Department of Yoga Education, Sagar-MP

Department of Yoga Education, Sagar-MP First full fledged Department in the WORLD, at the University level in Yoga, established in 1959.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी -2026 कृष्ण जन्म उत्सव कार्यक्रम योग शिक्षा विभाग महर्षि पतंजलि भवनडॉक्टर हरि सिंह गौर विश्वविद्या...
07/09/2026

श्री कृष्ण जन्माष्टमी -2026
कृष्ण जन्म उत्सव कार्यक्रम
योग शिक्षा विभाग महर्षि पतंजलि भवन
डॉक्टर हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर मप्र

15 दिवसीय योग शिविर 05 जून से 20 जून 2026 केन्द्रीय जेल सागर, मप्र आयोजक : योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्या...
21/06/2026

15 दिवसीय योग शिविर
05 जून से 20 जून 2026
केन्द्रीय जेल सागर, मप्र
आयोजक : योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर

बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026योग शिक्षा  विभाग, महर्षि पतंजलि भवन डॉ.  हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर (मप्...
21/06/2026

बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
21 जून 2026
योग शिक्षा विभाग, महर्षि पतंजलि भवन
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर (मप्र)


योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है:डॉ. लता वानखेड़े
सागर, 21 जून। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के योग शिक्षा विभाग एवं योग एवं ध्यान केन्द्र द्वारा 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 का मुख्य समारोह रविवार को महर्षि पतंजलि भवन में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं योग साधकों ने सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद माननीया डॉ. लता वानखेड़े उपस्थित रहीं। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का निर्देशन योग शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
प्रातःकालीन सत्र में प्रतिभागियों ने माननीय प्रधानमंत्री के अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस संदेश का सामूहिक श्रवण किया तथा सामान्य योग अभ्यास क्रम के अनुसार योगाभ्यास किया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन के साथ विभागीय कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ तथा अतिथियों का शाल, श्रीफल, पौधा एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत पी.जी. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों देवेश एवं लक्ष्मण द्वारा प्रस्तुत "दीप योग" विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा राजस्थानी एवं छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, एकल नृत्य तथा संगीतमय योगासन की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित जनसमुदाय ने खूब सराहा।
अपने स्वागत उद्बोधन में विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने योग के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए नियमित योगाभ्यास को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय ने योग को अनुशासित एवं संतुलित जीवन का माध्यम बताया, तथा योग की वैज्ञानिक उपयोगिता एवं मानव कल्याण में उसकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि माननीया डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने आज सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य एवं समरसता का संदेश दिया है। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर ने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का सशक्त माध्यम है तथा इसे जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अरुण कुमार साव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. महेन्द्र कुमार शर्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया।

पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “मर्म, एक्यूपंक्चर एवं कपिंग थेरेपी : अवधारणाएँ, तकनीकें एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण” का शुभ...
21/06/2026

पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “मर्म, एक्यूपंक्चर एवं कपिंग थेरेपी : अवधारणाएँ, तकनीकें एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण” का शुभारम्भ

दिनाँक: 15-19 जून 2026

योग शिक्षा विभाग, महर्षि पतंजलि भवन, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर

योग ‘मन’ पर नियंत्रण लाने का एक सुव्यवस्थित विज्ञान है : प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत

सागर, 15 जून। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के योग शिक्षा विभाग एवं योग एवं ध्यान केन्द्र द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “मर्म, एक्यूपंक्चर एवं कपिंग थेरेपी : अवधारणाएँ, तकनीकें एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण” का शुभारम्भ महर्षि पतंजलि भवन में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों के सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक पक्षों से प्रतिभागियों को अवगत कराना है।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के डायरेक्टर ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत थे तथा अध्यक्षता स्कूल ऑफ एजुकेशनल स्टडीज़ के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने की। मर्म चिकित्सा विशेषज्ञ प्रो. अजय दुबे विशिष्ट अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यशाला के संयोजक डॉ. अरुण कुमार साव ने स्वागत उद्बोधन में इसकी रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मर्म चिकित्सा, एक्यूपंक्चर एवं कपिंग थेरेपी जैसी पद्धतियाँ स्वास्थ्य संवर्धन तथा जीवनशैली जनित समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्य अतिथि प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि योग मन पर नियंत्रण स्थापित करने का एक सुव्यवस्थित विज्ञान है तथा भारतीय ज्ञान परम्परा आधारित चिकित्सा पद्धतियों को पुनर्स्थापित करने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएँ अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को भारतीय स्वास्थ्य विज्ञान की समृद्ध परम्पराओं से जोड़ते हैं।

विशेषज्ञ व्याख्यान में प्रो. अजय दुबे ने मर्म चिकित्सा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वैज्ञानिक आधार एवं व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. अनिल कुमार जैन ने योग एवं समन्वित चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा संगीतमय योगासन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। संचालन डॉ. महेन्द्र कुमार शर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. बृजेश सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

योग शिक्षा विभाग में आयुष मंत्रालय द्वारा नई पहल  में भागीदारी 14 जून 2026 21 जून को मनाए जाने वाले 'अंतरराष्ट्रीय योग द...
14/06/2026

योग शिक्षा विभाग में आयुष मंत्रालय द्वारा नई पहल में भागीदारी
14 जून 2026

21 जून को मनाए जाने वाले 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के उपलक्ष्य में योग के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए एक भव्य पहल की गई है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत 'मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान' (MDNIY) और 'हैबिल्ड' के सहयोग से आयोजित ऑनलाइन योग सत्र ने एक नया इतिहास रच दिया है।

हैबिल्ड के संस्थापक के कुशल मार्गदर्शन में हुए इस यूट्यूब लाइव स्ट्रीम में भारत सहित दुनियाभर के लाखों लोगों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। लाखों योग साधकों की इस अभूतपूर्व सहभागिता ने 'गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड' की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए, विश्व पटल पर भारत की सामूहिक योग शक्ति का अद्भुत परिचय दिया है। यह व्यापक जनभागीदारी स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने और योग के वैश्विक प्रसार की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरक कदम है।




#स्वस्थ_आयु_के_लिए_योग

05/06/2026
द्वादश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस–2026 के उपलक्ष्य में योग शिक्षा विभाग में 21 दिवसीय सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण एवं य...
02/06/2026

द्वादश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस–2026 के उपलक्ष्य में योग शिक्षा विभाग में 21 दिवसीय सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण एवं योग जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ
01 जून 2026
योग शिक्षा विभाग,महर्षि पतंजलि भवन
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (मध्य प्रदेश)

योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर द्वारा द्वादश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस–2026 के उपलक्ष्य में आयोजित 21 दिवसीय “सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण एवं योग जागरूकता कार्यक्रम” का शुभारंभ आज विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. अजीत जायसवाल, डायरेक्टर, फैकल्टी अफेयर्स (DoFA) तथा अध्यक्षता योग शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने की। उद्घाटन सत्र का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं योग के प्रथम गुरु आदिनाथ के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।

स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए योग शिक्षा विभाग के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. अरुण कुमार साव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज विश्वभर में समग्र स्वास्थ्य एवं जीवन प्रबंधन की वैज्ञानिक प्रणाली के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम 01 जून से 21 जून 2026 तक संचालित होगा, जिसके अंतर्गत सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण, राष्ट्रीय कार्यशाला, विविध प्रतियोगिताएँ तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय एवं आम नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि प्रो. अजीत जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की ऐसी सांस्कृतिक विरासत है जिसने विश्व को स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का मार्ग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह द्वादश आयोजन विश्व स्तर पर योग की बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है। आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव, चिंता तथा विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं नागरिकों से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आग्रह किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. अनिल कुमार जैन ने कहा कि योग किसी विशेष वर्ग या आयु समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का माध्यम है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा सागर नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी नागरिकों को कार्यक्रम में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया गया है। उन्होंने स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। आगे कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आयोजन को चार चरणों में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण में 01 से 15 जून 2026 तक प्रतिदिन सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें सूक्ष्म व्यायाम, योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं योगनिद्रा का अभ्यास कराया जाएगा। द्वितीय चरण में 15 से 19 जून 2026 तक राष्ट्रीय कार्यशाला शीर्षक “मर्म चिकित्सा, एक्यूपंक्चर एवं कपिंग थेरेपी: संकल्पना, तकनीकें एवं हस्तगत अभ्यास" पर आयोजित होगी, जिसमें योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा, स्वास्थ्य, जीवनशैली प्रबंधन संबंधित विषयों पर व्यवहारिक अभ्यास सत्र होंगे। 19 एवं 20 जून 2026 को भाषण, निबंध, पोस्टर निर्माण, रंगोली तथा भारतीय परंपरागत खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 21 जून 2026 को आयोजित द्वादश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के साथ होगा, जिसमें विश्वविद्यालय परिवार एवं नगरवासी सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे।
योग शिक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी 21 दिनों तक प्रतिदिन प्रातःकाल योग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सहभागिता पूर्णतः निःशुल्क है तथा इच्छुक नागरिक सीधे योग शिक्षा विभाग में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

योग विभाग के विद्यार्थियों – संगीता, अंजली, बादल, मित्रा, प्रिंस, वैष्णवी, लक्ष्मण ने योगासन के संगीतमय कलात्मक अभ्यास की मनोरम प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेन्द्र शर्मा तथा अंत में डॉ. मीनाक्षी ने धन्यवाद ज्ञापन कर आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में स्नातक, स्नातकोत्तर के विद्यार्थी व शोधार्थियों की उपस्तिथि रही।

