1925 से जुड़ा हुआ है और माना जात है कि तब अंग्रेज इस इलाके से रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे. पानी के लिए खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के अन्दर कुछ गुम्बदनुमा चीज दिखाई पड़ा. अंग्रेजों ने इस बात को जानने के लिए पूरी खुदाई करवाई और अंत में ये मंदिर पूरी तरह से नजर आया.शिव भगवान की होती है पूजा
मंदिर के अन्दर भगवान भोले का शिव लिंग मिला और उसके ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा मिली. प्रतिमा के नाभी से आपरूपी जल निकलता रहता है जो उनके दोनों हाथों की हथेली से गुजरते हुए शिव लिंग पर गिरता है. मंदिर के अन्दर गंगा की प्रतिमा से स्वंय पानी निकलना अपने आप में एक कौतुहल का विषय बना है.
मां गंगा की जल धारा का रहस्य
सवाल यह है कि आखिर यह पानी अपने आप कहा से आ रहा है. ये बात अभी तक रहस्य बनी हुई है. कहा जाता है कि भगवान शंकर के शिव लिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं. यहां लगाए गए दो हैंडपंप भी रहस्यों से घिरे हुए हैं. यहां लोगों को पानी के लिए हैंडपंप चलाने की जरूरत नहीं पड़ती है बल्कि इसमें से अपने-आप हमेशा पानी नीचे गिरता रहता है. वहीं मंदिर के पास से ही एक नदी गुजरती है जो सूखी हुई है लेकिन भीषण गर्मी में भी इन हैंडपंप से पानी लगातार निकलता रहता है.
दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु
लोग दूर-दूर से यहां पूजा करने आते हैं और साल भर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. श्रद्धालुओं का मानना हैं कि टूटी झरना मंदिर में जो कोई भक्त भगवान के इस अदभुत रूप के दर्शन कर लेता है उसकी मुराद पूरी हो जाती है. भक्त शिवलिंग पर गिरने वाले जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और इसे अपने घर ले जाकर रख लेते हैं. इसे ग्रहण करने के साथ ही मन शांत हो जाता है और दुखों से लड़ने की ताकत मिल जाती है.
तेरी माया तू ही जाने 🙏🚩
#हरहरमहादेव #बोलबम
Kalash Yatra Jay shiv shankar Jay mhakal Jay bholenath
Namste unkle 🙏🙏
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Website
Address
Ranchi
835103