04/09/2026
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को आगामी टी20 सीरीज के लिए चयनकर्ताओं द्वारा भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया था।
टीम से बाहर रहने के बाद भुवनेश्वर कुमार ने यूपी टी20 (UPT20) लीग के प्लेऑफ मुकाबले में लखनऊ फाल्कन्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट चटकाए।
बीसीसीआई चयन के बाद घरेलू लीग में भुवनेश्वर कुमार का यह घातक प्रदर्शन और आंकड़ों से भरा यह दावा सोशल मीडिया पर वायरल,
03/09/2026
ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग ने विराट कोहली की प्रशंसा करते हुए उन्हें आधुनिक क्रिकेट का सबसे महान बल्लेबाज माना, लेकिन साथ ही सचिन तेंदुलकर की अतुलनीय महानता को सर्वोपरि रखा।
पोंटिंग के अनुसार, अलग-अलग दौर के गेंदबाजों का सामना करने और दशकों तक खेल पर राज करने के कारण सचिन तेंदुलकर केवल एक खिलाड़ी नहीं बल्कि क्रिकेट का एक अद्वितीय युग हैं, जिनकी बराबरी असंभव है।
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना को लेकर दिया गया पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग का यह बयान खेल जगत में पूरी तरह चर्चित,
03/09/2026
साल 2010 में ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जब सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक जड़ने के करीब थे और 198 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब दुनिया भर के प्रशंसक उस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बेताब थे।
उस वक्त दुनिया की सबसे मशहूर क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइन्फो (ESPNcricinfo) पर अचानक 5.5 मिलियन (55 लाख) से अधिक उपयोगकर्ताओं का भारी ट्रैफिक आ गया था, जिसके कारण वेबसाइट के सर्वर अत्यधिक दबाव नहीं झेल पाए और क्रैश हो गए थे।
क्रिकेट इतिहास में पुरुषों के वनडे मैच में पहली बार 200 रन बनने का वह अविश्वसनीय क्षण था, जिसे देखने और लाइव स्कोर अपडेट पाने के लिए इंटरनेट पर यह अभूतपूर्व डिजिटल
02/09/2026
सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में दुनिया के सबसे खौफनाक और महान गेंदबाजों का सामना किया है। ब्रेट ली, ग्लेन मैग्राथ, शोएब अख्तर, वसीम अकरम, वकार यूनिस, शेन वॉर्न, मुथैया मुरलीधरन, एलन डोनाल्ड और कर्टनी वॉल्श जैसे दिग्गजों के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा।
1990 और 2000 के दशक में तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का दबदबा आज के दौर से कहीं ज्यादा कठिन माना जाता था। बिना हेलमेट या कम सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ कठिन पिचों पर भी सचिन ने इन सभी महान गेंदबाजों के खिलाफ शतकीय पारियां खेलीं और प्रभुत्व जमाया।
यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक आधुनिक दौर के बल्लेबाजों से सचिन तेंदुलकर की तुलना करते समय इन परिस्थितियों और घातक गेंदबाजों के खिलाफ उनके रिकॉर्ड का उदाहरण देते हैं।
02/09/2026
नवंबर 2013 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर के करियर के 200वें और अंतिम टेस्ट मैच से पहले वेस्टइंडीज के कप्तान डैरेन सैमी ने कहा था कि वे यहाँ केवल सचिन की विदाई में भाग लेने नहीं आए हैं, बल्कि उनका लक्ष्य भारतीय टीम को कड़ी टक्कर देना और उनकी विदाई को कठिन बनाना है।
मैच की पहली पारी में सचिन तेंदुलकर 74 रन बनाकर बेहद शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। जब डैरेन सैमी ने फर्स्ट स्लिप में नरसिंह देवनारायण की गेंद पर सचिन का कैच पकड़ा, तो पूरा स्टेडियम स्तब्ध रह गया। सचिन का कैच लेने के बाद डैरेन सैमी भी बेहद भावुक हो गए थे और उनकी आँखें नम हो गई थीं।
मैच के बाद सैमी ने स्वीकार किया था कि सचिन तेंदुलकर का कैच लेना उनके जीवन का सबसे भारी और भावुक पल था, क्योंकि वे भी सचिन का बहुत सम्मान करते थे।
01/09/2026
क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का स्थान बेहद अद्वितीय है। दुनिया भर के मैदानों पर जब भी वे मैदान में बल्लेबाजी करने उतरते थे, तो पूरा स्टेडियम और पवेलियन में बैठे दर्शक खड़े होकर (Standing Ovation) तालियों के साथ उनका भव्य स्वागत करते थे।
चाहे लॉर्ड्स (Lord's) का ऐतिहासिक मैदान हो या ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका के स्टेडियम, सचिन के क्रीज पर आते ही विरोधी दर्शक भी उनके सम्मान में खड़े हो जाते थे। यह सम्मान उनकी केवल बल्लेबाजी की कला के लिए नहीं, बल्कि खेल के प्रति उनके समर्पण, निष्ठा और विनम्र स्वभाव के लिए भी दिया जाता था।
