13/07/2026
पहले रोटी सूती कपड़े में रखी जाती थी आज के समय में एल्यूमीनियम फॉयल में ,
क्या हमने सुविधा के लिए सेहत से समझौता कर लिया है?
हमारी दादी नानी रोटियों को हमेशा साफ सूती कपड़े में रखती थी जिससे रोटियां देर तक गरम रहती थी । देर तक नरम एवं मुलायम बनी रहती थी। रोटियों की अतिरिक्त नमी भी निकल जाती थी ।
किन्तु आज हम एल्यूमीनियम फॉयल इस्तेमाल करने लगे हैं यह सुविधाजनक तो ज़रूर है पर हर बार सुविधाजनक सही भी हो ये ज़रूरी नही विशेषकर बहुत गरम भोजन को देर तक एल्यूमीनियम फॉयल में रखना सही नहीं होता । इससे भोजन की अम्लीय या नमकीन प्रकृति के कारण एल्यूमीनियम भोजन में मिल सकता है ।
इसीलिए दादी नानी के तरीके बेहतर थे क्योंकि सूती कपड़ा प्राकृतिक होता था ।
इसमें हवा का हल्का प्रवाह बना रहता है।बार बार धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्लास्टिक और फॉयल की तुलना में पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है।
कभी कभी पुराने तरीकों में ही सीख छिपी रहती है।
सुविधा अच्छी है पर समझदारी उससे भी बेहतर है।
आप रोटी किसमें रखतें हैं सूती कपड़े में या एल्यूमिनियम फॉयल में अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताएं।