माता पिता हाथ की चक्की से प्रतिदिन आटा पीसते हैं। उनतीसवां दिन।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "तुम तो बसे प्रभु कण कण में" चल रहा है।
मानवेंद्र आज अभी तक सोकर ही नहीं उठा है।
हाथ की चक्की से पीसा आटा कम गर्म होता है, जिससे पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
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माता पिता हाथ की चक्की से प्रतिदिन आटा पीसते हैं। अठ्ठाईसवां दिन।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "हे दुनिया के दाता हमको शक्ति दो" चल रहा है।
मानवेंद्र आज अपनी माँ की गोद से नहीं उतर रहा है।
हाथ की चक्की से पीसा आटा कम गर्म होता है, जिससे पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
Dinesh Sharma
22/05/2026
इस पहेली का उत्तर चक्की (हाथ से चलाने वाली पत्थर की चक्की) है।पहेली की व्याख्या:दो बच्चे (दो भाग): चक्की के दो गोल पत्थर (पाट) होते हैं।एक ही रंग-रूप: दोनों पत्थर दिखने में एक जैसे होते हैं।एक घूमता है, दूसरा स्थिर: चक्की का ऊपर वाला पत्थर घूमता है, जबकि नीचे वाला पत्थर अपनी जगह पर स्थिर रहता है।हमेशा साथ: कार्य करते समय दोनों पत्थर हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।
माता पिता हाथ की चक्की से प्रतिदिन आटा पीसते हैं। सत्ताईसवां दिन।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "ऐसी कमाई कर लो जो कुछ काम आ सके" चल रहा है।
मानवेंद्र आज कपड़े पहनने से मना कर रहा है।
हाथ की चक्की से पीसा आटा कम गर्म होता है, जिससे पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
माता पिता हाथ की चक्की से प्रतिदिन आटा पीसते हैं। छब्बीसवां दिन।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "ओमकार प्रभु नाम जपो" चल रहा है।
आज तो माता जी ने अकेले ही मोर्चा संभाला हुआ है।
हाथ की चक्की से पीसा आटा कम गर्म होता है, जिससे पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
Dinesh Sharma
माता पिता हाथ की चक्की से आटा पीस रहे हैं। पच्चीसवां दिन।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन चल रहा है।
पुत्र मानवेंद्र आज खानपान में व्यस्त हैं।
हाथ की चक्की से पीसा आटा कम गर्म होता है, जिससे पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
Dinesh Sharma
माता पिता हाथ की चक्की से आटा पीस रहे हैं। चौबीसवां दिन
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "हे दुनिया के दाता हमको शक्ति दो" चल रहा है।
पुत्र मानवेंद्र आज अपने तिपहिया स्कूटर की सवारी करने का प्रयास कर रहे हैं।
हाथ की चक्की से पीसा आटा खाने से पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
Dinesh Sharma
माता पिता हाथ की चक्की से आटा पीस रहे हैं। तेईसवां दिन।
आज तो पुत्र मानवेंद्र भी प्रयासरत हैं।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "ओंकार प्रभु नाम जपो" चल रहा है।
पुत्र मानवेंद्र आज खिड़की से बाहर के दर्शन कर रहे हैं।
हाथ की चक्की से पीसा आटा खाने से पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
Dinesh Sharma
माता पिता हाथ की चक्की से आटा पीस रहे हैं। बाईसवां दिन।
background में आर्य जगत के महान भजनोपदेशक दिनेश पथिक जी का मधुर भजन "तेरी खातिर परमपिता ने" चल रहा है।
पुत्र मानवेंद्र आज अपना तिपहिया स्कूटर चलाना चाह रहे हैं।
हाथ की चक्की से पीसा आटा खाने से पोषक तत्वों की मात्रा पूर्ण रूप से बनी रहती है और नाभि से निचले भाग pelvic cavity का सहज व्यायाम भी हो जाता है।
Dinesh Sharma
रविवार के दिन बड़े पुत्र ओंकारेश्वर का जन्मदिवस था।
इस सुअवसर पर सर्वश्रेष्ठ कर्म यज्ञ कर ईश्वर से प्रार्थना की व सभी के लिए सुख की कामना की।
यह परम्परा तो हमारे परिवारों में अवश्य होनी चाहिए कि कम से कम शुभ अवसरों पर तो यज्ञ अवश्य करें।
#यज्ञ
#हवन
#आर्य
#आर्यसमाज
Dinesh Sharma
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