15 दिवसीय योग स्वास्थ्य शिविरआयोजक: योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (मध्य प्रदेश)योग शिक्षा विभाग,...
29/05/2026

15 दिवसीय योग स्वास्थ्य शिविर
आयोजक: योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (मध्य प्रदेश)

योग शिक्षा विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (मध्य प्रदेश) द्वारा विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से 15 दिवसीय योग स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया गया। इन शिविरों का आयोजन 16 मार्च से 30 अप्रैल 2026 के दौरान सागर जिले के विद्यालयों, छात्रावासों, सामाजिक संस्थाओं, सार्वजनिक स्थलों एवं केंद्रीय जेल में किया गया। शिविरों का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों में योग के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा नियमित योगाभ्यास हेतु प्रेरित करना था।

अंजली पटेल एवं लक्ष्मण लोधी द्वारा दिनांक 16 मार्च 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक संस्कृत महाविद्यालय ब्रह्मचर्याश्रम धर्मश्री, सागर (मध्य प्रदेश) में योग स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को पारंपरिक योग पद्धति के अनुसार अभ्यास कराया गया।
दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक केंद्रीय जेल, सागर (मध्य प्रदेश) में गोलू लोधी एवं महेंद्र चढ़ार द्वारा प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 8:00 बजे तक योग स्वास्थ्य शिविर संचालित किया गया। इसी अवधि में अनु जैन एवं छाया दांगी द्वारा भी केंद्रीय जेल, सागर में योग प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस शिविर में बंदियों को योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया, जिससे उनमें मानसिक शांति एवं सकारात्मकता का विकास हुआ।

नैंसी ठाकुर द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक आर्य समाज कन्या स्कूल, कटरा, सागर (मध्य प्रदेश) में योग स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम एवं विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई।

अंजली पटेल एवं अमन गुप्ता द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक स्नेह नगर पार्क, गोपालगंज, सागर में योग शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नियमित योगाभ्यास के लाभों को समझा।

बादल सिंह यादव एवं वैष्णवी यादव द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक CH Youth and Village Awareness Society, कबीर मानव सेवाधाम बालिका गृह, कुड़ारी, सागर (मध्य प्रदेश) में योग स्वास्थ्य शिविर संचालित किया गया। शिविर के माध्यम से बालिकाओं को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु योगाभ्यास कराया गया।

मित्रा जैन एवं अर्पिता पाठक द्वारा दिनांक 06 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, सागर में योग शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को एकाग्रता, अनुशासन एवं स्वास्थ्य संवर्धन के लिए योगाभ्यास कराया गया।

कृष्णकांत चौरसिया एवं करन द्वारा दिनांक 07 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3, सागर में योग प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने योगाभ्यास में सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की तथा नियमित योग के महत्व को समझा।

सुलेखा अहिरवार एवं पूर्णिमा सिंह द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास, रिमसिरिया, सागर में योग शिविर संचालित किया गया। छात्रावास की छात्राओं ने योगाभ्यास में सक्रिय सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

योगिता एवं संगीता द्वारा दिनांक 30 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक अनुसूचित जनजाति महाविद्यालय कन्या छात्रावास, तहसील सागर में योग स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं को दैनिक जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

रवि एवं अंजली द्वारा दिनांक 06 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक राजीव गांधी पार्क, डी.एन.सी.बी. स्कूल के सामने, सागर में प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से 8:00 बजे तक योग शिविर संचालित किया गया। इस शिविर में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

देवेश पटेल एवं खुशी ठाकुर द्वारा दिनांक 07 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक टैगोर विद्या निकेतन, सागर (मध्य प्रदेश) में योग स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया।

सृष्टि चतुर्वेदी एवं प्रिंस गोस्वामी द्वारा दिनांक 06 अप्रैल 2026 से 16 अप्रैल 2026 तक गुरुकुल S.S.M., मकरोनिया, सागर में योग शिविर संचालित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी प्रदान की गई।

इन सभी योग स्वास्थ्य शिविरों में सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, विभिन्न आसन, प्राणायाम, ध्यान एवं योग निद्रा का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों में योग के प्रति विशेष उत्साह देखा गया तथा शिविरों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ। विद्यार्थियों द्वारा पूर्ण निष्ठा एवं अनुशासन के साथ योग प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे योग शिक्षा विभाग की सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ता प्राप्त हुई।

महाशिवरात्रि पर्व15.02.2026योग शिक्षा विभाग, डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर मप्र
21/02/2026

महाशिवरात्रि पर्व
15.02.2026
योग शिक्षा विभाग, डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर मप्र

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