तस्वीर में दर्शया गया दृश्य सचिन के इसी अगाध प्रभाव और वैश्विक लोकप्रियता को रेखांकित करता है। विश्व क्रिकेट के इतिहास में ऐसा अभूतपूर्व सम्मान और प्यार पाना बहुत ही विरला है, जो सचिन तेंदुलकर के विशाल व्यक्तित्व को दर्शाता है।
01/09/2026
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का यह ऐतिहासिक गेंदबाजी रिकॉर्ड पूरी तरह से सत्य और ऐतिहासिक आंकड़ों द्वारा प्रामाणिक है। वे विश्व के एकमात्र ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों के 50वें (अंतिम) ओवर में दो बार 6 या उससे कम रनों का सफलतापूर्व बचाव किया है।
पहला मौका 24 नवंबर 1993 (हीरो कप सेमीफाइनल) को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था, जहां उन्होंने अंतिम ओवर में 6 रन का बचाव करते हुए केवल 3 रन दिए और भारत को 2 रन से रोमाचंक जीत दिलाई। दूसरा मौका 29 अक्टूबर 1996 (टाइटन कप) को मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया, जहां सचिन ने अंतिम ओवर में 6 रन बचाते हुए ब्रैड हॉग को रन आउट कर भारत को 5 रन से जीत दिलाई थी।
सचिन तेंदुलकर का यह अनोखा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड उनके महान ऑलराउंड प्रतिभा और दबाव के क्षणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है। क्रिकेट इतिहास में अब तक अन्य कोई भी गेंदबाज वनडे में दो बार अंतिम ओवर में 6 या उससे कम रन का बचाव नहीं कर सका है।
01/09/2026
भारतीय घरेलू क्रिकेट में उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अपनी तूफानी और आक्रामक बल्लेबाजी से एक बार फिर सभी का ध्यान आकर्षित किया है। दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए इस युवा खिलाड़ी ने दोनों पारियों में अपनी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने पहली पारी में महज 81 गेंदों का सामना करते हुए 114 के स्ट्राइक रेट से 92 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। इसके बाद दूसरी पारी में भी अपनी आक्रामक लय को बरकरार रखते हुए उन्होंने 42 गेंदों में 40 रन बनाकर टीम को एक मजबूत आधार प्रदान किया।
कम उम्र में रेड बॉल क्रिकेट में इस तरह का निर्भीक और परिपक्व प्रदर्शन देखकर क्रिकेट प्रशंसक और खेल विशेषज्ञ उनकी लगातार प्रशंसा कर रहे हैं।
31/08/2026
भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) की तुलना को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से साझा की जा रही है। वायरल फोटो में दिखाया गया है कि साल 2017 में एक साक्षात्कार के दौरान ऋषभ पंत ने अपने आदर्श के रूप में एडम गिलक्रिस्ट का नाम लिया था और टेस्ट क्रिकेट में छक्के लगाने की अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने अपने 96 टेस्ट मैचों के करियर में कुल 100 छक्के लगाए थे। वे टेस्ट क्रिकेट इतिहास में 100 या उससे अधिक छक्के जड़ने वाले चुनिंदा दिग्गजों की सूची में शामिल हैं। वहीं, भारत के स्टार बल्लेबाज ऋषभ पंत भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और टेस्ट मैचों में बड़े शॉट लगाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
विश्व टेस्ट क्रिकेट के आधिकारिक सांख्यिकीय रिकॉर्ड्स के अनुसार, एडम गिलक्रिस्ट के नाम 100 टेस्ट छक्के दर्ज हैं। ऋषभ पंत भी अपने टेस्ट करियर में लगातार तेज गति से छक्के जड़ते हुए इस प्रतिष्ठित उपलब्धि और एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी के बेहद करीब पहुँचे हैं। क्रिकेट प्रेमी और मीडिया विश्लेषक पंत के इस प्रेरणादायक सफर की तुलना उनके आदर्श गिलक्रिस्ट से करते हुए लगातार चर्चा कर रहे हैं।
31/08/2026
भारतीय घरेलू क्रिकेट में उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। ईस्ट जोन (East Zone) की ओर से खेलते हुए इस युवा खिलाड़ी ने विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स लगाते हुए तूफानी पारी खेली।
मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 114 के स्ट्राइक रेट से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 81 गेंदों में 92 रनों की शानदार पारी खेली। वे अपने शतक से मात्र 8 रन दूर रह गए और अर्शद (Arshad) की गेंद पर एच दुबे (H Dubey) को कैच थमा बैठे। आउट होने से पहले अपनी इस तेजतर्रार पारी से उन्होंने टीम को एक बेहद मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया था
कम उम्र में रेड बॉल फॉर्मेट में इस तरह के आक्रामक और परिपक्व रवैये को देखकर क्रिकेट फैंस और खेल विशेषज्ञ उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी इस पारी का स्कोरकार्ड और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जहाँ फैंस उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं।